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गन्ना भुगतान न करने वाली मिलों के खिलाफ होगा आंदोलन
Updated Sun, 25 Mar 2018 10:48 PM IST
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सरूरपुर।
सहकारी गन्ना विकास समिति लिमिटेड मलियाना परिसर में रविवार को वार्षिक साधारण सभा का आयोजन किया गया। जिसमें गत बैठक की कार्यवाही की पुष्टि, विकास कार्यों का बजट, समिति के गोदाम में दशकों से जमा रद्दी की नीलामी, रोड फंड कटौती, गन्ना भुगतान अदा न करने वाली चीनी मिलों के विरुद्ध कार्यवाही करने, अनुदान पर दी जाने वाले कीटनाशक और कृषि यंत्रों आदि पर विचार किया गया।
समिति के चेयरमैन सतेन्द्र सिंह ने कहा कि गन्ना मूल्य भुगतान अदा नहीं करने वाली मिलों के खिलाफ विधिक कार्यवाही होनी चाहिये। आगामी पेराई सत्र में नये गन्ना क्रय केन्द्र की मांग के प्रस्ताव हर हाल में आगामी तीन दिन में किसानों द्वारा समिति कार्यालय में सौंप दिये जाएं। समिति सचिव डॉ. सचिन कुमार ने समिति कार्यालय में दशकों से जमा रद्दी की नीलामी कराने का प्रस्ताव रखा। वहीं, चकरोड, खड़ंजा लगाने हेतु किसानों से 30 पैसा प्रति कुंतल की फंड कटौती किये जाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किया गया। समिति द्वारा कोराजन व अन्य कीटनाशक दिलाने की मांग की गई। लेखाकार नवीन सांगवान ने जानकारी दी कि कृषि यंत्रों पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। जिन किसानों ने अपना पंजीकरण करा रखा है वे अपना बिल जमा करके छूट का लाभ ले सकते हैं। बैठक के दौरान गन्ना डायरेक्टर सुशील शर्मा ने कहा कि गन्ने की पैदावार दोगुनी के बराबर हो रही है। उसके आधार पर अब किसान के कैलेंडर में एक बीघा पर दी जा रही तीन पर्चियों को बढ़ाकर पांच किया जाये। गन्ना विकास परिषद किनौनी के चेयरमैन बिजेन्द्र प्रमुख ने कहा कि समिति में पर्ची वितरक नहीं होने के कारण किसानों को समय पर पर्चियां नहीं मिल पाती है। इसके लिए या तो विभाग नई भर्तियां करें या समिति की बोर्ड को संविदा पर रखने की अनुमति दें। इसके अलावा जो चीनी मिल गन्ने का भुगतान नहीं कर रही है उनके खिलाफ या तो प्रशासन समय रहते विधिक कार्रवाई कर गन्ने का भुगतान दिलाए वरना उग्र आंदोलन करने को मजबूर होना पडे़गा। किसान सुरेन्द्र मेजर ने कहा कि किसान का मिल प्रबंधन जमकर के शोषण कर रहा है। एक माह से पर्चियों का इंडेंट कम दिया जा रहा है। सामान्य प्रजाति के गन्ने का इंडेंट तत्काल दिलाया जाये। गन्ना डायरेक्टर अनिल सहारन ने कहा कि किसानों को मिल में गन्ना आपूर्ति करते समय यदि कोई दुर्घटना हो जाती है तो उस किसान के वारिसों को समिति व चीनी मिल के माध्यम से पांच लाख रुपये किसान दुर्घटना बीमा के बतौर दिलाए जाएं। गांव मेदपुर के किसान इंसाफ अली ने कहा कि गांव में कई साल से बंद चल रहे खाद गोदाम को संचालित कराया जाए। सिवाल खास विधायक जितेंद्र सिंह ने कहा कि चीनी