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जल स्तर घटने खादर के लोगों की कुछ समस्या कम हुई है।
Updated Mon, 10 Sep 2018 02:05 AM IST
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हस्तिनापुर। खादर क्षेत्र में गंगा ने लगभग एक महीने से तबाही मचा रखी है। अब बीते तीन-चार दिन से गंगा का जलस्तर काफी कम हुआ है। इससे लोगों ने राहत की सांस ली। गंगा का जलस्तर तो कम हो गया परंतु बीमारियां पैर पसारने लगी हैं और लोगों की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं।
खादर क्षेत्र में लोग लगभग एक महीने से गंगा के बढ़े जलस्तर और तटबंध टूटने से बाहर आए पानी से परेशान हैं। अब बीते तीन-चार दिन से गंगा का जलस्तर घटा है। हालांकि क्षेत्र के लोगों की परेशानी अभी कम नहीं हुई है। महीन भर से पानी का जमाव होने के कारण बीमारियों ने पैर पसार दिए हैं। जिस कारण क्षेत्र में मलेरिया और उल्टी-दस्त और बुखार आदि बीमारियां पैर पसार रही हैं। जिसकी चपेट में ग्रामीण धीरे-धीरे आते जा रहे हैं। उनका कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को गांव-गांव जाकर कैंप लगाने होंगे। जिसमें बीमार लोगों को उचित इलाज मिल सके। बाढ़ के कारण कई परिवारों की क्षेत्र में स्थिति ऐसी हो चली है कि उनकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर हो गई है। जिस कारण वे निजी डॉक्टर से उपचार नहीं करा सकते हैं। इसलिए अब स्वास्थ्य विभाग को आगे आना होगा। ऐसे बीमार लोगों को समय पर उचित दवा मुहैया करानी होगी। जिससे क्षेत्र में स्थिति को काबू किया जा सके। यदि स्वास्थ्य विभाग जागरूक नहीं हुआ तो क्षेत्र में महामारी फैल सकती है। यहां उल्टी-दस्त, मलेरिया आदि के मरीज अधिकतर देखे जा सकते हैं। बताते चलें कि शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गन्ना राज्यमंत्री सुरेश राणा ने विधायक दिनेश खटीक और जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन मनिंदर पाल सिंह तथा सिंचाई विभाग के अधिकारियों को साथ लेकर बाढ़ग्रस्त क्षेत्र का दौरा किया था। किसानों को जल्द से जल्द मदद दिलवाने का आश्वासन भी दिया। गंगा की बाढ़ के बाद अब क्षेत्र में बीमारियों की बाढ़ आती नजर आ रही है। रणवीर गुर्जर और ध्यान सिंह, विजयपाल, सतनाम, सोनू, शिवकुमार, प्रदीप मान आदि के अनुसार लोगों को क्षेत्र में दर्द दवा की भी बहुत जरूरत है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग को घर-घर जाकर दवा वितरित करनी होगी। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक की टीम बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के पीड़ितों का इलाज कर रही है। उपजिलाधिकारी का कहना है कि क्षेत्र में बाढ़ से होने वाली परेशानियों का समाधान करने में प्रशासन जुटा है।
मुख्य बातें
खादर क्षेत्र में एक माह से खेतों और संपर्क मार्गों पर भरा गंगा का पानी
बाढ़ प्रभावित इलाके में उल्टी-दस्त और मलेरिया के मरीजों की तादाद बढ़ी
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खादर क्षेत्र में लोग लगभग एक महीने से गंगा के बढ़े जलस्तर और तटबंध टूटने से बाहर आए पानी से परेशान हैं। अब बीते तीन-चार दिन से गंगा का जलस्तर घटा है। हालांकि क्षेत्र के लोगों की परेशानी अभी कम नहीं हुई है। महीन भर से पानी का जमाव होने के कारण बीमारियों ने पैर पसार दिए हैं। जिस कारण क्षेत्र में मलेरिया और उल्टी-दस्त और बुखार आदि बीमारियां पैर पसार रही हैं। जिसकी चपेट में ग्रामीण धीरे-धीरे आते जा रहे हैं। उनका कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को गांव-गांव जाकर कैंप लगाने होंगे। जिसमें बीमार लोगों को उचित इलाज मिल सके। बाढ़ के कारण कई परिवारों की क्षेत्र में स्थिति ऐसी हो चली है कि उनकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर हो गई है। जिस कारण वे निजी डॉक्टर से उपचार नहीं करा सकते हैं। इसलिए अब स्वास्थ्य विभाग को आगे आना होगा। ऐसे बीमार लोगों को समय पर उचित दवा मुहैया करानी होगी। जिससे क्षेत्र में स्थिति को काबू किया जा सके। यदि स्वास्थ्य विभाग जागरूक नहीं हुआ तो क्षेत्र में महामारी फैल सकती है। यहां उल्टी-दस्त, मलेरिया आदि के मरीज अधिकतर देखे जा सकते हैं। बताते चलें कि शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गन्ना राज्यमंत्री सुरेश राणा ने विधायक दिनेश खटीक और जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन मनिंदर पाल सिंह तथा सिंचाई विभाग के अधिकारियों को साथ लेकर बाढ़ग्रस्त क्षेत्र का दौरा किया था। किसानों को जल्द से जल्द मदद दिलवाने का आश्वासन भी दिया। गंगा की बाढ़ के बाद अब क्षेत्र में बीमारियों की बाढ़ आती नजर आ रही है। रणवीर गुर्जर और ध्यान सिंह, विजयपाल, सतनाम, सोनू, शिवकुमार, प्रदीप मान आदि के अनुसार लोगों को क्षेत्र में दर्द दवा की भी बहुत जरूरत है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग को घर-घर जाकर दवा वितरित करनी होगी। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक की टीम बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के पीड़ितों का इलाज कर रही है। उपजिलाधिकारी का कहना है कि क्षेत्र में बाढ़ से होने वाली परेशानियों का समाधान करने में प्रशासन जुटा है।
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मुख्य बातें
खादर क्षेत्र में एक माह से खेतों और संपर्क मार्गों पर भरा गंगा का पानी
बाढ़ प्रभावित इलाके में उल्टी-दस्त और मलेरिया के मरीजों की तादाद बढ़ी