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छरी पालित यात्रा
Updated Fri, 13 Apr 2018 07:40 PM IST
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हस्तिनापुर।
आदि तीर्थंकर भगवान श्री ऋषभदेव जी के पारणा तीर्थ स्थल एवं 16वें तीर्थंकर श्री शांतिनाथ भगवान 17वें तीर्थंकर श्री कुंथुनाथ जी एवं 18वें तीर्थंकर श्री अरहनाथ जी भगवंतों के च्यवन जन्म दीक्षा एवं केवल ज्ञान और 12 कल्याणकों की पवित्र भूमि पर बृहस्पतिवार को पहुंची। भगवान शांतिनाथ की विशालकाय छरी पालित यात्रा का यहां श्री श्वेतांबर मंदिर पर श्री हस्तिनापुर जैन श्वेताम्बर तीर्थ समिति एवं ट्स्ट पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं ने भव्य स्वागत किया।
आज प्रात: यात्रा भगवान ऋषभदेव जी के वर्षीतप मूल पारणा स्थल निशियां पर पहुंची। यहां भक्तों ने भगवंतों के दर्शन कर धर्मलाभ अर्जित किया। यहां छरी पालित यात्रा के श्रद्धालुओं ने भगवंतों के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इसके बाद यात्रा भगवान श्वेताम्बर जैन मंदिर पहुंची। यहां धर्मशाला के समीप भव्य सभागार में जैनाचार्य श्रीमद विजय नित्यानंद सूरीश्वर जी महाराज ने मंगल प्रवचन में कहा कि अयोध्या नगरी में नाभि राजा एवं मरुदेवी माता के घर भगवान ऋषभदेव का जन्म हुआ था। यह नाभि पुत्र ऋषभदेव काल क्रम से राजा बने। उन्होंने ही प्रजा को असि मसि एवं कृषि की शिक्षा दी। इतना ही नहीं उन्हें जीवन जीने की कला सिखाई। भरत एवं बाहुबल आदि उनके एक सौ पुत्र हुए तथा ब्रह्मी और सुंदरी दो पुत्रियां र्हुइं। श्री भगवान ऋषभदेव अवसर्पिणी काल के प्रथम तीर्थंकर कहलाए। उनके ज्येष्ठ पुत्र भरत का राज्याभिषेक हुआ और कालांतर से वे चक्रवर्ती राजा बने। महाराजा भरत के नाम पर ही देश का नाम भारत हुआ। भगवान श्री ऋषभदेव ने अपनी सुदीर्घ जीवन यात्रा संपन्न कर श्री अष्टापद पर्वत पर निर्वाण प्राप्त किया। शनिवार से प्रारंभ हो रहे वर्षीतप पारणा महोत्सव में श्रद्धालुओं का पहुंचना प्रारंभ हो गया है। शनिवार को संक्रांति महोत्सव होगा जिसमें प्रात:काल आठ बजे श्री शांतिनाथ भगवान मंदिर एवं पारणा मंदिर में श्री आदिश्वर भगवान का प्रक्षाल पूजन होगा। आज कार्यक्रम में आचार्य श्रीमद विजय वसंत सूरीश्वर महाराज, धर्मवीर, महेंद्र कुमार, अशोक जैन, सविता बेन, बाबूलाल शंकर चंद शाह परिवार, मांगीलाल विमला ट्स्ट प्रधान, निर्मल जैन संरक्षक, राजकुमार जैन महामंत्री, शुभकांत जैन प्रबंधक, तेजपाल सिंह समेत सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।
बच्चों को बैसाखी पर्व की महत्ता बताई
