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सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता यूनियन ने प्रमुख सचिव/खाद्य एवं रसद विभाग को भेजा पत्र 17-09-00
Updated Mon, 03 Sep 2018 02:24 AM IST
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सरधना। कस्बे के सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता यूनियन ने ज्वाइंट एवं जिला आपूर्ति एआरओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद विभाग तथा खाद्य आयुक्त को पत्र भेजा है। ईपीओएस मशीनों में कराई हेराफेरी में स्वयं को बचाने के लिए जबरन राशन डीलरों से अपने पक्ष में बयान लेकर उन्हें फंसाने की साजिश रची गई।
राशन डीलरों का कहना है कि जब शासन ने 28 अगस्त को मामला एसटीएफ को सौंप दिया तो अधिकारियों ने अपनी गर्दन बचाने के लिए 30 एवं 31 अगस्त को राशन डीलरों के खिलाफ आपूर्ति विभाग द्वारा मुकदमा दर्ज कराया गया। ईपीओएस में गड़बडी की शिकायत को लेकर वे हाईकोर्ट गए थे। जिस पर आपूर्ति विभाग एवं जिले के आला अधिकारियों ने भी माना था कि ईपीओएस में सुधार की जरूरत है। इस संबंध में शपथपत्र भी दिया था। आपूर्ति विभाग के अधिकारी अपनी गर्दन बचाने को राशन डीलरों को फंसा रहे हैं। अब राशन डीलरों ने भी आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है।
सस्ता गल्ला विक्रेता यूनियन के अध्यक्ष मेहराजुद्दीन ने प्रदेश के प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद विभाग/खाद्य आयुक्त को पत्र भेजा। उन्होंने राशन विक्रेताओं के खिलाफ वितरण में धांधली का मुकदमा दर्ज कराने पर आपूर्ति विभाग को कटघरे में खड़ा किया है। बताया कि ईपीओएस में एक आधार पर कई राशन कार्ड जोडे़ जाने का खुलासा हुआ है। वह राशन डीलर अकेले नहीं कर सकता है। ईपीओएस का पासवर्ड आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के पास रहता है। बिना उनकी मिलीभगत के इतने बडे़ स्तर पर धोखाधड़ी मुमकिन है। वहीं, ईपीओएस मशीन में गड़बड़ी की शिकायत को लेकर 19 जुलाई 2017 में हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की थी। शिकायत में बताया था कि मशीन राशन कार्ड धारक का अंगूठा नहीं पकड़ रही और राशन वितरण में परेशानी होती हैं। इस संबंध में 14 सितंबर 2017 को हाईकोर्ट में डीएम और डीएसओ से शपथ-पत्र मांगा। जिसमें उन्होंने शिकायत को सही बताया और मशीनों में और सुधार की जरूरत बताई। वहीं, शासन द्वारा घोटाले का भंडाफोड़ करते देख आपूर्ति विभाग में हड़कंप है। शासन ने गंभीरता से लेते हुए मामला 28 अगस्त को एसटीएफ के सुपुर्द कर दिया। 29 अगस्त को तमाम जिले के आला अधिकारियों को शासनादेश जारी किया। वहीं, राशन डीलरों का कहना है कि जब 28 अगस्त से मामला एसटीएफ है तो 30 एवं 31 अगस्त को आपूर्ति विभाग द्वारा दर्ज कराए मुकदमे अनुचित हैं। ज्वाइंट कमिश्नर एवं जिला आपूर्ति अधिकारी एआरओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है। इस संबंध में प्रदेश के प्रमुख सचिव खाद्य विभाग को डाक द्वारा पत्र भेजा गया है।
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मुख्य बातें
राशन डीलर यूनियन के अध्यक्ष ने प्रमुख सचिव को भेजा पत्र
राशन डीलरों ने आपूर्ति विभाग की कार्रवाई पर उठाया सवाल
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राशन डीलरों का कहना है कि जब शासन ने 28 अगस्त को मामला एसटीएफ को सौंप दिया तो अधिकारियों ने अपनी गर्दन बचाने के लिए 30 एवं 31 अगस्त को राशन डीलरों के खिलाफ आपूर्ति विभाग द्वारा मुकदमा दर्ज कराया गया। ईपीओएस में गड़बडी की शिकायत को लेकर वे हाईकोर्ट गए थे। जिस पर आपूर्ति विभाग एवं जिले के आला अधिकारियों ने भी माना था कि ईपीओएस में सुधार की जरूरत है। इस संबंध में शपथपत्र भी दिया था। आपूर्ति विभाग के अधिकारी अपनी गर्दन बचाने को राशन डीलरों को फंसा रहे हैं। अब राशन डीलरों ने भी आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है।
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सस्ता गल्ला विक्रेता यूनियन के अध्यक्ष मेहराजुद्दीन ने प्रदेश के प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद विभाग/खाद्य आयुक्त को पत्र भेजा। उन्होंने राशन विक्रेताओं के खिलाफ वितरण में धांधली का मुकदमा दर्ज कराने पर आपूर्ति विभाग को कटघरे में खड़ा किया है। बताया कि ईपीओएस में एक आधार पर कई राशन कार्ड जोडे़ जाने का खुलासा हुआ है। वह राशन डीलर अकेले नहीं कर सकता है। ईपीओएस का पासवर्ड आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के पास रहता है। बिना उनकी मिलीभगत के इतने बडे़ स्तर पर धोखाधड़ी मुमकिन है। वहीं, ईपीओएस मशीन में गड़बड़ी की शिकायत को लेकर 19 जुलाई 2017 में हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की थी। शिकायत में बताया था कि मशीन राशन कार्ड धारक का अंगूठा नहीं पकड़ रही और राशन वितरण में परेशानी होती हैं। इस संबंध में 14 सितंबर 2017 को हाईकोर्ट में डीएम और डीएसओ से शपथ-पत्र मांगा। जिसमें उन्होंने शिकायत को सही बताया और मशीनों में और सुधार की जरूरत बताई। वहीं, शासन द्वारा घोटाले का भंडाफोड़ करते देख आपूर्ति विभाग में हड़कंप है। शासन ने गंभीरता से लेते हुए मामला 28 अगस्त को एसटीएफ के सुपुर्द कर दिया। 29 अगस्त को तमाम जिले के आला अधिकारियों को शासनादेश जारी किया। वहीं, राशन डीलरों का कहना है कि जब 28 अगस्त से मामला एसटीएफ है तो 30 एवं 31 अगस्त को आपूर्ति विभाग द्वारा दर्ज कराए मुकदमे अनुचित हैं। ज्वाइंट कमिश्नर एवं जिला आपूर्ति अधिकारी एआरओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है। इस संबंध में प्रदेश के प्रमुख सचिव खाद्य विभाग को डाक द्वारा पत्र भेजा गया है।
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राशन डीलर यूनियन के अध्यक्ष ने प्रमुख सचिव को भेजा पत्र
राशन डीलरों ने आपूर्ति विभाग की कार्रवाई पर उठाया सवाल