{"_id":"5bf86aafbdec2241891ecf33","slug":"154300694112-kithor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहीद जवान के राजकीय सम्मान के लिए चार घंटे तक अन्तिम संस्कार के लिए करना पड़ा अधिकारियों का इंतजार,ग्रामीणो ने किया हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहीद जवान के राजकीय सम्मान के लिए चार घंटे तक अन्तिम संस्कार के लिए करना पड़ा अधिकारियों का इंतजार,ग्रामीणो ने किया हंगामा
Updated Sat, 24 Nov 2018 02:31 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोविंदपुर शकरपुर निवासी जवान बीती आठ नवंबर को ड्यूटी के दौरान गोली लगने से हो गया था घायल
प्रशासनिक अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर ग्रामीणों ने किया हंगामा, चार घंटे बाद किया जा सका अंतिम संस्कार
सपा नेता अतुल प्रधान ग्रामीणों और परिजनों के साथ धरने पर बैठे
अमर उजाला ब्यूरो
किठौर(मेरठ)। पंजाब के जलालाबाद में ड्यूटी के दौरान पेट में गोली लगने से घायल हुए किठौर क्षेत्र के ग्राम गोविंदपुर शकरपुर निवासी बीएसएफ में जवान ने दम तोड़ दिया। उसका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों का चार घंटे इंतजार करना पड़ा। ग्रामीणों के हंगामे के बाद आनन-फानन में एडीएम ई और एडीएम फाइनेंस मौके पर पहुंचे। इनके बाद अंतिम संस्कार किया गया। इससे पूर्व बीएसएफ के जवानों ने गार्ड ऑफ आनर दिया।
ग्राम गोविंदपुर शकरपुर निवासी सनोज (34) पुत्र नवाब सिंह पंजाब के जलालाबाद में बीएसएफ की 118 बटालियन में कांस्टेबल के पद पर तैनात था। बीती आठ नवंबर को ड्यूटी के दौरान सनोज पेट में गोली लगने से घायल हो गया था। उसे पंजाब के फरीदकोट स्थित गुरु गोविंद सिंह अस्पताल में भर्ती कराया। इसकी जानकारी बीएसएफ हेडक्वार्टर से परिजनों को दी गई। इस पर सनोज की पत्नी जोगिंद्री, कंकरखेड़ा निवासी साला योगेंद्र एवं भतीजा सचिन अस्पताल पहुंचे। योगेंद्र ने बताया कि सनोज आईसीयू में थे। वहीं, भतीजे सचिन ने बताया कि वह बीती 21 नवंबर को अपनी चाची जोगिंद्री को गांव छोड़कर अस्पताल जा रहा था। उसे रास्ते में चाचा सनोज के आखिरी सांस लेने की जानकारी फोन पर मिली। इस पर उसने परिजनों को जानकारी दी। परिजन अस्पताल पहुंचे और बीएसएफ के जवानों के साथ शव लेकर गांव आए। मां राजेश, पत्नी जोगिंद्र बार-बार अचेत हो रही थीं। वहीं, 12 वर्षीय बेटी रिया गुमशुम है। परिजनों ने बताया कि सनोज की पत्नी गर्भवती है। ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर बाहरी छोर पर पहुंचे। वहां जिले का कोई भी प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुंचा। इस पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। इस दौरान सपा नेता अतुल प्रधान भी पहुंच गए। वह प्रशासनिक अधिकारियों बुलाने और पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद , बेटी को नि:शुल्क शिक्षा, मृतक आश्रित को नौकरी की मांग करते हुए धरना देकर बैठ गए। अतुल प्रधान ने फोन करके डीएम से नाराजगी जताई। करीब चार घंटे बाद एडीएम प्रशासन रामचंद्र और एडीएम वित्त आनंद कुमार पहुंचे। उन्होंने बेटी रिया को नि:शुल्क शिक्षा दिलाने का आश्वासन दिया। अन्य मांगों को शासन को भेजकर पूरा कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद भतीजे सचिन ने मुखाग्नि दी। यहां बीएसएफ कमांडेंट हरीश कुमार, सीओ किठौर चक्रपाणी त्रिपाठी, थाना प्रभारी प्रेमचंद शर्मा, सपा नेता अतुल प्रधान, जिला पंचायत सदस्य डॉ. मनोज अधाना, कानूनगो धर्मपाल, पटवारी सचिन सैनी ने जवान को श्रद्धांजलि दी।