हस्तिनापुर। कस्बा स्थित अमेरिकन किड्स प्ले स्कूल में शुक्रवार को बैसाखी पर्व मनाया गया। इस अवसर पर सभी बच्चे पंजाबी वेशभूषा में स्कूल में उपस्थित रहे। बैसाखी पर्व से संबंधित ग्रुप एक्टिविटी में भाग लिया। प्रधानाचार्य अमित कपूर ने बच्चों को बैसाखी पर्व के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि इस पर्व में गेहूं की फसल पकने पर खुशियां मनाई जाती हैं। उन्होंने गेहूं की बाली दिखाकर फसल के बारे में भी जानकारी दी। स्कूल निदेशक अशोक कपूर ने बच्चों को अनाज की महत्ता बताई। वहीं, अनाज बेकार न करने के बारे में समझाया। उन्होंने कहा कि हमारे देश में अब भी बड़ी संख्या में लोग भूखे सोते हैं। इसलिए हमें अन्न खराब नहीं करना चाहिए। स्कूल के छात्रों ने इस अवसर पर पंजाबी भंगड़ा एवं गिद्दा कर उपस्थित जनसमुदाय का मन मोह लिया। कार्यक्रम में लवन्या, कनिष्का, ओजस, अवनी, रूही, निकुंज, कामाक्षी, कनव, अनुष्का आदि बच्चों ने भाग लिया। समस्त शिक्षकों एवं स्टाफ का सहयोग रहा।
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किसान पर हमले की रिपोर्ट दर्ज
हस्तिनापुर। ग्राम पलड़ा के जंगल में दो सप्ताह पूर्व एक किसान हमले में गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस मामले को विवादित बताया जा रहा था। आज वरिष्ठ अधिकारी के आदेश पर घायल युवक अरुण उर्फ मोहित के पिता मदनपाल सिंह ने पलड़ा निवासी नवीन उर्फ गोलू पुत्र राजपाल, सुमित पुत्र सुदेश, रितू पुत्र भूलेराम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। जिसमें लिखाया है कि गत 30 मार्च को उनका पुत्र अरुण उर्फ मोहित एवं भतीजा राहुल अपने खेत पर गन्ना छीलने गए थे। शाम करीब साढे़ पांच बजे नवीन उर्फ गोलू पुत्र राजपाल व सुमित पुत्र सुदेश व रितू पुत्र भूलेराम निवासी पलड़ा उसके खेत पर पहुंचे और मोहित से मारपीट कर दी। सुमित ने मोहित को तमंचे से गोली मार दी। इसके बाद नवीन, रितू ने भी तमंचा निकालकर उसके पुत्र को गोली मार दी। शोर सुनकर भतीजा राहुल वहां पहुंचा तो हमलावर भाग गये। इस मामले में 31 मार्च 2018 को तहरीर दी थी। हालांकि रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई थी। उसके पुत्र का इलाज मेडिकल में चल रहा है। उसकी हालत गंभीर बताई है।
मंदिर के पुजारी पर हमला
हस्तिनापुर। ऐतिहासिक और प्राचीन कर्ण मंदिर के पुजारी स्वामी शंकर देव महाराज को दो लोगों ने लाठी-डंडे से हमला करके घायल कर दिया। इस संबंध में दो अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। वहीं, पुलिस हमलावरों का सुराग नहीं लगा सकी। घटना से श्रद्धालुओं में रोष है। उन्होंने पुलिस ने हमलावरों को शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।
महाभारतकालीन ऐतिहासिक कर्ण मंदिर के मुख्य पुजारी स्वामी शंकर देव महाराज पर बृहस्पतिवार देर शाम दो लोगों ने लाठी-डंडे से हमला कर दिया। जिससे उनकी दाहिनी आंख पर गंभीर चोट आई है। हमले के समय यात्रियों की दो गाड़ियां मंदिर पहुंची। जिन्हें देखकर हमलावर भाग निकले। इस घटना की जानकारी पाकर मंदिर पर काफी श्रद्धालु पहुंच गए। घायल महाराज का सीएचसी पर इलाज कराया गया। इस मामले की जानकारी पाकर थाना प्रभारी मुनिंद्रपाल मौके पर पहुंचे और जानकारी की। इस मामले में दो अज्ञात हमलावरों के खिलाफ थाने में रिपेार्ट दर्ज कराई है। वहीं, थाना प्रभारी एम पी सिंह का कहना है कि हमलावरों की पहचान कर शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा।
