{"_id":"5ad0d8364f1c1b3b0a8b456d","slug":"152363628111-laward-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चीनी मिल क्रय केंद्रों का निरीक्षण नहीं कर सकेंगे चेयरमैन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चीनी मिल क्रय केंद्रों का निरीक्षण नहीं कर सकेंगे चेयरमैन
Updated Fri, 13 Apr 2018 09:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दौराला। दौराना गन्ना विकास परिषद के अध्यक्ष को दौराला शुगर चीनी मिल के क्रय केंद्रों पर निरीक्षण की शिकायत के बाद जिलाधिकारी के निर्देश की गई जांच के बाद उत्तर प्रदेश शासन ने गन्ना कृषक केंद्र निरीक्षण का अधिकार छीन लिया है। अध्यक्ष पर क्रय केंद्र निरीक्षण के दौरान चीनी मिल तौल लिपिकों पर दबाव बनाने का आरोप लग रहा था।
मामला दौराला चीनी मिल के क्रय केंद्र का है। दिसंबर 2017 में भलसौना क्रय केंद्र पर गन्ना विकास परिषद के अध्यक्ष रविंद्र अहलावत द्वारा अनियमित ढंग से निरीक्षण किए जाने का आरोप लगाते हुए तौल लिपिकों द्वारा जिलाधिकारी से शिकायत की गई थी। इस मामले में रविंद्र अहलावत पर सरधना थाने में मुकदमा भी कायम किया गया था। इस पूरे मामले में डीएम के निर्देश पर उप जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जांच दल द्वारा जांच की गई थी। इसके बाद जिलाधिकारी की आख्या को संज्ञान में लेते हुए गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी द्वारा प्रदेश गन्ना आपूर्ति एवं खरीद विनियमन नियमावली 1954 नियम 29 के तहत प्रदान की गई शक्तियों को वापस ले लिया है। अब परिषद के अध्यक्ष चीनी मिल क्रय केंद्र का निरीक्षण नहीं कर सकेंगे। रविंद्र अहलावत का कहना है कि वह इस मामले को लेकर कोर्ट में जाएंगे और अपना पक्ष रखेंगे। जिस तरह से कार्रवाई की गई है, वह गलत है, इस तरह से तो कोई भी चेयरमैन किसी कांटे की जांच नहीं कर पाएगा। यह जांच दोबारा से होनी चाहिए।
विज्ञापन
मामला दौराला चीनी मिल के क्रय केंद्र का है। दिसंबर 2017 में भलसौना क्रय केंद्र पर गन्ना विकास परिषद के अध्यक्ष रविंद्र अहलावत द्वारा अनियमित ढंग से निरीक्षण किए जाने का आरोप लगाते हुए तौल लिपिकों द्वारा जिलाधिकारी से शिकायत की गई थी। इस मामले में रविंद्र अहलावत पर सरधना थाने में मुकदमा भी कायम किया गया था। इस पूरे मामले में डीएम के निर्देश पर उप जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जांच दल द्वारा जांच की गई थी। इसके बाद जिलाधिकारी की आख्या को संज्ञान में लेते हुए गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी द्वारा प्रदेश गन्ना आपूर्ति एवं खरीद विनियमन नियमावली 1954 नियम 29 के तहत प्रदान की गई शक्तियों को वापस ले लिया है। अब परिषद के अध्यक्ष चीनी मिल क्रय केंद्र का निरीक्षण नहीं कर सकेंगे। रविंद्र अहलावत का कहना है कि वह इस मामले को लेकर कोर्ट में जाएंगे और अपना पक्ष रखेंगे। जिस तरह से कार्रवाई की गई है, वह गलत है, इस तरह से तो कोई भी चेयरमैन किसी कांटे की जांच नहीं कर पाएगा। यह जांच दोबारा से होनी चाहिए।
विज्ञापन