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अपनी मांगो को लेकर लालपुर व सेतकुआ निवासी ग्रामीणों ने एनएचएआई का निर्माण कार्य रोका
Updated Wed, 14 Feb 2018 11:20 PM IST
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खरखौदा।
एनएचएआई 235 पर गांव लालपुर एवं सेतकुआं निवासी ग्रामीणों ने मांगों के चलते मगलवार को निर्माण रुकवा दिया। ग्रामीणों ने मशीनों के आपरेटरों को पहले बंधक बनाया बाद में काम नहीं करने की चेतावनी देकर चलता कर दिया।
मेरठ से बुलंदशहर तक एनएचएआई द्वारा हाइवे 235 का निर्माण कराया जा रहा है। जिसमें हापुड़ से मेरठ तक कहीं पुरानी रोड का चौड़ीकरण किया जा रहा है। वहीं, गांव फफूंडा, खरखौदा एवं कैली में बाईपास निकालकर निर्माण किया जा रहा है। पहले तो किसानों ने जमीन अधिग्रहण में आनाकानी की थी लेकिन जमीन अधिग्रहण हुई तो अब निर्माण कार्य में प्रतिदिन नई अड़चनें आ रही हैं। पहले तीनों बाईपास को पारकर जाने वाले विभिन्न गांवों के लिंक मार्ग, मुख्यमार्ग एवं चकरोड के लिए एनएचएआई द्वारा बाईपास पर अंडरपास नहीं देने पर गांव कूड़ी, खासपुर, अतराड़ा, खरखौदा, छतरी समेत कई गांवों के ग्रामीण हाइवे पर धरना-प्रदर्शन कर पहले ही विरोध जता चुके हैं। जिसमें एनएचएआई ने सभी गांवों के ग्रामीणों को आश्वासन दे रखा है। वहीं, पुरानी रोड पर बनाये जा रहे हाइवे पर पड़ने वाले गांव लालपुर एवं सेतकुआं के ग्रामीणों ने ओमपाल सिंह गुर्जर, ग्राम प्रधान महकार सिंह, केदारनाथ, चमन सिंह, प्रवीण कुमार, ब्रह्मपाल सिंह एवं प्रताप पहलवान के नेतृत्व में आज सैकड़ों ग्रामीणों ने विरोध जताया। ग्रामीणों का आरोप है कि राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण में गांव लालपुर के सामने सड़क की ऊंचाई अधिक कर दी है। इसकी ऊंचाई कम की जाए, गांव लालपुर के तीनों रास्ते एवं गांव सेतकुआं को जाने वाले रास्ते पर क्रासिंग दी जाए। राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर सर्विस पक्की रोड दी जाए। पूरे गांव की जल निकासी से रोड पर ही तालाब बन गया है। राजमार्ग के दौरान सड़क के दोनों ओर बना पक्का नाला एवं तालाब बंद हो जाएगा। ऐसे में गांव का पानी कहां जाएगा। सड़क निर्माण के पहले एनएचएआई हाइवे के दोनों ओर नाले का निर्माण कराए एवं पानी की निकासी का इंतजाम भी कराए। वहीं, ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि एनएचएआई ने रोड के निर्माण में आने वाले मकानों का उचित मूल्यांकन नहीं किया है। उचित मूल्यांकन करने के बाद ही ग्रामीण मुआवजा उठाएंगे। वहीं, ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि एनएचएआई ग्रामीणों पर मुआवजा उठाने का दबाव बना रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि सभी मांगों पर विचार करने के बिना ग्रामीण रोड का निर्माण नहीं होने देंगे। बुधवार को भी प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने रोड पर कार्य कर रही मशीनों को रुकवा दिया तथा आपरेटरों को बंधक बना लिया। बाद में आपरेटरों को लालपुर गांव के सामने कोई निर्माण नहीं करने की चेतावनी देकर छोड़ दिया। इस मौके पर नैपाल सिंह, शिवकुमार, सेवाराम, इंद्रजीत सिंह, कृष्णपाल गुर्जर सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
मुख्य बातें
ग्रामीणों ने मशीन आपरेटरों को बंधक बनाकर दी चेतावनी
