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जिपं सदस्य की हत्या से सठला में सन्नाटा
Updated Tue, 04 Sep 2018 02:05 AM IST
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मवाना (मेरठ)। बसपा से जिला पंचायत सदस्य दिलशाद की दिल्ली में हत्या होने की जानकारी लगते ही मवाना के सठला गांव में सन्नाटा पसर गया। दिलशाद मूलरूप से सठला गांव का निवासी था। ग्रामीण परिजनों को सांत्वना देने पहुंच रहे थे।
जानकारी के अनुसार दिलशाद पुत्र अब्दुला खां फिलहाल परिवार के साथ दिल्ली के ओखला में रह रहा था। पिता की मौत हो चुकी है। दिलशाद छह बहनों में अकेला भाई था। दिलशाद के रिश्ते के भतीजे वसीम ने बताया कि दिलशाद की पत्नी रिजवाना व बेटी मरियम, बेटा उमर व अंबार भी साथ रह रहे थे। वसीम के अनुसार निकटतम परिजन हत्या की जानकारी मिलते ही दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
पहली बार लड़ा था चुनाव
वसीम ने बताया कि उसके चाचा दिलशाद ने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव पहली बार लड़ा था। बसपा से वार्ड नंबर 34 से चुनाव लड़े दिलशाद ने पहले ही प्रयास में जीत हासिल की थी।
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पार्किंग विवाद में हत्या होने का अंदेशा
दिलशाद की हत्या कहीं पार्किंग विवाद को तो लेकर नहीं हुई, इसको लेकर भी चर्चा है। गांव में चर्चा है कि जिला पंचायत सदस्य दिलशाद का दिल्ली में ही पार्किंग को लेकर कुछ लोगों से लगभग तीन माह पहले विवाद हुआ था। जिसमें दिलशाद, उसके भतीजे साकिब, भांजे तालिब व दोस्त रिजवान को जेल जाना पड़ा था। तभी से सभी जेल में थे। दिलशाद के भतीजे वसीम ने बताया कि दिलशाद आठ दिन पूर्व ही जमानत पर आए थे। सोमवार को उनकी हत्या कर दी गई। हालांकि परिजन अभी इस मामले में कुछ बोलने को तैयार नहीं है। लेकिन माना जा रहा है कि कहीं पार्किंग विवाद में तो उनकी हत्या नहीं हुई। फिलहाल दिल्ली पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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जानकारी के अनुसार दिलशाद पुत्र अब्दुला खां फिलहाल परिवार के साथ दिल्ली के ओखला में रह रहा था। पिता की मौत हो चुकी है। दिलशाद छह बहनों में अकेला भाई था। दिलशाद के रिश्ते के भतीजे वसीम ने बताया कि दिलशाद की पत्नी रिजवाना व बेटी मरियम, बेटा उमर व अंबार भी साथ रह रहे थे। वसीम के अनुसार निकटतम परिजन हत्या की जानकारी मिलते ही दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
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पहली बार लड़ा था चुनाव
वसीम ने बताया कि उसके चाचा दिलशाद ने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव पहली बार लड़ा था। बसपा से वार्ड नंबर 34 से चुनाव लड़े दिलशाद ने पहले ही प्रयास में जीत हासिल की थी।
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पार्किंग विवाद में हत्या होने का अंदेशा
दिलशाद की हत्या कहीं पार्किंग विवाद को तो लेकर नहीं हुई, इसको लेकर भी चर्चा है। गांव में चर्चा है कि जिला पंचायत सदस्य दिलशाद का दिल्ली में ही पार्किंग को लेकर कुछ लोगों से लगभग तीन माह पहले विवाद हुआ था। जिसमें दिलशाद, उसके भतीजे साकिब, भांजे तालिब व दोस्त रिजवान को जेल जाना पड़ा था। तभी से सभी जेल में थे। दिलशाद के भतीजे वसीम ने बताया कि दिलशाद आठ दिन पूर्व ही जमानत पर आए थे। सोमवार को उनकी हत्या कर दी गई। हालांकि परिजन अभी इस मामले में कुछ बोलने को तैयार नहीं है। लेकिन माना जा रहा है कि कहीं पार्किंग विवाद में तो उनकी हत्या नहीं हुई। फिलहाल दिल्ली पुलिस मामले की जांच में जुटी है।