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डेढ माह बाद भी बच्चों पर किताब नहीं, कैसे सुधरेगा शिक्षा का स्तर

Fri, 11 May 2018 10:24 PM IST
Updated Fri, 11 May 2018 10:24 PM IST
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डेढ माह बाद भी बच्चों पर किताब नहीं, कैसे सुधरेगा शिक्षा का स्तर
खरखौदा। डेढ़ माह पूर्व परिषदीय स्कूलों का नया सत्र शुरू हो चुका है। इसके बावजूद बच्चों को पढ़ने के लिए किताबें नहीं मुहैया कराई जा सकी हैं। हालांकि प्रदेश सरकार परिषदीय स्कूलों का स्तर सुधारने का दावा कर रही है।
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परिषदीय स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने एवं इन स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए मुफ्त किताबें, बैग, यूनिफार्म, जूते एवं दोपहर का भोजन दिए जाने की सुविधा है। वहीं, सरकार प्रचार-प्रसार पर भी करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। इन परिषदीय स्कूलों में जल्द ही चटाई अथवा फर्श की विदाई हो जाएगी। यहां भी बच्चे पब्लिक स्कूलों की तरह कुर्सी-मेज पर बैठकर पढे़ंगे। इसकी व्यवस्था जल्द ही की जा रही है। उधर, सरकार की मंशा इन परिषदीय स्कूलों का पब्लिक स्कूलों से मुकाबला कराने की है। हालांकि लचर व्यवस्था के चलते इन परिषदीय स्कूलों में कोई भी योजना समय से लागू नहीं हो पा रही है। नया शैक्षिक सत्र शुरू हुए करीब डेढ़ माह बीत गया है। परिषदीय स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई के लिए सरकार किताबें उपलब्ध नहीं हो सकी है। यहां बच्चा पहली पास करके दूसरी कक्षा में आता है तो उस बच्चे की किताबें पहली कक्षा में आने वाले बच्चों को दे दी जाती हैं। वहीं, पब्लिक स्कूलों में नए सत्र की तिमाही परीक्षा शुरू होने जा रही है।
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परिषदीय स्कूलों में कम हैं पंजीकरण
इन स्कूलों में जब ग्रामीण क्षेत्र से बच्चे पंजीकरण कराने जाते हैं तो उसकेमाता-पिता को सरकार द्वारा मुफ्त में दी जाने वाली सभी सुविधाओं की जानकारी दी जाती है। हालांकि डेढ़ माह बीतने पर भी बच्चों को किताबें नहीं मिल सकीं हैं। इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होनी निश्चित है। किताबों का समय पर उपलब्ध न होना भी बच्चों के पंजीकरण में कमी का एक बड़ा कारण है। सरकार परिषदीय स्कूलों पर जितना खर्च कर रही है उतना रिजल्ट नहीं मिल पा रहा है।
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परिषदीय स्कूलों के लिए किताबों की खातिर लखनऊ से ही टेंडर छोड़ा जाता है। प्रक्रिया लंबी होने के कारण देरी हो रही है। हालांकि छात्रों को पुरानी किताबों से पढ़ाया जा रहा है। जल्द ही नई किताबें स्कूलों तक पहुंच जाएंगी। -सतेंद्र ढाका, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मेरठ
मुख्य बातें
पुरानी किताबों से पढ़ाया जा रहा है बच्चों को
सुविधाएं शीघ्र दिलाए जाने के प्रति आशान्वित हैं अफसर
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