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तहसील मुख्यालय से वर्ष-2011 के बाद एक बार फिर जारी हुये कोरी जाति के प्रमाण पत्र

Sun, 05 Aug 2018 01:44 AM IST
Updated Sun, 05 Aug 2018 01:44 AM IST
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तहसील मुख्यालय से वर्ष-2011 के बाद एक बार फिर जारी हुये कोरी जाति के प्रमाण पत्र
सरधना। तहसील में लंबी लड़ाई लड़ने के बाद हिंदू जुलाहा जाति के लोगों को एक बार फिर से कोरी जाति के प्रमाण पत्र जारी होने का रास्ता साफ हो गया है। कुशावली निवासी पूर्व प्रधान ने इस मामले में हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ी। दो अगस्त को उनके ही परिवार के कोरी जाति के दो प्रमाण पत्र तहसील प्रशासन ने जारी कर दिए। वहीं, मीणा जाति के लोगों ने प्रमाण पत्र जारी कराने को लेकर कानूनी लड़ाई तेज करने की बात कही है।
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तहसील में बनने वाले कोरी जाति के प्रमाण पत्र जारी करने पर लगी रोक एक बार फिर से हट गई है। वर्ष 2011 के बाद तहसील प्रशासन ने कोरी एवं मीणा जाति के प्रमाण-पत्र जारी कर दिए थे। इसके लिए तर्क दिया था कि कोरी एवं मीणा जाति के लोग यहां नहीं रहते हैं। जिन लोगों के प्रमाण पत्र जारी हुुए उन्हें आरक्षण का फायदा मिला। जिनके जारी नहीं हुए वे लाभ से वंचित हो गए। इसको लेकर तहसील से लेकर प्रदेश स्तर तक दोनों ही जाति के लोगों ने धरना-प्रदर्शन किए। यह लड़ाई कोरी जाति के प्रमाण पत्र के लिए कुशावली निवासी पूर्व प्रधान जगपाल सिंह ने सुप्रीम कोर्ट तक लड़ी। जिसमें जगपाल सिंह को जीत मिली। जिसमें 2 अगस्त 2018 को जगपाल पुत्र बीरबल सिंह व आदित्य प्रताप सिंह पुत्र जगपाल सिंह के कोरी जाति के जाति प्रमाण पत्र जारी किये गये। जगपाल सिंह व सलावा जन सेवा केंद्र के संचालक आदेश सोम ने कोरी जाति के प्रमाण पत्र जारी होने की जानकारी दी। वहीं, तहसीलदार अश्वनी कुमार ने भी जाति प्रमाण पत्र जारी होने की पुष्टि की। वहीं, मानपुरी निवासी मीणा जाति के रामकुमार मीणा ने बताया कि उनके मीणा जाति के लोग बेगमाबाद, अहमदाबाद व मेहरमती मीणा के साथ टाटा गांव में भी रहते हैं। करीब पांच हजार की जनसंख्या होगी। जाति प्रमाण पत्र केवल 1372 ही जारी हो सके। वर्ष 2011 के बाद उनकी जाति के प्रमाण पत्र जारी होने पर रोक लगी है। वे जाति के प्रमाण पत्र जारी करने की मांग को लेकर उच्चाधिकारियों से मिलेंगे। फिलहाल कोरी जाति के प्रमाण पत्र जारी होने को लेकर हिंदू जुलाहा जाति के लोगों में खुशी की लहर है। जगपाल सिंह ने बताया कि इस लड़ाई में रविंद्र, नत्थू, दबथुवा निवासी सोनू व वीरेंद्र भी उनके साथ रहे। जिस कारण एक बार फिर कोरी जाति के प्रमाण पत्र जारी करने तहसील प्रशासन ने शुरू कर दिये हैं। कोरी जाति के बाद मीणा जाति के लोगों को भी एक बार फिर से उम्मीद जगी है।
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जो भी कोई बुनकर या कोरी जाति के साक्ष्य उपलब्ध करायेगा। उसका जाति प्रमाण पत्र जारी करने में कोई परेशानी नहीं होगी।-अश्वनी कुमार, तहसीलदार सरधना
काफी लंबी लड़ाई के बाद कोरी जाति के प्रमाण पत्र जारी होने शुरू हुए हैं। इससे प्रदेश में काफी लोगों को फायदा होगा। कोरी जाति के प्रमाण पत्र आसानी से जारी हो सकेंगे।-आदेश सोम, सलावा जन सेवा केंद्र संचालक व जगपाल सिंह पूर्व प्रधान कुशावली
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मुख्य बातें
प्रशासन ने वर्ष 2011 में कोरी एवं मीणा जाति के प्रमाण पत्र बनाने पर लगा दी रोक
कुशावली के पूर्व ग्राम प्रधान समेत अन्य से सुप्रीम कोर्ट तक लड़ी लड़ाई
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