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तजपुरा गांव में प्रधान के खिलाफ कडी सुरक्षा में हुआ मतदान
Updated Tue, 13 Nov 2018 01:53 AM IST
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मतदान
- फोटो : amar ujala
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बहसूमा। गांव तजपुरा में डीपीआरओ के निर्देश पर सोमवार को प्राथमिक विद्यालय में प्रधान के खिलाफ अविश्वास के लिए ग्रामीणों से जरूरी बहुमत की खातिर हस्ताक्षर कराए। इसके पश्चात बहुमत से भी अधिक हस्ताक्षर होने पर चुनाव अधिकारी ने मतदान कराया। इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से कई थानों की फोर्स तैनात रही। चुनाव अधिकारी ने मतदान के बक्से को सील करके हाईकोर्ट के अग्रिम आदेश तक डीपीआरओ मेरठ कार्यालय में जमा करा दिया। यहां कुल 901 में से 483 मत पडे़।
बता दें कि बीती 15 अक्तूबर को ग्राम प्रधान सतीश कुमार के खिलाफ ग्राम सभा के 11 में से नौ सदस्यों एवं 475 ग्रामीणों ने विकास कार्यों में धांधली, ग्राम सभा की बैठक नहीं बुलाने, सरकारी हैंडपंप नहीं लगवाने, सफाई के लिए डस्टबिन नहीं रखवाने तथा रुपये निकालने का आरोप लगाया था। वहीं, जिला परियोजना अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत होकर ग्राम पंचायात सदस्यों ने इस्तीफा देकर ग्राम प्रधान सतीश के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की मांग की थी। इस पर डीपीआरओ ने ग्राम प्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए 12 नंवबर तिथि घोषित कर मवाना ब्लॉक के एडीओ पंचायत संदीप अग्रवाल को चुनाव अधिकारी नियुक्त कर प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दिए थे। इसे अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
चुनाव अधिकारी संदीप अग्रवाल सोमवार सुबह टीम के साथ ग्राम प्रधान के खिलाफ अविश्वास के लिए मतदान कराने पहुंचे। चुनाव अधिकारी ने ग्रामीणों को बताया कि प्रधान के खिलाफ अविश्वास के लिए दो तिहाई बहुमत की आवश्यकता पड़ती है। उन्होंने बताया कि गांव में कुल मतदाता 901 हैं। मतदान के लिए जरूरी 301 मतदाताओं के हस्ताक्षर की आवश्यकता है। इसके लिए ग्रामीणों से पहले हस्ताक्षर कराए। मतदान के बहुमत के लिए 312 मतदाताओं ने हस्ताक्षर कर कोरम पूरा कर दिया। इसके बाद मतदान की प्रक्रिया प्रारंभ हुई।
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चुनाव अधिकारी संदीप अग्रवाल ने बताया कि प्रधान के पक्ष में मतदान करने वाले मतदाताओं को बैलेट को बॉक्स में कोरा डालना था। प्रधान के खिलाफ मतदाताओं को बैलेट पर मुहर लगाकर बॉक्स में डालना था। मतदान के वोटरों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। चुनाव अधिकारी ने बताया कि शाम चार बजे तक जो भी वोटर स्कूल परिसर में रहेंगे उनके ही मत डाले जाएंगे। चुनाव अधिकारी ने बताया कि ग्राम प्रधान सतीश पर हाईकोर्ट का आदेश है कि 12 नवंबर को वोट तो डाले जाएंगे, लेकिन कोर्ट के अग्रिम आदेश तक बैलेट बॉक्स डीपीआरओ कार्यालय में जमा रहेंगे। कोर्ट के आदेश के बाद बॉक्स खोले जाएंगे। वहीं, थाना प्रभारी रविंद्र कांबोज, फलावदा एसओ करतार सिंह एवं हस्तिनापुर के एसओ धर्मेंद्र कुमार आदि मुस्तैदी से डटे थे। भारी पुलिस बल के चलते चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न हुआ।
ग्राम प्रधान सतीश कुमार का कहना है कि हाईकोर्ट का स्टे 10 दिसंबर 2018 तक का है। इसके बाद जो भी अदालत का आदेश होगा वह मान्य होगा। वहीं, ग्राम सभा सदस्य जोगेंद्र शर्मा, पवन जाटव, उमेश गुर्जर, राजेंद्र व सरोज आदि ग्रामीणों का कहना है कि कोर्ट में अपना पक्ष रखकर प्रधान को हटवाएंगे।
मुख्य बातें
चुनाव अधिकारी एडीओ पंचायत ने बैलेट बॉक्स सील कर डीपीआरओ कार्यालय में रखवाए
चुनाव प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा