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आदि तीर्थंकर भगवान श्री ऋषभदेव जी के पारणा तीर्थ स्थल एवं 16वें तीर्थंकर श्री शांतिनाथ भगवान 17वें तीर्थंकर श्री कुंथुनाथ जी एवं 18वें तीर्थंकर श्री अरहनाथ जी भगवंतों के च्यवन जन्म दीक्षा एवं केवल ज्ञान और 12 कल्याणकों की पवित्र भूमि पर बृहस्पतिवार को पहुंची। भगवान शांतिनाथ की विशालकाय छरी पालित यात्रा का यहां श्री श्वेतांबर मंदिर पर श्री हस्तिनापुर जैन श्वेताम्बर तीर्थ समिति एवं ट्स्ट पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं ने भव्य स्वागत किया।
आज प्रात: यात्रा भगवान ऋषभदेव जी के वर्षीतप मूल पारणा स्थल निशियां पर पहुंची। यहां भक्तों ने भगवंतों के दर्शन कर धर्मलाभ अर्जित किया। यहां छरी पालित यात्रा के श्रद्धालुओं ने भगवंतों के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इसके बाद यात्रा भगवान श्वेताम्बर जैन मंदिर पहुंची। यहां धर्मशाला के समीप भव्य सभागार में जैनाचार्य श्रीमद विजय नित्यानंद सूरीश्वर जी महाराज ने मंगल प्रवचन में कहा कि अयोध्या नगरी में नाभि राजा एवं मरुदेवी माता के घर भगवान ऋषभदेव का जन्म हुआ था। यह नाभि पुत्र ऋषभदेव काल क्रम से राजा बने। उन्होंने ही प्रजा को असि मसि एवं कृषि की शिक्षा दी। इतना ही नहीं उन्हें जीवन जीने की कला सिखाई। भरत एवं बाहुबल आदि उनके एक सौ पुत्र हुए तथा ब्रह्मी और सुंदरी दो पुत्रियां र्हुइं। श्री भगवान ऋषभदेव अवसर्पिणी काल के प्रथम तीर्थंकर कहलाए। उनके ज्येष्ठ पुत्र भरत का राज्याभिषेक हुआ और कालांतर से वे चक्रवर्ती राजा बने। महाराजा भरत के नाम पर ही देश का नाम भारत हुआ। भगवान श्री ऋषभदेव ने अपनी सुदीर्घ जीवन यात्रा संपन्न कर श्री अष्टापद पर्वत पर निर्वाण प्राप्त किया। शनिवार से प्रारंभ हो रहे वर्षीतप पारणा महोत्सव में श्रद्धालुओं का पहुंचना प्रारंभ हो गया है। शनिवार को संक्रांति महोत्सव होगा जिसमें प्रात:काल आठ बजे श्री शांतिनाथ भगवान मंदिर एवं पारणा मंदिर में श्री आदिश्वर भगवान का प्रक्षाल पूजन होगा। आज कार्यक्रम में आचार्य श्रीमद विजय वसंत सूरीश्वर महाराज, धर्मवीर, महेंद्र कुमार, अशोक जैन, सविता बेन, बाबूलाल शंकर चंद शाह परिवार, मांगीलाल विमला ट्स्ट प्रधान, निर्मल जैन संरक्षक, राजकुमार जैन महामंत्री, शुभकांत जैन प्रबंधक, तेजपाल सिंह समेत सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।
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बच्चों को बैसाखी पर्व की महत्ता बताई
हस्तिनापुर। कस्बा स्थित अमेरिकन किड्स प्ले स्कूल में शुक्रवार को बैसाखी पर्व मनाया गया। इस अवसर पर सभी बच्चे पंजाबी वेशभूषा में स्कूल में उपस्थित रहे। बैसाखी पर्व से संबंधित ग्रुप एक्टिविटी में भाग लिया। प्रधानाचार्य अमित कपूर ने बच्चों को बैसाखी पर्व के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि इस पर्व में गेहूं की फसल पकने पर खुशियां मनाई जाती हैं। उन्होंने गेहूं की बाली