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गन्ने की फसल में कन्सूवा कीट का प्रकोप
Updated Thu, 10 May 2018 02:48 AM IST
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समय पर फसलों की सिंचाई करें किसान
बहसूमा। मौड कला गांव में किसान नेपाल सिंह के आवास पर हुई किसान गोष्ठी में किसानों को कन्सूवा कीट एवं ब्लैक बग से फसलों को बचाने की जानकारी दी गई।
किसान गोष्ठी में एग्रीफोर्ट टैक्नोलाजिस के कृषि विशेषज्ञ मुकेश सिंह ने बताया कि इस समय गन्ने की फसल की देखभाल के लिए किसानों को पौधे एवं पेडी की सिंचाई करनी आवश्यक है। जिन किसानों ने गन्ने की सिंचाई कर दी है। वे अच्छे फुटाव के लिए यूरिया के साथ गन्ने में कार्बनिक खाद न्यूट्रीफ्लैक्स दानेदार 10 किलो प्रति एकड़ मात्रा के साथ सल्फर व जिंक खादों का प्रयोग करना चाहिए। क्षेत्र में पाए गए मिट्टी के नमूनों के मुताबिक बहसूमा क्षेत्र की मिट्टी में ऑर्गेनिक नाइट्र्रोजन, आर्गेनिक कार्बन व सल्फर की कमी पाई गई है।
स्वामी कल्याण देव केंद्र प्रभारी ओमबीर सिंह ने बताया कि गन्ने की फसल में सिचांई के बाद खरपतवार उगने शुरू हो जाते है। जो फसल को काफी नुकसान पहुंचाते है। खरपतवार नियंत्रण के लिए गन्ने की फसल की फसल की खुदाई एवं जुताई करते रहना चाहिए। कन्सूवा कीट एवं सुंडी से होने वाले नुकसान गन्ने की पैदावार को काफी हानि पहुंचाते है। इस समय गन्ने की फसल में कन्सूवा एवं ब्लैक बग कीट का तारी प्रकोप देखा जा रहा है। कन्सुवा कीट की रोकथाम के लिए 10 किलो कारटाप हाइड्रो क्लोराइड को पानी के साथ प्रयोग करने से कन्सूवा कीट से बचाया जा सकता है। ब्लैक बग कीट की पहचान गन्ने की नई पत्तियां के अंदर पाया जाता है और यह कीट गन्ने की नई पत्तियों का रस चूसकर हानि पहुंचाता है। जिससे पुरी फसल पीली दिखाई देने लगती है। इस कीट की रोकथाम के लिए एमीडा क्लोरोफिल 17.8 एसएल की 100 एमएल मात्रा एवं प्रोफिनोफोस दवा की 250 एमएल की मात्रा को 125 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें। इस मौके पर नैपाल सिंह, जयबीर सिंह, महकार सिंह, कृष्णपाल देशवाल, कपिल कुमार, प्रदीप डायरेक्टर, हरबीर सिंह आदि रहे।
एलटी लाइन में उतरे करंट से संविदाकर्मी की मौत
- शाहपुर के जंगल में आंधी से टूटे तारों को शटडाउन लेकर जोड़ने गया था संविदाकर्मी
-परिजनों व ग्रामीणों ने आर्थिक मदद और एक सदस्य की नौकरी की मांग को लेकर बिजलीघर पर दिया धरना
बहसूमा। शाहपुर के जंगल में बुधवार को संविदाकर्मी की एलटी लाइन में झुलसने से मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने विद्युत विभाग पर लापरवाही का आरोप लगा हंगामा किया। जेई द्वारा परिवार को हरसंभव मदद के आश्वासन पर शव को पोस्टमार्टम हाउस भेजा। जेई के घटनास्थल से खिसकने से गुस्साए ग्रामीणों ने बहसूमा बिजली घर पर परिवार के एक सदस्य को विद्युत विभाग में नौकरी व आर्थिक मदद के लिए पांच लाख रुपये की मांग को लेकर धरना शुरू किया। कई बार एसडीओ के धरना स्थल पर पहुंचने की बात भी सामने आई लेकिन कोई नहीं पहुंचा।
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जेई सु्रेंद्र कुमार ने बताया कि शाहपुर निवासी राकेश (45) पुत्र जय सिंह बहसूमा बिजलीघर पर सविंदा कर्मचारी के रुप में तैनात है। बुधवार को शाहपुर के जंगल में एलटी लाइन के तारों को जोड़ने गया था। एलटी लाइन के ऊपर से हाईटेंशन की लाइन जा रही है। सविंदा कर्मचारी राकेश ने शाहपुर से सुबह सात बजे शटडाउन लिया था। इसी दौरान तार जोड़ते वक्त विद्युत आपूर्ति आ गई तथा लाइनमैन राकेश खंभे के ऊपर लाइन पर बुरी तरह झुलस गया। तार खिंचवा रहे किसानों ने बिजली घर में सूचना देकर लाइन बंद कराई लेकिन तब तक राकेश की मौत हो चुकी थी।