हाईकोर्ट के आदेश के बाद ही मतगणना होगी
पति ने मारपीट की
बहसूमा। रामराज निवासी महिला सपना ने बताया कि सोमवार को उसके पति पिंकू ने शराब पीकर उससे गालीगलौज करके मारपीट की। जिसमें वह घायल हो गई। पुलिस ने घायल महिला को हस्तिनापुर सीएचसी भेजा। वहीं, इस संबंध में एसओ रविंद्र कांबोज का कहना है कि मामले की जांचकर कार्रवाई की जाएगी।
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बता दें कि बीती 15 अक्तूबर को ग्राम प्रधान सतीश कुमार के खिलाफ ग्राम सभा के 11 में से नौ सदस्यों एवं 475 ग्रामीणों ने विकास कार्यों में धांधली, ग्राम सभा की बैठक नहीं बुलाने, सरकारी हैंडपंप नहीं लगवाने, सफाई के लिए डस्टबिन नहीं रखवाने तथा रुपये निकालने का आरोप लगाया था। वहीं, जिला परियोजना अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत होकर ग्राम पंचायात सदस्यों ने इस्तीफा देकर ग्राम प्रधान सतीश के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की मांग की थी। इस पर डीपीआरओ ने ग्राम प्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए 12 नंवबर तिथि घोषित कर मवाना ब्लॉक के एडीओ पंचायत संदीप अग्रवाल को चुनाव अधिकारी नियुक्त कर प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दिए थे। इसे अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
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चुनाव अधिकारी संदीप अग्रवाल सोमवार सुबह टीम के साथ ग्राम प्रधान के खिलाफ अविश्वास के लिए मतदान कराने पहुंचे। चुनाव अधिकारी ने ग्रामीणों को बताया कि प्रधान के खिलाफ अविश्वास के लिए दो तिहाई बहुमत की आवश्यकता पड़ती है। उन्होंने बताया कि गांव में कुल मतदाता 901 हैं। मतदान के लिए जरूरी 301 मतदाताओं के हस्ताक्षर की आवश्यकता है। इसके लिए ग्रामीणों से पहले हस्ताक्षर कराए। मतदान के बहुमत के लिए 312 मतदाताओं ने हस्ताक्षर कर कोरम पूरा कर दिया। इसके बाद मतदान की प्रक्रिया प्रारंभ हुई।
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चुनाव अधिकारी संदीप अग्रवाल ने बताया कि प्रधान के पक्ष में मतदान करने वाले मतदाताओं को बैलेट को बॉक्स में कोरा डालना था। प्रधान के खिलाफ मतदाताओं को बैलेट पर मुहर लगाकर बॉक्स में डालना था। मतदान के वोटरों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। चुनाव अधिकारी ने बताया कि शाम चार बजे तक जो भी वोटर स्कूल परिसर में रहेंगे उनके ही मत डाले जाएंगे। चुनाव अधिकारी ने बताया कि ग्राम प्रधान सतीश पर हाईकोर्ट का आदेश है कि 12 नवंबर को वोट तो डाले जाएंगे, लेकिन कोर्ट के अग्रिम आदेश तक बैलेट बॉक्स डीपीआरओ कार्यालय में जमा रहेंगे। कोर्ट के आदेश के बाद बॉक्स खोले जाएंगे। वहीं, थाना प्रभारी रविंद्र कांबोज, फलावदा एसओ करतार सिंह एवं हस्तिनापुर के एसओ धर्मेंद्र कुमार आदि मुस्तैदी से डटे थे। भारी पुलिस बल के चलते चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न हुआ।
ग्राम प्रधान सतीश कुमार का कहना है कि हाईकोर्ट का स्टे 10 दिसंबर 2018 तक का है। इसके बाद जो भी अदालत का आदेश होगा वह मान्य होगा। वहीं, ग्राम सभा सदस्य जोगेंद्र शर्मा, पवन जाटव, उमेश गुर्जर, राजेंद्र व सरोज आदि ग्रामीणों का कहना है कि कोर्ट में अपना पक्ष रखकर प्रधान को हटवाएंगे।
मुख्य बातें
चुनाव अधिकारी एडीओ पंचायत ने बैलेट बॉक्स सील कर डीपीआरओ कार्यालय में रखवाए
चुनाव प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा
हाईकोर्ट के आदेश के बाद ही मतगणना होगी
पति ने मारपीट की
बहसूमा। रामराज निवासी महिला सपना ने बताया कि सोमवार को उसके पति पिंकू ने शराब पीकर उससे गालीगलौज करके मारपीट की। जिसमें वह घायल हो गई। पुलिस ने घायल महिला को हस्तिनापुर सीएचसी भेजा। वहीं, इस संबंध में एसओ रविंद्र कांबोज का कहना है कि मामले की जांचकर कार्रवाई की जाएगी।