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मेला बूढा-बाबा में देहाती रागनी का कार्यक्रम-पुलिस ने भीड पर फटकारी लाठियां 18-17-23
Updated Mon, 09 Jul 2018 08:44 PM IST
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मेला बूढ़ा बाबा में रागनी कार्यक्रम आयोजित, पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान और विधायक संगीत सोम रहे अतिथि
कलाकारों ने फरमाइश पर नौटंकी की तर्ज पर पेश कीं रागनी
अमर उजाला ब्यूरो
सरधना। मेला बूढ़ा बाबा में रविवार रात कार्यक्रम समिति ने देहाती रागनी कार्यक्रम का आयोजन कराया। कार्यक्रम संगीत संध्या और नौटंकी सरीखा रहा। यहां कलाकारों ने कई फरमाइश पर डांस करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कार्यक्रम देखने आई महिलाओं और बच्चों का हवाला देकर समझाने का प्रयास किया। उधर, पुलिस ने भीड़ को काबू करने के लिए लाठियां फटकारीं।
ऐतिहासिक मेला बूढ़ा बाबा में रविवार रात कार्यक्रम समिति ने रागिनी कार्यक्रम आयोजित कराया। उद्घाटन कर्ता के रूप में पूर्व केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान और मुख्य अतिथि विधायक संगीत सोम रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व चेयरमैन निजाम अंसारी ने की। वहीं, विशिष्ट अतिथि भाजपा नगराध्यक्ष विनोद जैन रहे। समारोह में सपा नेता पंकज जैन ने दीप प्रज्ज्वलन किया। रात लगभग ग्यारह बजे रागिनी कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। पूर्व केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान और विधायक संगीत सोम की मौजूदगी में सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई। मेरठ से आई रागिनी की टीम में रोहित तोमर, आरसी उपाध्याय, अनिता चौधरी, शिवानी गोयल, मुस्कान त्यागी, माही शर्मा, राजकुमार माही, आकांक्षा चौधरी आदि शामिल रहीं। कलाकारों ने सरस्वती वंदना के साथ रागनी कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कुछ देर तो देशभक्ति एवं सांस्कृतिक गीतों पर कलाकारों ने डांस किया। वहीं, उसके बाद भड़कीला नृत्य प्रस्तुत किया। इस बीच पुलिस को कई बार लाठी फटकार कर भीड़ को नियंत्रित करना पड़ा।
भड़काऊ गीतों पर नृत्य
सरधना में 2004 में हुए दंगे के दौरान संगीत संध्या कार्यक्रम बंद कर दिया था। हाल के तीन सालों से संगीत संध्या के स्थान पर रागनी कार्यक्रम प्रस्तुत किया जा रहा है। मेला समिति द्वारा नौटंकी और संगीत संध्या सरीखा कार्यक्रम समिति द्वारा कराया जा रहा है। उधर, रविवार को भड़कीले गीतों पर कलाकारों ने जमकर नृत्य किया। वहीं, कुछ जनप्रतिनिधियों ने कलाकारों पर नोट भी उड़ाये। महिला कलाकारों के साथ मंच पर फोटो खिंचवाने की होड़ मची रही। इस दौरान कुछ लोगों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के भी आरोप लगाए। वहीं, सीओ भी रातभर रागिनी कार्यक्रम का आनंद लेते रहे। इस संबंध में मेला आयोजन समिति के सदस्य साजिद हसन ने बताया कि रागनी कार्यक्रम में भड़काऊ गीतों पर डांस नहीं होना चाहिए था। वहीं, कार्यक्रम समिति अध्यक्ष सभासद पति संजीव पंवार ने कहा कि कार्यक्रम में कोई अश्लीलता नहीं परोसी गई है।
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कलाकारों ने फरमाइश पर नौटंकी की तर्ज पर पेश कीं रागनी
अमर उजाला ब्यूरो
सरधना। मेला बूढ़ा बाबा में रविवार रात कार्यक्रम समिति ने देहाती रागनी कार्यक्रम का आयोजन कराया। कार्यक्रम संगीत संध्या और नौटंकी सरीखा रहा। यहां कलाकारों ने कई फरमाइश पर डांस करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कार्यक्रम देखने आई महिलाओं और बच्चों का हवाला देकर समझाने का प्रयास किया। उधर, पुलिस ने भीड़ को काबू करने के लिए लाठियां फटकारीं।
ऐतिहासिक मेला बूढ़ा बाबा में रविवार रात कार्यक्रम समिति ने रागिनी कार्यक्रम आयोजित कराया। उद्घाटन कर्ता के रूप में पूर्व केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान और मुख्य अतिथि विधायक संगीत सोम रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व चेयरमैन निजाम अंसारी ने की। वहीं, विशिष्ट अतिथि भाजपा नगराध्यक्ष विनोद जैन रहे। समारोह में सपा नेता पंकज जैन ने दीप प्रज्ज्वलन किया। रात लगभग ग्यारह बजे रागिनी कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। पूर्व केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान और विधायक संगीत सोम की मौजूदगी में सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई। मेरठ से आई रागिनी की टीम में रोहित तोमर, आरसी उपाध्याय, अनिता चौधरी, शिवानी गोयल, मुस्कान त्यागी, माही शर्मा, राजकुमार माही, आकांक्षा चौधरी आदि शामिल रहीं। कलाकारों ने सरस्वती वंदना के साथ रागनी कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कुछ देर तो देशभक्ति एवं सांस्कृतिक गीतों पर कलाकारों ने डांस किया। वहीं, उसके बाद भड़कीला नृत्य प्रस्तुत किया। इस बीच पुलिस को कई बार लाठी फटकार कर भीड़ को नियंत्रित करना पड़ा।
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भड़काऊ गीतों पर नृत्य
सरधना में 2004 में हुए दंगे के दौरान संगीत संध्या कार्यक्रम बंद कर दिया था। हाल के तीन सालों से संगीत संध्या के स्थान पर रागनी कार्यक्रम प्रस्तुत किया जा रहा है। मेला समिति द्वारा नौटंकी और संगीत संध्या सरीखा कार्यक्रम समिति द्वारा कराया जा रहा है। उधर, रविवार को भड़कीले गीतों पर कलाकारों ने जमकर नृत्य किया। वहीं, कुछ जनप्रतिनिधियों ने कलाकारों पर नोट भी उड़ाये। महिला कलाकारों के साथ मंच पर फोटो खिंचवाने की होड़ मची रही। इस दौरान कुछ लोगों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के भी आरोप लगाए। वहीं, सीओ भी रातभर रागिनी कार्यक्रम का आनंद लेते रहे। इस संबंध में मेला आयोजन समिति के सदस्य साजिद हसन ने बताया कि रागनी कार्यक्रम में भड़काऊ गीतों पर डांस नहीं होना चाहिए था। वहीं, कार्यक्रम समिति अध्यक्ष सभासद पति संजीव पंवार ने कहा कि कार्यक्रम में कोई अश्लीलता नहीं परोसी गई है।
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