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खादर में गंगा का जल स्तर घटने से ग्रामीणों व तहसील प्रशासन ने राहत की सांस महसूस की है।
Updated Sun, 29 Jul 2018 02:12 AM IST
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हस्तिनापुर। खादर में गंगा का जलस्तर घटने से ग्रामीणों तथा तहसील प्रशासन ने राहत की सांस महसूस की है। वहीं, फतहेपुर गांव के समीप पश्चिम दिशा में टूटे तटबंध को दुरुस्त करने के लिए सिंचाई विभाग, मनरेगा मजदूर, ग्रामीण एवं सेवादार जुटे थे। जिसमें बल्ली एवं बोरे लगाने का कार्य तेजी से जारी है। उपजिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव ने तहसील तथा सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया। उपजिलाधिकारी ने बाढ़ चौकियों तथा कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारियों को स्थिति पर निगाह रखने के निर्देश दिए हैं।
गंगा और सोती नदी का जलस्तर आज कुछ कम हुआ। उपजिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव ने बताया कि अब पानी 88 हजार क्यूसेक चल रहा है। इससे खादर क्षेत्र के लोगों ने राहत महसूस की है। हालांकि फतेहपुर के समीप टूटे तटबंध से बह रहे पानी को आज कुछ शांत कराया। इस टूटे तटबंध से अभी कई गांव पानी से घिरे हैं। दूधली, बस्तौरा, मखदूमपुर, लतीफपुर, किशनपुर, मानपुर, शहजादपुर, फतेहपुर प्रेम, शेरपुर, जलालपुर, हटूपुरा समेत कई गांवों के जंगल में बाढ़ का पानी उतरकर कम हो गया है। सीएचसी प्रभारी डॉ. सतीश भास्कर ने सभी बाढ़ चिकित्सा चौकियों का निरीक्षण कर रोगियों की जांच और दवा वितरण करने के निर्देश दिए। साथ ही लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी। वहीं, राजकीय पशु चिकित्सालय के प्रभारी ने पशुपालकों को अपने पशुओं को साफ पानी से चारा धोकर खिलाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पशुओं को मनुष्यों को खिलाया जाने वाला बासी भोजन सामग्री न खिलाएं। इससे पशुओें के बीमार होने का खतरा बना रहता है।
सुबह के समय उपजिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव तहसील एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों की टीम के साथ फतेहपुर में टूटे तटबंध पर पहुंचे। उन्होंने यहां पर मरम्मत के कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि सुबह के समय बारिश के कारण तटबंध की मरम्मत का कार्य रोक दिया गया था। दुपहर के समय बारिश हल्की होने के बाद से मरम्मत कार्य फिर से शुरू कराया गया। उपजिलाधिकारी ने बताया कि काफी हद तक कार्य पूरा हो चुका है। इसे देर शाम तक पूरा कर लिया जाएगा। उपजिलाधिकारी ने बताया कि जल स्तर घटने से फिलहाल स्थिति काबू में है। बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है। जंगलों में अभी भी गंगा का पानी भरा होने से फसलें जलमग्न हैं। वहीं, गांवों के संपर्क रास्तों पर भी जलभराव के हालात हैं। उपजिलाधिकारी ने बाढ़ चौकियों एवं कंट्रोल रूम पर तैनात कर्मचारियों को हर समय मुस्तैद रहने तथा स्थिति पर गंभीरता से नजर बनाए रखने के आदेश दिए हैं। वहीं, तटबंध की मरम्मत की देखरेख के लिए तहसीलदार अशोक कुमार पर मौके पर ही कैंप किए हुए हैं। उपजिलाधिकारी के साथ एसडीओ पकंज जैन, जेई योगेश कुमार, मनोज कुमार समेत कई अधिकारी थे। वहीं, मौके पर कार सेवा वाले बाबा जगतार सिंह व बाबा बूटा सिंह, प्रदीप मान, प्रधान इन्द्र सिंह, पूर्व प्रधान गुरनाम सिंह, मेजर सिंह, टहल सिंह, लाढी सिंह, गुलाब सिंह, गुरमीत सिंह तटबंद की मरम्मत में कार सेवा करने में जुटे हैं।
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तहसीलदार ने जताई नाराजगी