दिखाकर फसल के बारे में भी जानकारी दी। स्कूल निदेशक अशोक कपूर ने बच्चों को अनाज की महत्ता बताई। वहीं, अनाज बेकार न करने के बारे में समझाया। उन्होंने कहा कि हमारे देश में अब भी बड़ी संख्या में लोग भूखे सोते हैं। इसलिए हमें अन्न खराब नहीं करना चाहिए। स्कूल के छात्रों ने इस अवसर पर पंजाबी भंगड़ा एवं गिद्दा कर उपस्थित जनसमुदाय का मन मोह लिया। कार्यक्रम में लवन्या, कनिष्का, ओजस, अवनी, रूही, निकुंज, कामाक्षी, कनव, अनुष्का आदि बच्चों ने भाग लिया। समस्त शिक्षकों एवं स्टाफ का सहयोग रहा।
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किसान पर हमले की रिपोर्ट दर्ज
हस्तिनापुर। ग्राम पलड़ा के जंगल में दो सप्ताह पूर्व एक किसान हमले में गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस मामले को विवादित बताया जा रहा था। आज वरिष्ठ अधिकारी के आदेश पर घायल युवक अरुण उर्फ मोहित के पिता मदनपाल सिंह ने पलड़ा निवासी नवीन उर्फ गोलू पुत्र राजपाल, सुमित पुत्र सुदेश, रितू पुत्र भूलेराम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। जिसमें लिखाया है कि गत 30 मार्च को उनका पुत्र अरुण उर्फ मोहित एवं भतीजा राहुल अपने खेत पर गन्ना छीलने गए थे। शाम करीब साढे़ पांच बजे नवीन उर्फ गोलू पुत्र राजपाल व सुमित पुत्र सुदेश व रितू पुत्र भूलेराम निवासी पलड़ा उसके खेत पर पहुंचे और मोहित से मारपीट कर दी। सुमित ने मोहित को तमंचे से गोली मार दी। इसके बाद नवीन, रितू ने भी तमंचा निकालकर उसके पुत्र को गोली मार दी। शोर सुनकर भतीजा राहुल वहां पहुंचा तो हमलावर भाग गये। इस मामले में 31 मार्च 2018 को तहरीर दी थी। हालांकि रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई थी। उसके पुत्र का इलाज मेडिकल में चल रहा है। उसकी हालत गंभीर बताई है।
मंदिर के पुजारी पर हमला
हस्तिनापुर। ऐतिहासिक और प्राचीन कर्ण मंदिर के पुजारी स्वामी शंकर देव महाराज को दो लोगों ने लाठी-डंडे से हमला करके घायल कर दिया। इस संबंध में दो अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। वहीं, पुलिस हमलावरों का सुराग नहीं लगा सकी। घटना से श्रद्धालुओं में रोष है। उन्होंने पुलिस ने हमलावरों को शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।
महाभारतकालीन ऐतिहासिक कर्ण मंदिर के मुख्य पुजारी स्वामी शंकर देव महाराज पर बृहस्पतिवार देर शाम दो लोगों ने लाठी-डंडे से हमला कर दिया। जिससे उनकी दाहिनी आंख पर गंभीर चोट आई है। हमले के समय यात्रियों की दो गाड़ियां मंदिर पहुंची। जिन्हें देखकर हमलावर भाग निकले। इस घटना की जानकारी पाकर मंदिर पर काफी श्रद्धालु पहुंच गए। घायल महाराज का सीएचसी पर इलाज कराया गया। इस मामले की जानकारी पाकर थाना प्रभारी मुनिंद्रपाल मौके पर पहुंचे और जानकारी की। इस मामले में दो अज्ञात हमलावरों के खिलाफ थाने में रिपेार्ट दर्ज कराई है। वहीं, थाना प्रभारी एम पी सिंह का कहना है कि हमलावरों की पहचान कर शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा।