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मलियाना गन्ना समिति में पहले ही इंडेंट में मृतक के नाम पर्ची जारी
Updated Mon, 29 Oct 2018 02:32 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सरूरपुर। सहकारी गन्ना विकास समिति मलियाना में पेराई सत्र शुरू होने से पहले ही फर्जीवाड़ा सामने आ गया है। मलियाना गन्ना विकास समिति द्वारा बजाज शुगर मिल किनौनी के लिए जारी पहले ही इंडेंट में कई गांवों के उन किसानों के नाम से पर्ची जारी की गई है। जिन किसानों की काफी समय पहले मौत हो चुकी है। कई साल से बांड बंद होने के बावजूद पर्ची जारी होना गन्ना माफिया की सक्रियता माना जा रहा है। हालांकि गन्ना आयुक्त ने फर्जीवाड़े को लेकर कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी थी।
करीब पांच माह से गन्ना आयुक्त लखनऊ द्वारा विभाग में पारदर्शिता लाने तथा गन्ना पर्चियों में फर्जीवाड़ा रोकने के किए तमाम दावे किए जा रहे थे। हालांकि सहकारी गन्ना विकास समिति मलियाना द्वारा पहले ही दिन जारी किए इंडेंट में रोहटा गांव में कई सालों से मृतकों में बंद बांड पुन: चालू कर उनकी पर्चियां जारी कर दी गईं। संयुक्त गन्ना आयुक्त डॉ. वीबी सिह ने निरीक्षण के दौरान किसानों के गन्ना कलेंडरों की जंाच कर गन्ना विभाग को फर्जीवाडे़ से मूक्त करने करने का दावा किया था। इस बार अकेले मेरठ मंडल में 30 हजार फर्जी बांड पकड़ में आए हैं। जिन्हें तत्काल बंद कर दिया था। गन्ना विभाग द्वारा पारदर्शिता के दावे की पोल रविवार को मलियाना गन्ना समिति द्वारा किनौनी चीनी मिल के गेट का इंडेट जारी करने पर सामने आई। गांव रोहटा निवासी मृतका वीरबाला पत्नी राजवीर की पांच साल पूर्व मौत हो चुकी है। वहीं, जयपाल पुत्र बाबूराम की दस साल पूर्व मौत हो चुकी है। हालांकि इन दोनों किसानों के कई साल से बांड बंद चल रहे थे। इनकी पर्चियां पहले ही इंडेंट में समिति द्वारा जारी कर दी गई है। इसके अतिरिक्त दर्जनों मृतक किसानों के बांड रोहटा गांव में चलने की बात किसानों ने बताई है। इससे किसानों ने आरोप लगाया कि समिति के कर्मचारी अब भी कुछ गन्ना माफिया से मिले हैं। ऐसे में एक बार फिर मलियाना गन्ना समिति में फर्जीवाड़ा सामने आने से किसानों में हड़कंप मच गया।
वर्जन
इस बार पर्ची सिस्टम मिलों के हाथों से निकलकर गन्ना समितियों को दिया गया है। पर्चियों का मास्टर डाटा मिलों ने दिया है। इसमें कुछ गड़बड़ियां मिल रही है। जिन मृतक किसानों के नाम पर्ची जारी हुई है उन्हें रुकवा दिया है। सिस्टम को दुरुस्त किया जा रहा है। -हरपाल सिंह, उप गन्ना आयुक्त मेरठ परिक्षेत्र
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मुख्य बातें
मलियाना गन्ना विकास समिति ने जारी की मृतक किसानों की पर्चियां
प्रदेश स्तर पर की गई कवायद की पोल खुली
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सरूरपुर। सहकारी गन्ना विकास समिति मलियाना में पेराई सत्र शुरू होने से पहले ही फर्जीवाड़ा सामने आ गया है। मलियाना गन्ना विकास समिति द्वारा बजाज शुगर मिल किनौनी के लिए जारी पहले ही इंडेंट में कई गांवों के उन किसानों के नाम से पर्ची जारी की गई है। जिन किसानों की काफी समय पहले मौत हो चुकी है। कई साल से बांड बंद होने के बावजूद पर्ची जारी होना गन्ना माफिया की सक्रियता माना जा रहा है। हालांकि गन्ना आयुक्त ने फर्जीवाड़े को लेकर कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी थी।
करीब पांच माह से गन्ना आयुक्त लखनऊ द्वारा विभाग में पारदर्शिता लाने तथा गन्ना पर्चियों में फर्जीवाड़ा रोकने के किए तमाम दावे किए जा रहे थे। हालांकि सहकारी गन्ना विकास समिति मलियाना द्वारा पहले ही दिन जारी किए इंडेंट में रोहटा गांव में कई सालों से मृतकों में बंद बांड पुन: चालू कर उनकी पर्चियां जारी कर दी गईं। संयुक्त गन्ना आयुक्त डॉ. वीबी सिह ने निरीक्षण के दौरान किसानों के गन्ना कलेंडरों की जंाच कर गन्ना विभाग को फर्जीवाडे़ से मूक्त करने करने का दावा किया था। इस बार अकेले मेरठ मंडल में 30 हजार फर्जी बांड पकड़ में आए हैं। जिन्हें तत्काल बंद कर दिया था। गन्ना विभाग द्वारा पारदर्शिता के दावे की पोल रविवार को मलियाना गन्ना समिति द्वारा किनौनी चीनी मिल के गेट का इंडेट जारी करने पर सामने आई। गांव रोहटा निवासी मृतका वीरबाला पत्नी राजवीर की पांच साल पूर्व मौत हो चुकी है। वहीं, जयपाल पुत्र बाबूराम की दस साल पूर्व मौत हो चुकी है। हालांकि इन दोनों किसानों के कई साल से बांड बंद चल रहे थे। इनकी पर्चियां पहले ही इंडेंट में समिति द्वारा जारी कर दी गई है। इसके अतिरिक्त दर्जनों मृतक किसानों के बांड रोहटा गांव में चलने की बात किसानों ने बताई है। इससे किसानों ने आरोप लगाया कि समिति के कर्मचारी अब भी कुछ गन्ना माफिया से मिले हैं। ऐसे में एक बार फिर मलियाना गन्ना समिति में फर्जीवाड़ा सामने आने से किसानों में हड़कंप मच गया।
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इस बार पर्ची सिस्टम मिलों के हाथों से निकलकर गन्ना समितियों को दिया गया है। पर्चियों का मास्टर डाटा मिलों ने दिया है। इसमें कुछ गड़बड़ियां मिल रही है। जिन मृतक किसानों के नाम पर्ची जारी हुई है उन्हें रुकवा दिया है। सिस्टम को दुरुस्त किया जा रहा है। -हरपाल सिंह, उप गन्ना आयुक्त मेरठ परिक्षेत्र
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मलियाना गन्ना विकास समिति ने जारी की मृतक किसानों की पर्चियां
प्रदेश स्तर पर की गई कवायद की पोल खुली