मिलें गत वर्ष के मुकाबले सवा लाख टन गन्ने की अधिक खरीद कर पेराई चुकी हैं। गन्ना मूल्य भुगतान के मुद्दे पर कहा कि कुछ चीनी मिलें चीनी के दाम कम व ब्रिकी कम होने का रोना रोकर के गन्ना भुगतान देने में लेट लतीफी कर रही हैं। उन्हें चिह्न्ति कर सरकार उन पर दबाव बनाकर हर हाल में गन्ने का भुगतान दिलाने के प्रयास में जुटी है। जरूरत पड़ी तो विधिक कार्रवाई अमल में लायी जाएगी। किनौनी चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक कुलदीप राठी ने कहा कि किसानों के खेतों में खड़े शत-प्रतिशत गन्ने की पेराई करने के बाद ही बंद की जायेगी। उन्होंने कहा कि चीनी मिल द्वारा किसानों को अर्ली प्रजाति की बुवाई करने पर 75 प्रतिशत की छूट पर बायो कंपोस्ट खाद 20 रुपये प्रति कुंतल की दर से मिल द्वारा दी जा रही है। जो किसान लेना चाहते हैं वे मिल के गन्ना कार्यालय में आकर संपर्क कर सकते हैं। गन्ना मूल्य भुगतान के सवाल पर कहा कि चीनी की ब्रिकी कम होने के कारण भुगतान में देरी हो रही है। बैठक का संचालन डॉ. सचिन कुमार ने किया। बैठक में उपसभापति नजाकत उर्फ गोटी, पंडित डोरीलाल शर्मा, आनंद शर्मा, रिफाकत अली, प्रमोद त्यागी, संदीप चौधरी, लीलू त्यागी, विनोद जिटौली, पंकज वत्स, जयसिंह, सुंदरपाल, आजाद, ओमकार मलिक, जगत सिंह, गजरपाल, बबलू, विनय, सरदार सिह, देवेंद्र शर्मा, नीरज नेक, सतेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
मुख्य बातें
सहकारी गन्ना विकास समिति मलियाना परिसर में साधारण सभा का आयोजन
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सहकारी गन्ना विकास समिति लिमिटेड मलियाना परिसर में रविवार को वार्षिक साधारण सभा का आयोजन किया गया। जिसमें गत बैठक की कार्यवाही की पुष्टि, विकास कार्यों का बजट, समिति के गोदाम में दशकों से जमा रद्दी की नीलामी, रोड फंड कटौती, गन्ना भुगतान अदा न करने वाली चीनी मिलों के विरुद्ध कार्यवाही करने, अनुदान पर दी जाने वाले कीटनाशक और कृषि यंत्रों आदि पर विचार किया गया।
समिति के चेयरमैन सतेन्द्र सिंह ने कहा कि गन्ना मूल्य भुगतान अदा नहीं करने वाली मिलों के खिलाफ विधिक कार्यवाही होनी चाहिये। आगामी पेराई सत्र में नये गन्ना क्रय केन्द्र की मांग के प्रस्ताव हर हाल में आगामी तीन दिन में किसानों द्वारा समिति कार्यालय में सौंप दिये जाएं। समिति सचिव डॉ. सचिन कुमार ने समिति कार्यालय में दशकों से जमा रद्दी की नीलामी कराने का प्रस्ताव रखा। वहीं, चकरोड, खड़ंजा लगाने हेतु किसानों से 30 पैसा प्रति कुंतल की फंड कटौती किये जाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किया गया। समिति द्वारा कोराजन व अन्य कीटनाशक दिलाने की मांग की गई। लेखाकार नवीन सांगवान ने जानकारी दी कि कृषि यंत्रों पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। जिन किसानों ने अपना पंजीकरण करा रखा है वे अपना बिल जमा करके छूट का लाभ ले सकते हैं। बैठक के