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माछरा ब्लाक के जई गांव के लोगों ने तहसीलदार को ज्ञापन देकर सरकारी सस्ता गल्ले की दुकान के आंवटन की निष्पक्ष जांच कराकर दोबारा प्
Updated Mon, 09 Apr 2018 10:56 PM IST
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मवाना। माछरा ब्लॉक के गांव जई के ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर सरकारी सस्ते गल्ले की निष्पक्ष जांच कराकर दोबारा से प्रस्ताव कराने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
गांव जई के लोग उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। उनके नहीं मिलने पर उपजिलाधिकारी के नाम तहसीलदार अमित भारतीय को ज्ञापन सौंपा। जिसमें कहा कि बीती सात अप्रैल को सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान का प्रस्ताव होना था। बीडीओ और सेक्रेट्री तथा ग्राम प्रधान ने बताया था कि प्रस्ताव की तारीख 14 अप्रैल कर दी गई है। हालांकि उक्त लोगों ने चोरी छिपे सात अप्रैल को मिलीभगत करके 12.30 बजे प्रस्ताव पारित कर दिया। जई के ग्रामीणों का आरोप है कि जब वे लोग पहुंचे तो उनको वहां सिर्फ बीडीओ माछरा मिले। उन्होंने बताया कि सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान का प्रस्ताव नजाकत के नाम हो चुका है। जब उनसे कहा कि समय तो चार बजे का था। इस पर बीडीओ ने कहा कि ग्राम प्रधान और सेकेट्री से जानकारी करें। ज्ञापन में धांधली कर बिना किसी को बताए प्रस्ताव पारित करने का आरोप लगाया है। ज्ञापन में मांग की कि उक्त प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर दोबारा प्रस्ताव कराया जाए। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। यहां फरजाना, जुनैद कुरैशी, सुशील गुर्जर, वाजिद, अरबाज, नौशाद आदि के नाम हैं।
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गांव जई के लोग उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। उनके नहीं मिलने पर उपजिलाधिकारी के नाम तहसीलदार अमित भारतीय को ज्ञापन सौंपा। जिसमें कहा कि बीती सात अप्रैल को सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान का प्रस्ताव होना था। बीडीओ और सेक्रेट्री तथा ग्राम प्रधान ने बताया था कि प्रस्ताव की तारीख 14 अप्रैल कर दी गई है। हालांकि उक्त लोगों ने चोरी छिपे सात अप्रैल को मिलीभगत करके 12.30 बजे प्रस्ताव पारित कर दिया। जई के ग्रामीणों का आरोप है कि जब वे लोग पहुंचे तो उनको वहां सिर्फ बीडीओ माछरा मिले। उन्होंने बताया कि सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान का प्रस्ताव नजाकत के नाम हो चुका है। जब उनसे कहा कि समय तो चार बजे का था। इस पर बीडीओ ने कहा कि ग्राम प्रधान और सेकेट्री से जानकारी करें। ज्ञापन में धांधली कर बिना किसी को बताए प्रस्ताव पारित करने का आरोप लगाया है। ज्ञापन में मांग की कि उक्त प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर दोबारा प्रस्ताव कराया जाए। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। यहां फरजाना, जुनैद कुरैशी, सुशील गुर्जर, वाजिद, अरबाज, नौशाद आदि के नाम हैं।
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