सूचना पर पहुंचे ग्रामीणों ने विद्युत विभाग पर लापरवाही का आरोप लगा हंगामा किया। जेई सुरेंद्र कुमार ने विभाग से हर सभंव मदद का आश्वासन दिया और वहां से चले गए। जेई के वहां से चले जाने पर ग्रामीण व परिजनों का गुस्सा भड़कर गया। पुलिस ने जैसे-तैसे मामला शांत किया। इसके बाद उच्चाधिकारियों से वार्ता कर विभाग से परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाने व परिवार के सदस्य को विभाग में लगाने पर हंगामा खत्म हुआ। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम हाउस भिजवाया गया। शव के पोस्टमार्टम हाउस जाने के बाद विद्युत विभाग के ढुलमूल रवैये से नाराज ग्रामीणों व परिजन सैकड़ों की संख्या में एकत्र हो बहसूमा बिजलीघर पर पहुंचे तथा परिवार को आर्थिक सहायता के लिए विभाग से पांच लाख रुपये का चेक व परिवार के सदस्य को नौकरी देने की मांग पर अड़ गए। इस दौरान बिजलीघर पर तैनात एसएसओ दरवाजा बंद कर गायब हो गया। घंटों इंतजार के बाद जब कोई विभागीय अधिकारी उनसे वार्ता करने नहीं पहुंचा तो ग्रामीण बिजलीघर पर दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए। धरने की सूचना से विभाग में खलबली मच गई। तुरंत एसडीओ वंशराज ने पांच लोगों को वार्ता के लिए मवाना डिवीजन में बुलवा लिया। खबर लिखे जाने तक ग्रामीणों का धरना जारी था। हादसे के बाद मृतक राकेश के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। उसके पुत्र अमर, अनुज व पुत्री वर्षा तथा पत्नी लतेश दहाडे़ मारकर विलाप कर रहे थे।
विभाग का खेल
बहसूमा। विद्युत विभाग के जेई व विभाग लाइन कर्मचारियों को संविदा कर्मचारी बता रहे है। लेकिन सूत्रों के मुताबिक सभी बिजलीघरों पर तैनात लाइन मैन ठेकेदारों ने निविदा कर्मचारी के रूप में विद्युत लाइन के फाल्ट के लिए रखा गया है। किसी भी कर्मचारी पर कोई ऐसा प्रमाण नहीं है जिसकी वे सविंदाकर्मी के रूप में पुष्टि कर सके।
खास बातें:
किसाना गोष्ठी में कन्सूवा कीट व ब्लैग बग से फसलों को बचाने की दी जानकारी
बहसूमा। मौड कला गांव में किसान नेपाल सिंह के आवास पर हुई किसान गोष्ठी में किसानों को कन्सूवा कीट एवं ब्लैक बग से फसलों को बचाने की जानकारी दी गई।
किसान गोष्ठी में एग्रीफोर्ट टैक्नोलाजिस के कृषि विशेषज्ञ मुकेश सिंह ने बताया कि इस समय गन्ने की फसल की देखभाल के लिए किसानों को पौधे एवं पेडी की सिंचाई करनी आवश्यक है। जिन किसानों ने गन्ने की सिंचाई कर दी है। वे अच्छे फुटाव के लिए यूरिया के साथ गन्ने में कार्बनिक खाद न्यूट्रीफ्लैक्स दानेदार 10 किलो प्रति एकड़ मात्रा के साथ सल्फर व जिंक खादों का प्रयोग करना चाहिए। क्षेत्र में पाए गए मिट्टी के नमूनों के मुताबिक बहसूमा क्षेत्र की मिट्टी में ऑर्गेनिक नाइट्र्रोजन, आर्गेनिक कार्बन व सल्फर की कमी पाई गई है।
स्वामी कल्याण देव केंद्र प्रभारी ओमबीर सिंह ने बताया कि गन्ने की फसल में सिचांई के बाद खरपतवार उगने शुरू हो जाते है। जो फसल को काफी नुकसान पहुंचाते है। खरपतवार नियंत्रण के लिए गन्ने की फसल की फसल की खुदाई एवं जुताई करते रहना चाहिए। कन्सूवा कीट एवं सुंडी से होने वाले नुकसान गन्ने की पैदावार को काफी हानि पहुंचाते है। इस समय गन्ने की फसल में कन्सूवा एवं ब्लैक बग कीट का तारी प्रकोप देखा जा रहा है। कन्सुवा कीट की रोकथाम के लिए 10 किलो कारटाप हाइड्रो क्लोराइड को पानी के साथ प्रयोग करने से कन्सूवा कीट से बचाया जा सकता है। ब्लैक बग कीट की पहचान गन्ने की नई पत्तियां के अंदर पाया जाता है और यह कीट गन्ने की नई पत्तियों का रस चूसकर हानि पहुंचाता है। जिससे पुरी फसल पीली दिखाई देने लगती है। इस कीट की रोकथाम के लिए एमीडा क्लोरोफिल 17.8 एसएल की 100 एमएल मात्रा एवं प्रोफिनोफोस दवा की 250 एमएल की मात्रा को 125 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें। इस मौके पर नैपाल सिंह, जयबीर सिंह, महकार सिंह, कृष्णपाल देशवाल, कपिल कुमार, प्रदीप डायरेक्टर, हरबीर सिंह आदि रहे।
