{"_id":"5aabd3034f1c1b71778b5c78","slug":"15212103611-mawana-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेसिक कोटा पूरा होने के नाम पर पर्चीयों में लोक लगाया, किसानों के सामने गन्ना आपूर्ति का संकट बढा।","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेसिक कोटा पूरा होने के नाम पर पर्चीयों में लोक लगाया, किसानों के सामने गन्ना आपूर्ति का संकट बढा।
Updated Fri, 16 Mar 2018 07:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहसूमा।
प्रदेश सरकार की हीलाहवाली कहें या मिल मालिकों की मनमर्जी। जहां एक ओर योगी सरकार एवं गन्ना विभाग किसानों के खेतों में खडे़ गन्ने की पेराई तक मिल चालू रखने का दावा कर रहे हैं। वहीं, टिकौला शुगर मिल ने बहसूमा क्षेत्र के किसानों का बेसिक कोटा पूरा होने के नाम पर उनकी पर्चियों को लॉक कर दिया है। जिससे किसानों के सामने गन्ना आपूर्ति का संकट पैदा हो गया है। किसान मिल के खिलाफ आंदोलन की रणनीति बना रहे हैं।
भाजपा की मोदी एवं योगी सरकार ने सत्ता में आने से पूर्व तथा इसके बाद किसानों की आय दोगुनी करने का दावा किया है। क्षेत्र के अधिकतर किसानों ने इस बार कोशा: 0238 का बुआई कर उत्पादन बढ़ाया है। इस प्रजाति के गन्ने से रिकवरी रिकार्ड तोड़ आती है। इस बार किसानों के खेतों में रिकार्ड तोड़ करीब डेढ़ गुना उत्पादन हुआ है। उत्पादन बढ़ने से किसानों का गन्ना आपूर्ति बेसिक कोटा से भी कई गुना उत्पादन हुआ है। वहीं, टिकौला मिल गन्ना लेने के बजाए उल्टा किसानों का बेसिक कोटा पूरा होने की बात कह हजारों किसानों की पर्चियों का लॉक कर दिया है। अब किसानों को सरकार से दोगुनी आमदनी की उम्मीद तो दूर की कौड़ी साबित हो रही है। अब किसानों को दोगुनी आमदनी करने की सरकार के दावे की पोल खुल रही है।
बहसूमा निवासी किसान राजेंद्र नागर, ओमपाल भाई, सुरेंद्र चाहल, प्रवीण चाहल ने बताया कि उनकी पर्चियों को बेसिक कोटा पूरा होने के नाम पर लॉक कर दिया है। किसानों का तर्क है कि जब किसानों के गन्ने का उत्पादन बढ़ा है तो बेसिक कोटा तो खेतों में खडे़ गन्ने से पूर्व ही पूरा हो जाएगा। हालांकि उनकी पर्चियां अभी शेष हैं। समिति से पर्ची तो आ रही हैं, लेकिन मिल की ओर से बेसिक कोटा पूरा होने के नाम पर लॉक कर दिया है। किसानों का आरोप है कि मिल अधिकारी खेतों में आग लगाने की बात कह रहे हैं। किसानों ने मिल प्रबंधन से मांग की है। यदि उनके बेसिक कोटा पुन: प्रारंभ नहीं किए गए तो वे मिल के खिलाफ आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे। वहीं, इस संबंध में मिल के डीजीएम कुलदीप कुमार का कहना है कि अप्रैल में सामान्य बढ़ोतरी कर किसानों का गन्ना खरीदा जाएगा।
विज्ञापन
मुख्य बातें
टिकौला शुगर मिल क्षेत्र के गन्ना किसान पर्चियां नहीं मिलने से परेशान
डीजीएम बोले, अप्रैल में सामान्य बढ़ोतरी कर खरीदा जाएगा गन्ना
विज्ञापन
प्रदेश सरकार की हीलाहवाली कहें या मिल मालिकों की मनमर्जी। जहां एक ओर योगी सरकार एवं गन्ना विभाग किसानों के खेतों में खडे़ गन्ने की पेराई तक मिल चालू रखने का दावा कर रहे हैं। वहीं, टिकौला शुगर मिल ने बहसूमा क्षेत्र के किसानों का बेसिक कोटा पूरा होने के नाम पर उनकी पर्चियों को लॉक कर दिया है। जिससे किसानों के सामने गन्ना आपूर्ति का संकट पैदा हो गया है। किसान मिल के खिलाफ आंदोलन की रणनीति बना रहे हैं।
भाजपा की मोदी एवं योगी सरकार ने सत्ता में आने से पूर्व तथा इसके बाद किसानों की आय दोगुनी करने का दावा किया है। क्षेत्र के अधिकतर किसानों ने इस बार कोशा: 0238 का बुआई कर उत्पादन बढ़ाया है। इस प्रजाति के गन्ने से रिकवरी रिकार्ड तोड़ आती है। इस बार किसानों के खेतों में रिकार्ड तोड़ करीब डेढ़ गुना उत्पादन हुआ है। उत्पादन बढ़ने से किसानों का गन्ना आपूर्ति बेसिक कोटा से भी कई गुना उत्पादन हुआ है। वहीं, टिकौला मिल गन्ना लेने के बजाए उल्टा किसानों का बेसिक कोटा पूरा होने की बात कह हजारों किसानों की पर्चियों का लॉक कर दिया है। अब किसानों को सरकार से दोगुनी आमदनी की उम्मीद तो दूर की कौड़ी साबित हो रही है। अब किसानों को दोगुनी आमदनी करने की सरकार के दावे की पोल खुल रही है।
विज्ञापन
बहसूमा निवासी किसान राजेंद्र नागर, ओमपाल भाई, सुरेंद्र चाहल, प्रवीण चाहल ने बताया कि उनकी पर्चियों को बेसिक कोटा पूरा होने के नाम पर लॉक कर दिया है। किसानों का तर्क है कि जब किसानों के गन्ने का उत्पादन बढ़ा है तो बेसिक कोटा तो खेतों में खडे़ गन्ने से पूर्व ही पूरा हो जाएगा। हालांकि उनकी पर्चियां अभी शेष हैं। समिति से पर्ची तो आ रही हैं, लेकिन मिल की ओर से बेसिक कोटा पूरा होने के नाम पर लॉक कर दिया है। किसानों का आरोप है कि मिल अधिकारी खेतों में आग लगाने की बात कह रहे हैं। किसानों ने मिल प्रबंधन से मांग की है। यदि उनके बेसिक कोटा पुन: प्रारंभ नहीं किए गए तो वे मिल के खिलाफ आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे। वहीं, इस संबंध में मिल के डीजीएम कुलदीप कुमार का कहना है कि अप्रैल में सामान्य बढ़ोतरी कर किसानों का गन्ना खरीदा जाएगा।
विज्ञापन
मुख्य बातें
टिकौला शुगर मिल क्षेत्र के गन्ना किसान पर्चियां नहीं मिलने से परेशान
डीजीएम बोले, अप्रैल में सामान्य बढ़ोतरी कर खरीदा जाएगा गन्ना