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200 मीटर भूमि पर 400 क्विंटल गन्ने की खेती, बांड बंद
Updated Wed, 19 Sep 2018 02:16 AM IST
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200 मीटर भूमि पर 400 क्विंटल गन्ने की खेती, बांड बंद
मवाना। गन्ना माफियाओं पर लगाम लगाने के लिए गन्ना विभाग के चल रहे सर्वे में एक सत्ताधारी नेता के दो सौ मीटर भूमि पर चार सौ क्विंटल गन्ना शुगर मिल में डालने का मामला प्रकाश में आया है। मामला प्रकाश में आने के बाद गन्ना विभाग ने सत्ताधारी नेता का बांड बंद कर दिया है।
बताते चले कि लगातार गन्ना माफिया दूसरे किसानों का गन्ना खरीदकर शुगर मिल में डाल देते थे। जिस कारण छोटे किसान मिल में गन्ना डालने से वंचित रह जाते है। गन्ना विभाग द्वारा किए गए सर्वे में मवाना जोन में अब तक 1148 बांड ऐसे मिले जो भूमिहीन व किसान की मृत्यु हो जाने के बाद भी चल रहे थे। इन्हीं बांड में मवाना खुर्द निवासी एक सत्ताधारी नेता का बांड भी पाया गया। जांच में सत्ताधारी नेता की भूमि लगभग 200 मीटर के करीब पाई गई, परंतु उसने फर्जी तरीके से 90 क्विंटल का बांड बनवा रखा था। इसके बावजूद भी इर वर्ष उसने 90 क्विंटल से अधिक गन्ना शुगर मिल में डाला। मामला उस वक्त पकड़ में आया जब सत्ताधारी नेता ने 2017-18 के पेराई सत्र में 400 क्विंटल से अधिक गन्ना शुगर मिल में दस फरवरी तक डाला और पूरा भुगतान प्राप्त कर लिया। मामला पकड़ में आने के बाद बांड बंद कर दिया गया। ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक मवाना शौबीर सिंह ने बताया कि बहुत सारे बांड बंद किए गए है। उनकी जांच चल रही है। सत्ताधारी नेता वाले बांड की अभी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
मवाना। गन्ना माफियाओं पर लगाम लगाने के लिए गन्ना विभाग के चल रहे सर्वे में एक सत्ताधारी नेता के दो सौ मीटर भूमि पर चार सौ क्विंटल गन्ना शुगर मिल में डालने का मामला प्रकाश में आया है। मामला प्रकाश में आने के बाद गन्ना विभाग ने सत्ताधारी नेता का बांड बंद कर दिया है।
बताते चले कि लगातार गन्ना माफिया दूसरे किसानों का गन्ना खरीदकर शुगर मिल में डाल देते थे। जिस कारण छोटे किसान मिल में गन्ना डालने से वंचित रह जाते है। गन्ना विभाग द्वारा किए गए सर्वे में मवाना जोन में अब तक 1148 बांड ऐसे मिले जो भूमिहीन व किसान की मृत्यु हो जाने के बाद भी चल रहे थे। इन्हीं बांड में मवाना खुर्द निवासी एक सत्ताधारी नेता का बांड भी पाया गया। जांच में सत्ताधारी नेता की भूमि लगभग 200 मीटर के करीब पाई गई, परंतु उसने फर्जी तरीके से 90 क्विंटल का बांड बनवा रखा था। इसके बावजूद भी इर वर्ष उसने 90 क्विंटल से अधिक गन्ना शुगर मिल में डाला। मामला उस वक्त पकड़ में आया जब सत्ताधारी नेता ने 2017-18 के पेराई सत्र में 400 क्विंटल से अधिक गन्ना शुगर मिल में दस फरवरी तक डाला और पूरा भुगतान प्राप्त कर लिया। मामला पकड़ में आने के बाद बांड बंद कर दिया गया। ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक मवाना शौबीर सिंह ने बताया कि बहुत सारे बांड बंद किए गए है। उनकी जांच चल रही है। सत्ताधारी नेता वाले बांड की अभी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
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