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कद्दू वर्गीय फसलों को तूफान व बारिश से बचायेगी मचान
Updated Thu, 10 May 2018 02:48 AM IST
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मचान विधि से खेती करें किसान
- कद्दूवर्गीय फसलों को बचाने तूफान से बचाने के लिए उपयुक्त है विधि
मवाना। तूफान व बारिश के डर से इस वक्त कद्दूवर्गीय फसल बोने वाला किसान पूरी तरह भयभीत नजर आ रहा है। ऐसे में तूफान और बारिश से फसलों को बचाने में मचान विधि सफल हो रही है। मचान विधि से खेती करने वाले किसानों का उत्पादन तो बढ़ ही रहा है साथ ही फसलों में आने वाली बीमारियां व कीटों से भी मुक्ति मिल रही है।
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तूफान व बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। किसान मनोज ने बताया कि बारिश व आंधी से कद्दूवर्गीय फसल को बचाने के लिए मचान विधि से खेती करनी चाहिए। मनोज ने बताया कि उसने मचान विधि से खेती कर अपनी कद्दूवर्गीय फसल को सुरक्षित कर लिया था। कृषि वैज्ञानिक डॉ. अनंत ने बताया कि मचान विधि से तोरी, लौकी, करेला, ककड़ी, परवल, टिंडा आदि फसलों की खेती आसानी से की जा सकती है। इस विधि से फलों के रंग एकरूपता में रहते है, जबकि बिना मचान विधि के मिट्टी लगने से फल दो रंग का हो जाता है। उन्होंने बताया कि बारिश के समय में खेतों के भीतर पानी भरने से फल सड़ जाता है व बीमारी और कीट लगने से किसान को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। डॉ. अनंत ने बताया कि मचान विधि से की गई खेती में एक हैक्टेयर में किसान 50 से 60 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन अधिक ले सकता है। इस विधि के द्वारा सिंचाई की आवश्यकता भी कम रहती है और फलों की तुड़ाई भी आसानी से होने के साथ बेल भी क्षतिग्रस्त होने से बच जाती है। क्षेत्र के बहुत से किसान इस विधि से खेती कर अपनी कद्दूवर्गीय फसलों को तूफान व बारिश से बचाने में सुरक्षित रहे।
आंधी के चलते कहीं पेड़ टूटे तो कहीं गुल रही बिजली
मवाना। देहात क्षेत्र में मंगलवार देर रात तेज आंधी व बारिश के कारण कई जगह पेड़ टूट गए तो रात भर बिजली गुल रही। बुधवार को भी दिन भर आसमान में बादल छाए रहे, जिस कारण लोगों में दोबारा आंधी व बारिश आने का भय बना रहा।
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बताते चले कि पूर्व में ही मौसम विभाग ने तेज आंधी व बारिश आने की चेतावनी दे रखी थी। मंगलवार देर रात अचानक धूल भरी तेज आंधी व बारिश के कारण जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। सड़कों पर कई जगह पेड़ टूटकर गिर पड़े। वहीं तेज बारिश आने के चलते बाग ठेकेदारों के आम टूट गए, जिस कारण ठेकेदारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। आंधी के कारण जगह-जगह फाल्ट होने से रात भर बिजली गुल रही, जिस कारण मवाना व देहात क्षेत्र के लोगों को अंधेरे में रात गुजारनी पड़ी। बुधवार को भी दिन भर मौसम ने लोगों के साथ आंख मिचौनी का खेल खेला। आसमान में कभी बादल छाए रहते तो कभी तेज धूप निकल आती। बारिश के बावजूद भी दिन भर उमस के चलते लोग पसीने में लथपथ नजर आए।
कार का शीशा काटकर चोरी की कोशिश
- जाग होने पर भागे चोर
मवाना। हीरालाल रामबाग में मंगलवार देर रात चोरों ने एक कार का शीशा काटकर कार चोरी करने की कोशिश की। परंतु जाग होने पर चोर भाग निकले। पीड़ित ने मामले की जानकारी पुलिस को दी है।
मोहल्ला हीरालाल रामबाग निवासी कपिल सिंह रहेजा ने बताया कि दुकान बंद करके आने के बाद उसने अपनी कार संख्या यूपी 15 बीएम 0218 को रोजाना की तरह घर के बाहर खड़ी कर दी। पीड़ित ने बताया कि बुधवार सुबह जब वह जागा तो उसने देखा कि कार का शीशा कटा हुआ है। पड़ोस में लगे सीसीटीवी की फुटेज चेक करने पर जानकारी मिली कि रात में चोर शीशा काटकर कार चोरी करने की कोशिश कर रहा था। लेकिन जाग होने पर चोर भाग खड़े हुए। पीड़ित ने पुलिस को मामले की जानकारी दी है। पुलिस ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है। बताते चले कि दो दिन पहले ही पुलिस ने मवाना से अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह का खुलासा किया है, इसके बावजूद भी मवाना में वाहन चोरी की घटनाओं पर लगाम नहीं लग पा रही है।