जवान सनोज का विवाह 2005 में सरधना के बबकपुर गांव निवासी जोगिंद्री से हुआ था। सनोज कश्मीर, कर्नाटक, असम और केरल आदि कई राज्य में तैनात रहा। सनोज करीब तीन माह पूर्व घर आया था। उसकी पत्नी कंकरखेड़ा में नंगलाताशी स्थित अशोक नगर में भाई योगेंद्र के साथ किराए के मकान में रहती है। उसकी बेटी रिया कक्षा चार में पढ़ती है।
विज्ञापन
भीड़ के लिए मंदिर में कराया एनाउंसमेंट
प्रशासन की नींद तोड़ने के लिए ग्रामीणों ने गांव के मंदिर से अंतिम संस्कार स्थल पर पहुंचने का एनाउंसमेंट कराया। इसके बाद सैकड़ों महिलाएं पहुंच गईं। उन्होंने भी अधिकारियों से जवान सनोज के परिजनों को आर्थिक मदद दिए जाने की मांग की।
पल-पल की जानकारी देते रहे जवान
बीएसएफ के जवान चार घंटे तक खडे़ प्रशासनिक अधिकारियों की बाट जोहते रहे। वहीं, बीएसएफ के दरोगा हरीश कुमार मोबाइल से वीडियोग्राफी कर पल-पल की जानकारी अपने अधिकारियों को देते रहे। प्रशासनिक अधिकारियों के पहुंचने पर जवान सनोज को गार्ड आफ ऑनर दिया गया।
नहीं पहुंचे भाजपाई
जवान के परिजनों को सांत्वना देने कोई भी भाजपाई नहीं पहुंचा। इससे ग्रामीणों में रोष है। इस दौरान सपा नेता अतुल प्रधान उपजिलाधिकारी मवाना अंकुर श्रीवास्तव पर खासे नाराज दिखे।
वर्जन
जवान की शहादत के बारे में सही ढंग से जानकारी बीएसएफ ही दे सकती है। हमारे पास कोई लिखित दस्तावेज नहीं आया। हमें तो सूचना मिली जिस पर राजकीय सम्मान के लिए वहां गए थे- आनंद कुमार एडीएम ( वित्त एवं राजस्व) मेरठ।
विज्ञापन
प्रशासनिक अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर ग्रामीणों ने किया हंगामा, चार घंटे बाद किया जा सका अंतिम संस्कार
सपा नेता अतुल प्रधान ग्रामीणों और परिजनों के साथ धरने पर बैठे
अमर उजाला ब्यूरो
किठौर(मेरठ)। पंजाब के जलालाबाद में ड्यूटी के दौरान पेट में गोली लगने से घायल हुए किठौर क्षेत्र के ग्राम गोविंदपुर शकरपुर निवासी बीएसएफ में जवान ने दम तोड़ दिया। उसका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों का चार घंटे इंतजार करना पड़ा। ग्रामीणों के हंगामे के बाद आनन-फानन में एडीएम ई और एडीएम फाइनेंस मौके पर पहुंचे। इनके बाद अंतिम संस्कार किया गया। इससे पूर्व बीएसएफ के जवानों ने गार्ड ऑफ आनर दिया।
ग्राम गोविंदपुर शकरपुर निवासी सनोज (34) पुत्र नवाब सिंह पंजाब के जलालाबाद में बीएसएफ की 118 बटालियन में कांस्टेबल के पद पर तैनात था। बीती आठ नवंबर को ड्यूटी के दौरान सनोज पेट में गोली लगने से घायल हो गया था। उसे पंजाब के फरीदकोट स्थित गुरु गोविंद सिंह अस्पताल में भर्ती कराया। इसकी जानकारी बीएसएफ हेडक्वार्टर से परिजनों को दी गई। इस पर सनोज की पत्नी जोगिंद्री, कंकरखेड़ा निवासी साला योगेंद्र एवं भतीजा सचिन अस्पताल