दौरान गन्ना डायरेक्टर सुशील शर्मा ने कहा कि गन्ने की पैदावार दोगुनी के बराबर हो रही है। उसके आधार पर अब किसान के कैलेंडर में एक बीघा पर दी जा रही तीन पर्चियों को बढ़ाकर पांच किया जाये। गन्ना विकास परिषद किनौनी के चेयरमैन बिजेन्द्र प्रमुख ने कहा कि समिति में पर्ची वितरक नहीं होने के कारण किसानों को समय पर पर्चियां नहीं मिल पाती है। इसके लिए या तो विभाग नई भर्तियां करें या समिति की बोर्ड को संविदा पर रखने की अनुमति दें। इसके अलावा जो चीनी मिल गन्ने का भुगतान नहीं कर रही है उनके खिलाफ या तो प्रशासन समय रहते विधिक कार्रवाई कर गन्ने का भुगतान दिलाए वरना उग्र आंदोलन करने को मजबूर होना पडे़गा। किसान सुरेन्द्र मेजर ने कहा कि किसान का मिल प्रबंधन जमकर के शोषण कर रहा है। एक माह से पर्चियों का इंडेंट कम दिया जा रहा है। सामान्य प्रजाति के गन्ने का इंडेंट तत्काल दिलाया जाये। गन्ना डायरेक्टर अनिल सहारन ने कहा कि किसानों को मिल में गन्ना आपूर्ति करते समय यदि कोई दुर्घटना हो जाती है तो उस किसान के वारिसों को समिति व चीनी मिल के माध्यम से पांच लाख रुपये किसान दुर्घटना बीमा के बतौर दिलाए जाएं। गांव मेदपुर के किसान इंसाफ अली ने कहा कि गांव में कई साल से बंद चल रहे खाद गोदाम को संचालित कराया जाए। सिवाल खास विधायक जितेंद्र सिंह ने कहा कि चीनी मिलें गत वर्ष के मुकाबले सवा लाख टन गन्ने की अधिक खरीद कर पेराई चुकी हैं। गन्ना मूल्य भुगतान के मुद्दे पर कहा कि कुछ चीनी मिलें चीनी के दाम कम व ब्रिकी कम होने का रोना रोकर के गन्ना भुगतान देने में लेट लतीफी कर रही हैं। उन्हें चिह्न्ति कर सरकार उन पर दबाव बनाकर हर हाल में गन्ने का भुगतान दिलाने के प्रयास में जुटी है। जरूरत पड़ी तो विधिक कार्रवाई अमल में लायी जाएगी। किनौनी चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक कुलदीप राठी ने कहा कि किसानों के खेतों में खड़े शत-प्रतिशत गन्ने की पेराई करने के बाद ही बंद की जायेगी। उन्होंने कहा कि चीनी मिल द्वारा किसानों को अर्ली प्रजाति की बुवाई करने पर 75 प्रतिशत की छूट पर बायो कंपोस्ट खाद 20 रुपये प्रति कुंतल की दर से मिल द्वारा दी जा रही है। जो किसान लेना चाहते हैं वे मिल के गन्ना कार्यालय में आकर संपर्क कर सकते हैं। गन्ना मूल्य भुगतान के सवाल पर कहा कि चीनी की ब्रिकी कम होने के कारण भुगतान में देरी हो रही है। बैठक का संचालन डॉ. सचिन कुमार ने किया। बैठक में उपसभापति नजाकत उर्फ गोटी, पंडित डोरीलाल शर्मा, आनंद शर्मा, रिफाकत अली, प्रमोद त्यागी, संदीप चौधरी, लीलू त्यागी, विनोद जिटौली, पंकज वत्स, जयसिंह, सुंदरपाल, आजाद, ओमकार मलिक, जगत सिंह, गजरपाल, बबलू, विनय, सरदार सिह, देवेंद्र शर्मा, नीरज नेक, सतेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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सहकारी गन्ना विकास समिति मलियाना परिसर में साधारण सभा का आयोजन