{"_id":"5b2d15f84f1c1bf66e8b98b3","slug":"15296814018-kithor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अघोषित विद्घुत कटौती से कस्बा सहित पूरा क्षेत्र बेहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अघोषित विद्घुत कटौती से कस्बा सहित पूरा क्षेत्र बेहाल
Updated Fri, 22 Jun 2018 09:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खरखौदा। अघोषित विद्युत कटौती के चलते कस्बा समेत पूरा क्षेत्र बेहाल है। पारा जैसे-जैसे चढ़ रहा है वैसे विद्युत आपूर्ति धोखा दे रही है। वहीं, फसलें भी सूखने लगी हैं। जिसके चलते किसान आए दिन विद्युत केंद्रों पर बवाल कर रहे हैं।
प्रदेश सरकार नगर और देहात क्षेत्र को भरपूर विद्युत आपूर्ति करने का वादा कर रही है। हालांकि बढ़ते तापमान के चलते आपूर्ति घट रही है। कस्बावासी नगर टैरिफ के मुताबिक बिल अदा कर रहे हैं। हालांकि आपूर्ति ग्रामीण शेड्यूल के मुताबिक दी जा रही है। सरकार देहात क्षेत्र में 18 घंटे आपूर्ति देने का दावा कर रही है। धीरखेड़ा विद्युत उपकेंद्र अंतर्गत करीब दर्जनभर गांवों में आपूर्ति चार से छह घंटे की जा रही है। लो वोल्टेज के चलते जैसे ही आपूर्ति बहाल की जाती है तो लाइन का लोड बढ़ जाता है। इतना ही नहीं जर्जर विद्युत लाइन के तार टूट जाते हैं। धीरखेड़ा विद्युत उपकेंद्र की मशीनें पुुरानी होने के कारण आए दिन खराबी आने से आपूर्ति कभी भी बंद हो जाती है। खरखौदा क्षेत्र में अधिकतर सब्जी की खेती की जाती है। इतने तापमान पर समय-समय पर फसलों की सिंचाई होनी चाहिए। यदि फसल की समय ये सिंचाई नहीं हुई तो वह झुलसकर नष्ट हो जाती है। आपूर्ति कम होने तथा लो वोल्टेज के चलते फसलों की समय से सिंचाई नहीं हो पा रही है। वहीं, धान की फसल की रोपाई भी होनी शुरू हो गई है। बरसात एवं आपूर्ति नहीं होने से धान की रोपाई बाधित हो रही है। कस्बा समेत सभी गांवों के किसान आए दिन विद्युत उपकेंद्रों पर जाकर हंगामा कर रहे हैं। उधर, उपकेंद्रों पर तैनात जेई पीछे से ही कटौती करना बता रहे हैं।
मुख्य बातें
क्षेत्र में धान की रोपाई हो रही है बाधित
सब्जी की फसलों पर भी सिंचाई के अभाव में पड़ रहा कुप्रभाव
विज्ञापन
प्रदेश सरकार नगर और देहात क्षेत्र को भरपूर विद्युत आपूर्ति करने का वादा कर रही है। हालांकि बढ़ते तापमान के चलते आपूर्ति घट रही है। कस्बावासी नगर टैरिफ के मुताबिक बिल अदा कर रहे हैं। हालांकि आपूर्ति ग्रामीण शेड्यूल के मुताबिक दी जा रही है। सरकार देहात क्षेत्र में 18 घंटे आपूर्ति देने का दावा कर रही है। धीरखेड़ा विद्युत उपकेंद्र अंतर्गत करीब दर्जनभर गांवों में आपूर्ति चार से छह घंटे की जा रही है। लो वोल्टेज के चलते जैसे ही आपूर्ति बहाल की जाती है तो लाइन का लोड बढ़ जाता है। इतना ही नहीं जर्जर विद्युत लाइन के तार टूट जाते हैं। धीरखेड़ा विद्युत उपकेंद्र की मशीनें पुुरानी होने के कारण आए दिन खराबी आने से आपूर्ति कभी भी बंद हो जाती है। खरखौदा क्षेत्र में अधिकतर सब्जी की खेती की जाती है। इतने तापमान पर समय-समय पर फसलों की सिंचाई होनी चाहिए। यदि फसल की समय ये सिंचाई नहीं हुई तो वह झुलसकर नष्ट हो जाती है। आपूर्ति कम होने तथा लो वोल्टेज के चलते फसलों की समय से सिंचाई नहीं हो पा रही है। वहीं, धान की फसल की रोपाई भी होनी शुरू हो गई है। बरसात एवं आपूर्ति नहीं होने से धान की रोपाई बाधित हो रही है। कस्बा समेत सभी गांवों के किसान आए दिन विद्युत उपकेंद्रों पर जाकर हंगामा कर रहे हैं। उधर, उपकेंद्रों पर तैनात जेई पीछे से ही कटौती करना बता रहे हैं।
विज्ञापन
मुख्य बातें
क्षेत्र में धान की रोपाई हो रही है बाधित
सब्जी की फसलों पर भी सिंचाई के अभाव में पड़ रहा कुप्रभाव