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पल्लवपुरम में एमडीए टीम ने दस करोड़ रुपये की जमीन से हटवाया कब्जा
Updated Wed, 28 Feb 2018 02:00 AM IST
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मोदीपुरम।
एमडीए की टीम ने मंगलवार को पल्लवपुरम में अवैध निर्माण ध्वस्त कर दिया। इस दौरान टीम को विरोध का भी सामना करना पड़ा। कार्रवाई के चलते एक महिला बेहोश भी हो गई।
पल्लवपुरम फेज दो के पी-पाकेट में एमडीए के 990 वर्ग मीटर में दस प्लॉट हैं। इनकी अनुमानित लागत लगभग साढे़ चार करोड़ रुपये बताई जा रही है। बीस वर्षों से इन प्लॉट पर कालोनी के लोगों ने अपने पशु बांधकर कब्जा कर रखा था। एमडीए टीम ने कई बार अतिक्रमण हटाने के लिए कॉलोनी के लोगों को मौखिक आदेश भी दिए, लेकिन कब्जा नहीं हटाया गया। मंगलवार को एमडीए एई धीरज सिंह, जेई पीके शर्मा, लेखपाल शादाब, अवधेश मिश्रा पल्लवपुरम और सदर बाजार पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। टीम ने जेसीबी से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को शुरू की तो कॉलोनी की ओमवती, चमन, विनोद, सुमन ने विरोध शुरू कर दिया। इसी बीच संत कबीर दास सेवा समिति के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार कौरी भी पहुंच गए और एमडीए की इस कार्रवाई को बिना नोटिस दिए जाने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
एमडीए अधिकारियों और समिति के सदस्यों की जमकर नोकझोंक हुई। इसके बाद टीम ने लगभग दो घंटे तक चलाए इस अभियान के तहत जमीन से अतिक्रमण हटा दिया। इस बीच ओमवती बेहोश भी हो गई। इसके बाद एमडीए की टीम एमएस के खसरा संख्या 303 पर पहुंची और वहां से अतिक्रमण हटाया। यहां भी लोगों ने विरोध किया। यहां टीम ने 12 प्लॉट कब्जा मुक्त कराए। इनकी कीमत लगभग साढे़ पांच करोड़ रुपये है। एई धीरज सिंह ने बताया कि लगभग दस करोड़ रुपये की जमीन को कब्जा मुक्त कराया गया है।
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गड्ढे में गिरा भैंसा
पी-पाकेट में सात फीट गहरा गड्ढा था, जहां एक भैंसा गिर गया। कॉलोनी के लोगों और एमडीए टीम ने क्रेन के माध्यम से किसी तरह उसे बाहर निकाला। वहीं पास में ही एक गाय के ऊपर टीन शेड पड़ा था। महिला ओमवती ने टीम से टीन शेड न हटाने की बात कही। कहा कि वे खुद ही हटा लेंगे। उधर, संविदा विद्युत कर्मी शहजाद ने खसरा संख्या 304 पर अपनी जमीन होने की बात कही और मामला सरधना तहसील में लंबित होना बताया। लेकिन एमडीए टीम ने जमीन को 303 खसरा में होने की बात कही। जिसके बाद टीम ने यहां से कब्जा हटवाया।
एमडीए की टीम ने मंगलवार को पल्लवपुरम में अवैध निर्माण ध्वस्त कर दिया। इस दौरान टीम को विरोध का भी सामना करना पड़ा। कार्रवाई के चलते एक महिला बेहोश भी हो गई।
पल्लवपुरम फेज दो के पी-पाकेट में एमडीए के 990 वर्ग मीटर में दस प्लॉट हैं। इनकी अनुमानित लागत लगभग साढे़ चार करोड़ रुपये बताई जा रही है। बीस वर्षों से इन प्लॉट पर कालोनी के लोगों ने अपने पशु बांधकर कब्जा कर रखा था। एमडीए टीम ने कई बार अतिक्रमण हटाने के लिए कॉलोनी के लोगों को मौखिक आदेश भी दिए, लेकिन कब्जा नहीं हटाया गया। मंगलवार को एमडीए एई धीरज सिंह, जेई पीके शर्मा, लेखपाल शादाब, अवधेश मिश्रा पल्लवपुरम और सदर बाजार पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। टीम ने जेसीबी से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को शुरू की तो कॉलोनी की ओमवती, चमन, विनोद, सुमन ने विरोध शुरू कर दिया। इसी बीच संत कबीर दास सेवा समिति के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार कौरी भी पहुंच गए और एमडीए की इस कार्रवाई को बिना नोटिस दिए जाने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
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एमडीए अधिकारियों और समिति के सदस्यों की जमकर नोकझोंक हुई। इसके बाद टीम ने लगभग दो घंटे तक चलाए इस अभियान के तहत जमीन से अतिक्रमण हटा दिया। इस बीच ओमवती बेहोश भी हो गई। इसके बाद एमडीए की टीम एमएस के खसरा संख्या 303 पर पहुंची और वहां से अतिक्रमण हटाया। यहां भी लोगों ने विरोध किया। यहां टीम ने 12 प्लॉट कब्जा मुक्त कराए। इनकी कीमत लगभग साढे़ पांच करोड़ रुपये है। एई धीरज सिंह ने बताया कि लगभग दस करोड़ रुपये की जमीन को कब्जा मुक्त कराया गया है।
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गड्ढे में गिरा भैंसा
पी-पाकेट में सात फीट गहरा गड्ढा था, जहां एक भैंसा गिर गया। कॉलोनी के लोगों और एमडीए टीम ने क्रेन के माध्यम से किसी तरह उसे बाहर निकाला। वहीं पास में ही एक गाय के ऊपर टीन शेड पड़ा था। महिला ओमवती ने टीम से टीन शेड न हटाने की बात कही। कहा कि वे खुद ही हटा लेंगे। उधर, संविदा विद्युत कर्मी शहजाद ने खसरा संख्या 304 पर अपनी जमीन होने की बात कही और मामला सरधना तहसील में लंबित होना बताया। लेकिन एमडीए टीम ने जमीन को 303 खसरा में होने की बात कही। जिसके बाद टीम ने यहां से कब्जा हटवाया।