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विदेशी शोधार्थियों ने जाना महाभारतकालीन व जंबूदीप का इतिहास
Updated Sun, 08 Jul 2018 10:28 PM IST
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हस्तिनापुर। देश-विदेश से डॉ. लारिस यूक्रेन, प्रोफेसर केवेडे, हेवटम, सलोमन, हैबटम एवं सोडोमन इथोपिया, जैनसैन कैलिफोर्निया, एलीजाबेथ कैथरेन मैक्सिको, जोसेफ कैलिफोर्निया, चीराथ, पीयूमी श्रीलंका, डॉ. ऐलोसा, ओसुवा, डेविड ब्लैक, डेविड वांडेन, लोइड कोडिन, डॉ. मोबेल यूएसए, आत्मप्रीत देवांज, श्रद्धा, नेहा, डॉ. सुप्रीना श्रीमद राजचंद मिशन धर्मपुर गुजरात, मोरिज लिनहन चेक गणराज्य एवं एसएन पांडे, आशी जैन दिल्ली आदि समेत लगभग 40 शोधार्थी हस्तिनापुर पहुंचे। यहां इनका तिलक लगाकर, अंगवस्त्र एवं जैन साहित्य भेंटकर जंबूद्वीप स्थल पर स्वागत दिगंबर जैन त्रिलोक शोध संस्थान, जम्बूद्वीप हस्तिनापुर के संजय जैन, प. वीरेंद्र कुमार, मनोज कुमार, अनिल जैन, संजीव जैन आदि ने किया। सभी शोधार्थियों ने दो दिन जम्बूद्वीप में रहकर जैन धर्म एवं ऐतिहासिक महाभारतकालीन प्राचीन विषयों पर जानकारी प्राप्त की। यहां पहुंचे शोधार्थियों ने महाभारतकालीन एवं जैन धर्म की तीर्थ नगरी हस्तिनापुर पहुंचकर पर्यटकों ने धार्मिक स्थलों का भ्रमण कर जानकारी जुटाई तथा महाभारतकाल के धार्मिक स्थलों के साथ विदेशी पर्यटकों ने जैन तीर्थ पहुंचकर भगवंतों के दर्शन किए एवं धर्म लाभ अर्जित किया। पर्यटकों ने पौराणिक स्थल की ऐतिहासिकता के बारे में जाना और प्राचीन पांडेश्वर मंदिर, द्रोपदी घाट, कर्ण मंदिर एवं जैन मंदिरों एवं महाभारतकालीन प्राचीन अवशेषों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। पर्यटकों ने परिजनों के साथ खूब लुत्फ उठाया। विदेशी पर्यटकों ने यहां जम्बूद्वीप स्थल पर नौका विहार, ऐरावत हाथी की सवारी की एवं तीन लोक की रचना, कमल मंदिर के दर्शन किए। उन्होंने इसके बाद वन जंगल स्थित सभी निशियांजी पर पहुंचकर भगवंतों के दर्शन कर वहां की धार्मिकता की तमाम जानकारी ली। उन्होंने भगवान महावीर के उपदेश को जम्बूद्वीप स्थित पुस्तकालय में पहुंचकर जाना और चौबीसों तीर्थंकरों के इतिहास के बारे में भी जानकारी हासिल की। इसके अतिरिक्त कैलाश पर्वत, दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर आदि धार्मिक स्थलों का भ्रमण किया। महाभारतकालीन पांडव टीला, राजा रघुनाथ महल, प्राचीन, अंगराज कर्ण मंदिर आदि तीर्थस्थलों का दर्शन भी इन विदेशी पर्यटकों ने किया। टीम के प्रोफेसर क्रिसटोफर चैपल कैलिफोर्निया ने बताया कि उन्हें महाभारतकालीन एवं जैन धर्म के इतिहास की जानकारी काफी समय से थी। उन्होंने यहां आने का मन बना हुआ था। जिससे इस स्थली की पूर्ण जानकारी और यहां प्राचीन मंदिरों एवं भगवंतों के दर्शन करने का उनका मन काफी समय से था। विदेशी पर्यटकों ने सभी धार्मिक मंदिरों के दर्शन कर धर्म लाभ अर्जित किया और ऐतिहासिकता की जानकारी प्राप्त की। यहां के कई मंदिरों में उनका भव्य स्वागत किया गया एवं सभी मंदिरों के इतिहास की जानकारी के साथ कई तरह की पुस्तक भी भेंट की गईं। इससे उन्हें यहां की ऐतिहासिकता का लंबे समय तक ध्यान रहेगा।
मुख्य बातें
मंदिरों में दर्शन कर धर्मलाभ अर्जित किया, भगवान महावीर के बारे में भी जाना
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मुख्य बातें
मंदिरों में दर्शन कर धर्मलाभ अर्जित किया, भगवान महावीर के बारे में भी जाना