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एलटी लाइन में उतरे करंट से संविदाकर्मी की मौत
- शाहपुर के जंगल में आंधी से टूटे तारों को शटडाउन लेकर जोड़ने गया था संविदाकर्मी
-परिजनों व ग्रामीणों ने आर्थिक मदद और एक सदस्य की नौकरी की मांग को लेकर बिजलीघर पर दिया धरना
बहसूमा। शाहपुर के जंगल में बुधवार को संविदाकर्मी की एलटी लाइन में झुलसने से मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने विद्युत विभाग पर लापरवाही का आरोप लगा हंगामा किया। जेई द्वारा परिवार को हरसंभव मदद के आश्वासन पर शव को पोस्टमार्टम हाउस भेजा। जेई के घटनास्थल से खिसकने से गुस्साए ग्रामीणों ने बहसूमा बिजली घर पर परिवार के एक सदस्य को विद्युत विभाग में नौकरी व आर्थिक मदद के लिए पांच लाख रुपये की मांग को लेकर धरना शुरू किया। कई बार एसडीओ के धरना स्थल पर पहुंचने की बात भी सामने आई लेकिन कोई नहीं पहुंचा।
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जेई सु्रेंद्र कुमार ने बताया कि शाहपुर निवासी राकेश (45) पुत्र जय सिंह बहसूमा बिजलीघर पर सविंदा कर्मचारी के रुप में तैनात है। बुधवार को शाहपुर के जंगल में एलटी लाइन के तारों को जोड़ने गया था। एलटी लाइन के ऊपर से हाईटेंशन की लाइन जा रही है। सविंदा कर्मचारी राकेश ने शाहपुर से सुबह सात बजे शटडाउन लिया था। इसी दौरान तार जोड़ते वक्त विद्युत आपूर्ति आ गई तथा लाइनमैन राकेश खंभे के ऊपर लाइन पर बुरी तरह झुलस गया। तार खिंचवा रहे किसानों ने बिजली घर में सूचना देकर लाइन बंद कराई लेकिन तब तक राकेश की मौत हो चुकी थी।
सूचना पर पहुंचे ग्रामीणों ने विद्युत विभाग पर लापरवाही का आरोप लगा हंगामा किया। जेई सुरेंद्र कुमार ने विभाग से हर सभंव मदद का आश्वासन दिया और वहां से चले गए। जेई के वहां से चले जाने पर ग्रामीण व परिजनों का गुस्सा भड़कर गया। पुलिस ने जैसे-तैसे मामला शांत किया। इसके बाद उच्चाधिकारियों से वार्ता कर विभाग से परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाने व परिवार के सदस्य को विभाग में लगाने पर हंगामा खत्म हुआ। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम हाउस भिजवाया गया। शव के पोस्टमार्टम हाउस जाने के बाद विद्युत विभाग के ढुलमूल रवैये से नाराज ग्रामीणों व परिजन सैकड़ों की संख्या में एकत्र हो बहसूमा बिजलीघर पर पहुंचे तथा परिवार को आर्थिक सहायता के लिए विभाग से पांच लाख रुपये का चेक व परिवार के सदस्य को नौकरी देने की मांग पर अड़ गए। इस दौरान बिजलीघर पर तैनात एसएसओ दरवाजा बंद कर गायब हो गया। घंटों इंतजार के बाद जब कोई विभागीय अधिकारी उनसे वार्ता करने नहीं पहुंचा तो ग्रामीण बिजलीघर पर दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए। धरने की सूचना से विभाग में खलबली मच गई। तुरंत एसडीओ वंशराज ने पांच लोगों को वार्ता के लिए मवाना डिवीजन में बुलवा लिया। खबर लिखे जाने तक ग्रामीणों का धरना जारी था। हादसे के बाद मृतक राकेश के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। उसके पुत्र अमर, अनुज व पुत्री वर्षा तथा पत्नी लतेश दहाडे़ मारकर विलाप कर रहे थे।
विभाग का खेल
बहसूमा। विद्युत विभाग के जेई व विभाग लाइन कर्मचारियों को संविदा कर्मचारी बता रहे है। लेकिन सूत्रों के मुताबिक सभी बिजलीघरों पर तैनात लाइन मैन ठेकेदारों ने निविदा कर्मचारी के रूप में विद्युत लाइन के फाल्ट के लिए रखा गया है। किसी भी कर्मचारी पर कोई ऐसा प्रमाण नहीं है जिसकी वे सविंदाकर्मी के रूप में पुष्टि कर सके।
खास बातें:
किसाना गोष्ठी में कन्सूवा कीट व ब्लैग बग से फसलों को बचाने की दी जानकारी