तहसीलदार अशोक कुमार ने मनरेगा के सुपरवाइजर प्रदीप कुमार से कड़ी नाराजगी जताते हुए। तटबंध की मरम्मत के लिए महज 30 मजदूर लेकर पहुंचने को नाकाफी बताया। इनमें से 15 मजदूर काम शुरू होने से पहले ही भोजन करके वहां से चंपत हो गए। जिस पर उन्होंने सुपरवाइजर को चेतावनी भी दी।
मुख्य बातें
उपजिलाधिकारी ने अधीनस्थों के साथ मौके पर पहुंचकर लिया जाएगा
बाढ़ चौकियों और नियंत्रण कक्ष में मुस्तैद रहने के दिए निर्देश
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गंगा और सोती नदी का जलस्तर आज कुछ कम हुआ। उपजिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव ने बताया कि अब पानी 88 हजार क्यूसेक चल रहा है। इससे खादर क्षेत्र के लोगों ने राहत महसूस की है। हालांकि फतेहपुर के समीप टूटे तटबंध से बह रहे पानी को आज कुछ शांत कराया। इस टूटे तटबंध से अभी कई गांव पानी से घिरे हैं। दूधली, बस्तौरा, मखदूमपुर, लतीफपुर, किशनपुर, मानपुर, शहजादपुर, फतेहपुर प्रेम, शेरपुर, जलालपुर, हटूपुरा समेत कई गांवों के जंगल में बाढ़ का पानी उतरकर कम हो गया है। सीएचसी प्रभारी डॉ. सतीश भास्कर ने सभी बाढ़ चिकित्सा चौकियों का निरीक्षण कर रोगियों की जांच और दवा वितरण करने के निर्देश दिए। साथ ही लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी। वहीं, राजकीय पशु चिकित्सालय के प्रभारी ने पशुपालकों को अपने पशुओं को साफ पानी से चारा धोकर खिलाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पशुओं को मनुष्यों को खिलाया जाने वाला बासी भोजन सामग्री न खिलाएं। इससे पशुओें के बीमार होने का खतरा बना रहता है।
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सुबह के समय उपजिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव तहसील एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों की टीम के साथ फतेहपुर में टूटे तटबंध पर पहुंचे। उन्होंने यहां पर मरम्मत के कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि सुबह के समय बारिश के कारण तटबंध की मरम्मत का कार्य रोक दिया गया था। दुपहर के समय बारिश हल्की होने के बाद से मरम्मत कार्य फिर से शुरू कराया गया। उपजिलाधिकारी ने बताया कि काफी हद तक कार्य पूरा हो चुका है। इसे देर शाम तक पूरा कर लिया जाएगा। उपजिलाधिकारी ने बताया कि जल स्तर घटने से फिलहाल स्थिति काबू में है। बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है। जंगलों में अभी भी गंगा का पानी भरा होने से फसलें जलमग्न हैं। वहीं, गांवों के संपर्क रास्तों पर भी जलभराव के हालात हैं। उपजिलाधिकारी ने बाढ़ चौकियों एवं कंट्रोल रूम पर तैनात कर्मचारियों को हर समय मुस्तैद रहने तथा स्थिति पर गंभीरता से नजर बनाए रखने के आदेश दिए हैं। वहीं, तटबंध की मरम्मत की देखरेख के लिए तहसीलदार अशोक कुमार पर मौके पर ही कैंप किए हुए हैं। उपजिलाधिकारी के साथ एसडीओ पकंज जैन, जेई योगेश कुमार, मनोज कुमार समेत कई अधिकारी थे। वहीं, मौके पर कार सेवा वाले बाबा जगतार सिंह व बाबा बूटा सिंह, प्रदीप मान, प्रधान इन्द्र सिंह, पूर्व प्रधान गुरनाम सिंह, मेजर सिंह, टहल सिंह, लाढी सिंह, गुलाब सिंह, गुरमीत सिंह तटबंद की मरम्मत में कार सेवा करने में जुटे हैं।
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तहसीलदार ने जताई नाराजगी
तहसीलदार अशोक कुमार ने मनरेगा के सुपरवाइजर प्रदीप कुमार से कड़ी नाराजगी जताते हुए। तटबंध की मरम्मत के लिए महज 30 मजदूर लेकर पहुंचने को नाकाफी बताया। इनमें से 15 मजदूर काम शुरू होने से पहले ही भोजन करके वहां से चंपत हो गए। जिस पर उन्होंने सुपरवाइजर को चेतावनी भी दी।
मुख्य बातें
उपजिलाधिकारी ने अधीनस्थों के साथ मौके पर पहुंचकर लिया जाएगा
बाढ़ चौकियों और नियंत्रण कक्ष में मुस्तैद रहने के दिए निर्देश