- कद्दूवर्गीय फसलों को बचाने तूफान से बचाने के लिए उपयुक्त है विधि
मवाना। तूफान व बारिश के डर से इस वक्त कद्दूवर्गीय फसल बोने वाला किसान पूरी तरह भयभीत नजर आ रहा है। ऐसे में तूफान और बारिश से फसलों को बचाने में मचान विधि सफल हो रही है। मचान विधि से खेती करने वाले किसानों का उत्पादन तो बढ़ ही रहा है साथ ही फसलों में आने वाली बीमारियां व कीटों से भी मुक्ति मिल रही है।
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तूफान व बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। किसान मनोज ने बताया कि बारिश व आंधी से कद्दूवर्गीय फसल को बचाने के लिए मचान विधि से खेती करनी चाहिए। मनोज ने बताया कि उसने मचान विधि से खेती कर अपनी कद्दूवर्गीय फसल को सुरक्षित कर लिया था। कृषि वैज्ञानिक डॉ. अनंत ने बताया कि मचान विधि से तोरी, लौकी, करेला, ककड़ी, परवल, टिंडा आदि फसलों की खेती आसानी से की जा सकती है। इस विधि से फलों के रंग एकरूपता में रहते है, जबकि बिना मचान विधि के मिट्टी लगने से फल दो रंग का हो जाता है। उन्होंने बताया कि बारिश के समय में खेतों के भीतर पानी भरने से फल सड़ जाता है व बीमारी और कीट लगने से किसान को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। डॉ. अनंत ने बताया कि मचान विधि से की गई खेती में एक हैक्टेयर में किसान 50 से 60 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन अधिक ले सकता है। इस विधि के द्वारा सिंचाई की आवश्यकता भी कम रहती है और फलों की तुड़ाई भी आसानी से होने के साथ बेल भी क्षतिग्रस्त होने से बच जाती है। क्षेत्र के बहुत से किसान इस विधि से खेती कर अपनी कद्दूवर्गीय फसलों को तूफान व बारिश से बचाने में सुरक्षित रहे।
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आंधी के चलते कहीं पेड़ टूटे तो कहीं गुल रही बिजली
मवाना। देहात क्षेत्र में मंगलवार देर रात तेज आंधी व बारिश के कारण कई जगह पेड़ टूट गए तो रात भर बिजली गुल रही। बुधवार को भी दिन भर आसमान में बादल छाए रहे, जिस कारण लोगों में दोबारा आंधी व बारिश आने का भय बना रहा।
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बताते चले कि पूर्व में ही मौसम विभाग ने तेज आंधी व बारिश आने की चेतावनी दे रखी थी। मंगलवार देर रात अचानक धूल भरी तेज आंधी व बारिश के कारण जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। सड़कों पर कई जगह पेड़ टूटकर गिर पड़े। वहीं तेज बारिश आने के चलते बाग ठेकेदारों के आम टूट गए, जिस कारण ठेकेदारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। आंधी के कारण जगह-जगह फाल्ट होने से रात भर बिजली गुल रही, जिस कारण मवाना व देहात क्षेत्र के लोगों को अंधेरे में रात गुजारनी पड़ी। बुधवार को भी दिन भर मौसम ने लोगों के साथ आंख मिचौनी का खेल खेला। आसमान में कभी बादल छाए रहते तो कभी तेज धूप निकल आती। बारिश के बावजूद भी दिन भर उमस के चलते लोग पसीने में लथपथ नजर आए।
कार का शीशा काटकर चोरी की कोशिश
- जाग होने पर भागे चोर
मवाना। हीरालाल रामबाग में मंगलवार देर रात चोरों ने एक कार का शीशा काटकर कार चोरी करने की कोशिश की। परंतु जाग होने पर चोर भाग निकले। पीड़ित ने मामले की जानकारी पुलिस को दी है।
मोहल्ला हीरालाल रामबाग निवासी कपिल सिंह रहेजा ने बताया कि दुकान बंद करके आने के बाद उसने अपनी कार संख्या यूपी 15 बीएम 0218 को रोजाना की तरह घर के बाहर खड़ी कर दी। पीड़ित ने बताया कि बुधवार सुबह जब वह जागा तो उसने देखा कि कार का शीशा कटा हुआ है। पड़ोस में लगे सीसीटीवी की फुटेज चेक करने पर जानकारी मिली कि रात में चोर शीशा काटकर कार चोरी करने की कोशिश कर रहा था। लेकिन जाग होने पर चोर भाग खड़े हुए। पीड़ित ने पुलिस को मामले की जानकारी दी है। पुलिस ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है। बताते चले कि दो दिन पहले ही पुलिस ने मवाना से अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह का खुलासा किया है, इसके बावजूद भी मवाना में वाहन चोरी की घटनाओं पर लगाम नहीं लग पा रही है।