सरधना। नगर के मोहल्ला सराय अफगानान में शनिवार रात मशकूर खान के यहां बज्म-ए-अदब शेरे नशिस्त का आयोजन किया गया। इस मौके पर नगर एवं आसपास के शायरों ने इसमें भाग लिया। जिसकी सदारत मशकूर ने की और मुख्य अतिथि सैय्यद आरिफ अली रहे। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि में इरफान जावेद सिद्धिकी, पूर्व चेयरमैन असद गालिब, शाहवेज अंसारी, सुहेलशाह आदि मौजूद रहे। मंच संचालन फुरकान सरधनवी ने किया। इस मौके पर कलाम व शेरों शायरी पेश की गई। जिसमें शाहिद मिर्जा शाहिद ने कहा कि खुदा जितने बने सब खाक में हैं, मगर तेवर नहीं हैं, आदमी के। डॉ. फुरकान सरधनवी ने कहा कि होश में आओ सताना छोड़ दो, बेकसों पर कहर ढहाना छोड़ दो। याकूब मोहसिन ने कहा कि उलझने मां को बताने की जरूरत किया है, मोम को आंच दिखाने की जरूरत क्या है। इस मौके पर अब्दुल कादिर, जियाऊर्रमान, जीशान कुरैशी, सुहेलशाह, मतलूब खां आदि मौजूद रहे।