एनएचएआई अफसरों पर लगाया मुआवजा उठाने का दबाव बनाने का आरोप
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एनएचएआई 235 पर गांव लालपुर एवं सेतकुआं निवासी ग्रामीणों ने मांगों के चलते मगलवार को निर्माण रुकवा दिया। ग्रामीणों ने मशीनों के आपरेटरों को पहले बंधक बनाया बाद में काम नहीं करने की चेतावनी देकर चलता कर दिया।
मेरठ से बुलंदशहर तक एनएचएआई द्वारा हाइवे 235 का निर्माण कराया जा रहा है। जिसमें हापुड़ से मेरठ तक कहीं पुरानी रोड का चौड़ीकरण किया जा रहा है। वहीं, गांव फफूंडा, खरखौदा एवं कैली में बाईपास निकालकर निर्माण किया जा रहा है। पहले तो किसानों ने जमीन अधिग्रहण में आनाकानी की थी लेकिन जमीन अधिग्रहण हुई तो अब निर्माण कार्य में प्रतिदिन नई अड़चनें आ रही हैं। पहले तीनों बाईपास को पारकर जाने वाले विभिन्न गांवों के लिंक मार्ग, मुख्यमार्ग एवं चकरोड के लिए एनएचएआई द्वारा बाईपास पर अंडरपास नहीं देने पर गांव कूड़ी, खासपुर, अतराड़ा, खरखौदा, छतरी समेत कई गांवों के ग्रामीण हाइवे पर धरना-प्रदर्शन कर पहले ही विरोध जता चुके हैं। जिसमें एनएचएआई ने सभी गांवों के ग्रामीणों को आश्वासन दे रखा है। वहीं, पुरानी रोड पर बनाये जा रहे हाइवे पर पड़ने वाले गांव लालपुर एवं सेतकुआं के ग्रामीणों ने ओमपाल सिंह गुर्जर, ग्राम प्रधान महकार सिंह, केदारनाथ, चमन सिंह, प्रवीण कुमार, ब्रह्मपाल सिंह एवं प्रताप पहलवान के नेतृत्व में आज सैकड़ों ग्रामीणों ने विरोध जताया। ग्रामीणों का आरोप है कि राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण में गांव लालपुर के सामने सड़क की ऊंचाई अधिक कर दी है। इसकी ऊंचाई कम की जाए, गांव लालपुर के तीनों रास्ते एवं गांव सेतकुआं को जाने वाले रास्ते पर क्रासिंग दी जाए। राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर सर्विस पक्की रोड दी जाए। पूरे गांव की जल निकासी से रोड पर ही तालाब बन गया है। राजमार्ग के दौरान सड़क के दोनों ओर बना पक्का नाला एवं तालाब बंद हो जाएगा। ऐसे में गांव का पानी कहां जाएगा। सड़क निर्माण के पहले एनएचएआई हाइवे के दोनों ओर नाले का निर्माण कराए एवं पानी की निकासी का इंतजाम भी कराए। वहीं, ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि एनएचएआई ने रोड के निर्माण में आने वाले मकानों का उचित मूल्यांकन नहीं किया है। उचित मूल्यांकन करने के बाद ही ग्रामीण मुआवजा उठाएंगे। वहीं, ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि एनएचएआई ग्रामीणों पर मुआवजा उठाने का दबाव बना रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि सभी मांगों पर विचार करने के बिना ग्रामीण रोड का निर्माण नहीं होने देंगे। बुधवार को भी प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने रोड पर कार्य कर रही मशीनों को रुकवा दिया तथा आपरेटरों को बंधक बना लिया। बाद में आपरेटरों को लालपुर गांव के सामने कोई निर्माण नहीं करने की चेतावनी देकर छोड़ दिया। इस मौके पर नैपाल सिंह, शिवकुमार, सेवाराम, इंद्रजीत सिंह, कृष्णपाल गुर्जर सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
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मुख्य बातें
ग्रामीणों ने मशीन आपरेटरों को बंधक बनाकर दी चेतावनी
एनएचएआई अफसरों पर लगाया मुआवजा उठाने का दबाव बनाने का आरोप