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शहीद च्रंदभान प्रदर्शनी में कवि सम्मेलन का आयोजन।
Updated Sun, 09 Sep 2018 02:44 AM IST
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मवाना। शहीद चन्द्रभान प्रदर्शनी में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की याद में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। नजीबाबाद आकाशवाणी के एंकर डॉ. शुभम त्यागी ने कहा कि लगाकर ताज को ठोकर जो सूली पर चढे़ हंसकर, हमारे नौजवानों की जवानी हो तो ऐसी हो।
सम्मेलन की शुरूआत मां शारदे की शान में सरस्वती वंदना से कुमार मुनीश अक्स एवं डॉ. शुभम त्यागी ने संयुक्त से की। गीतकार मनोज कुमार मनोज ने कहा कि बिना बरसे कोई बादल कभी बादल नहीं होता, ना जिसमें प्यार का कोई निशा आचल नहीं होता, सजन की आंख में सजकर कभी देखा नहीं जिसने वो केवल रंग काला है, वो कभी काजल नहीं होता। डॉ. प्रतीक गुप्ता ने कहा कि हंसी खुशी से बिकता है, समान देखिए इंसान से खुश होता है। डॉ. सुदेश जख्मी ने कहा कि दीपक लड़ता है, अंधियारों की सेना से उजियार भर तब सुखद सवेरा आता है, जिसने मौतों के बीच मर्शिया गाया हो, वहीं जन्मों पर गीत प्रेम से गाता है। मशहूर हास्य कवि हुक्का बिजनैारी ने कहा कि एक अधिकारी, एक इंजिनियर और एक ठेकेदार में पता नहीं क्या करार हो गया, सुबह होते ही एक पुल नदी को लेकर फरार हो गया। चेयरमैन अय्यूब कालिया ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरूआत की। अध्यक्षता धनपाल सिंह धनगस ने की एवं संचालन हुक्का बिजनौरी ने किया। यहां सचिव गजेंद्र पाल सिंह, उपाध्यक्ष यूसुफ कुरैशी एवं कोषाध्यक्ष असलम एडवोकेट ने अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट किए।
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सम्मेलन की शुरूआत मां शारदे की शान में सरस्वती वंदना से कुमार मुनीश अक्स एवं डॉ. शुभम त्यागी ने संयुक्त से की। गीतकार मनोज कुमार मनोज ने कहा कि बिना बरसे कोई बादल कभी बादल नहीं होता, ना जिसमें प्यार का कोई निशा आचल नहीं होता, सजन की आंख में सजकर कभी देखा नहीं जिसने वो केवल रंग काला है, वो कभी काजल नहीं होता। डॉ. प्रतीक गुप्ता ने कहा कि हंसी खुशी से बिकता है, समान देखिए इंसान से खुश होता है। डॉ. सुदेश जख्मी ने कहा कि दीपक लड़ता है, अंधियारों की सेना से उजियार भर तब सुखद सवेरा आता है, जिसने मौतों के बीच मर्शिया गाया हो, वहीं जन्मों पर गीत प्रेम से गाता है। मशहूर हास्य कवि हुक्का बिजनैारी ने कहा कि एक अधिकारी, एक इंजिनियर और एक ठेकेदार में पता नहीं क्या करार हो गया, सुबह होते ही एक पुल नदी को लेकर फरार हो गया। चेयरमैन अय्यूब कालिया ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरूआत की। अध्यक्षता धनपाल सिंह धनगस ने की एवं संचालन हुक्का बिजनौरी ने किया। यहां सचिव गजेंद्र पाल सिंह, उपाध्यक्ष यूसुफ कुरैशी एवं कोषाध्यक्ष असलम एडवोकेट ने अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट किए।
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