पहुंचे। योगेंद्र ने बताया कि सनोज आईसीयू में थे। वहीं, भतीजे सचिन ने बताया कि वह बीती 21 नवंबर को अपनी चाची जोगिंद्री को गांव छोड़कर अस्पताल जा रहा था। उसे रास्ते में चाचा सनोज के आखिरी सांस लेने की जानकारी फोन पर मिली। इस पर उसने परिजनों को जानकारी दी। परिजन अस्पताल पहुंचे और बीएसएफ के जवानों के साथ शव लेकर गांव आए। मां राजेश, पत्नी जोगिंद्र बार-बार अचेत हो रही थीं। वहीं, 12 वर्षीय बेटी रिया गुमशुम है। परिजनों ने बताया कि सनोज की पत्नी गर्भवती है। ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर बाहरी छोर पर पहुंचे। वहां जिले का कोई भी प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुंचा। इस पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। इस दौरान सपा नेता अतुल प्रधान भी पहुंच गए। वह प्रशासनिक अधिकारियों बुलाने और पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद , बेटी को नि:शुल्क शिक्षा, मृतक आश्रित को नौकरी की मांग करते हुए धरना देकर बैठ गए। अतुल प्रधान ने फोन करके डीएम से नाराजगी जताई। करीब चार घंटे बाद एडीएम प्रशासन रामचंद्र और एडीएम वित्त आनंद कुमार पहुंचे। उन्होंने बेटी रिया को नि:शुल्क शिक्षा दिलाने का आश्वासन दिया। अन्य मांगों को शासन को भेजकर पूरा कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद भतीजे सचिन ने मुखाग्नि दी। यहां बीएसएफ कमांडेंट हरीश कुमार, सीओ किठौर चक्रपाणी त्रिपाठी, थाना प्रभारी प्रेमचंद शर्मा, सपा नेता अतुल प्रधान, जिला पंचायत सदस्य डॉ. मनोज अधाना, कानूनगो धर्मपाल, पटवारी सचिन सैनी ने जवान को श्रद्धांजलि दी।
विज्ञापन
जवान सनोज का विवाह 2005 में सरधना के बबकपुर गांव निवासी जोगिंद्री से हुआ था। सनोज कश्मीर, कर्नाटक, असम और केरल आदि कई राज्य में तैनात रहा। सनोज करीब तीन माह पूर्व घर आया था। उसकी पत्नी कंकरखेड़ा में नंगलाताशी स्थित अशोक नगर में भाई योगेंद्र के साथ किराए के मकान में रहती है। उसकी बेटी रिया कक्षा चार में पढ़ती है।
विज्ञापन
भीड़ के लिए मंदिर में कराया एनाउंसमेंट
प्रशासन की नींद तोड़ने के लिए ग्रामीणों ने गांव के मंदिर से अंतिम संस्कार स्थल पर पहुंचने का एनाउंसमेंट कराया। इसके बाद सैकड़ों महिलाएं पहुंच गईं। उन्होंने भी अधिकारियों से जवान सनोज के परिजनों को आर्थिक मदद दिए जाने की मांग की।
पल-पल की जानकारी देते रहे जवान
बीएसएफ के जवान चार घंटे तक खडे़ प्रशासनिक अधिकारियों की बाट जोहते रहे। वहीं, बीएसएफ के दरोगा हरीश कुमार मोबाइल से वीडियोग्राफी कर पल-पल की जानकारी अपने अधिकारियों को देते रहे। प्रशासनिक अधिकारियों के पहुंचने पर जवान सनोज को गार्ड आफ ऑनर दिया गया।
नहीं पहुंचे भाजपाई
जवान के परिजनों को सांत्वना देने कोई भी भाजपाई नहीं पहुंचा। इससे ग्रामीणों में रोष है। इस दौरान सपा नेता अतुल प्रधान उपजिलाधिकारी मवाना अंकुर श्रीवास्तव पर खासे नाराज दिखे।
वर्जन
जवान की शहादत के बारे में सही ढंग से जानकारी बीएसएफ ही दे सकती है। हमारे पास कोई लिखित दस्तावेज नहीं आया। हमें तो सूचना मिली जिस पर राजकीय सम्मान के लिए वहां गए थे- आनंद कुमार एडीएम ( वित्त एवं राजस्व) मेरठ।