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चारे के अभाव में भूखे हैं गोवंशीय पशु

Fri, 01 Feb 2019 01:46 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 01 Feb 2019 01:46 AM IST
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चारे के अभाव में भूखे हैं गोवंशीय पशु
जानीखुर्द। जानी क्षेत्र में आवारा छोडे़ गए गोवशों के लिए जानी खुर्द में अस्थायी गोशाला बनाई गई है। यहां उचित मात्रा में चारे का प्रंबध नहीं होने से पशुओं के भूखा मरने की नौबत आ गई है। वहीं, गोशाला बनने के बाद भी आवारा पशुओं की संख्या में कमी नहीं आ रही है। वह किसानों की फसलों को बर्बाद कर रहे हैं।
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प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद गोवशों के कटान पर रोक लगा दी गई थी। इसके बाद किसान व अन्य पशु पालक दूध न देने वाले गायों और बछड़ों को आवारा छोड़ने लगे। ये आवारा पशु किसानों की फसलों का चौपट करने लगे। इससे परेशान होकर किसानों ने कई जिलों में आवारा पशुओं को स्कूलों और सरकारी कार्यालयों में बंद कर दिया। इसके बाद सरकार ने जिलों और कस्बों में अस्थायी गोशाला खोलने के आदेश कर दिये। चार दिन पूर्व जानी ब्लॉक के 44 गावों के लिए जानी खुर्द में बंद पडी सरकारी मंडी को अस्थायी गोशाला बना दिया गया। इसके दो दिनों में ही अस्थायी गोशाला में करीब 140 गोवंश ग्रामीण छोड़ गये। इसके बाद में जगह नहीं होने पर आने वाले आवारा पशुओं को लेना बन्द कर दिया गया। इस पर आवारा पशुओं को लेकर आने वाले ग्रामीण पशुओं को जानी खुर्द में सड़कों पर छोड़ गये। इन आवारा पशुओं ने जानी में उत्पात मचाना शुरू कर दिया। इसके चलते जानी खुर्द के ग्रामीण परेशान हैं। वहीं, अस्थायी गोशाला में चारे की उचित व्यवस्था न होने के कारण पशु भूखे हैं। जानी खुर्द के ग्राम प्रधान हरिओम के अनुसार ग्रामीणों ने अपने स्तर से कुछ चारे की व्यवस्था कराई है। अधिक पशु होने के चलते वह पर्याप्त नहीं है। वह सरकारी स्तर पर चारे के प्रंबध कराने के लिए ग्राम प्रधानों के साथ बीडीओ से मिले हैं।
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नाले में गिर घायल हुए गोवंश की मौत
जानीखुर्द। जानी खुर्द में अस्थायी गोशाला का निर्माण बंद पड़ी पंचायत की मंडी में किया गया। मंडी के अन्दर से एक नाला निकल रहा है। दो दिन पूर्व एक गोवंश इस नाले में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल गोवंश की उपचार के दौरान मौत हो गई। वहीं, अस्थायी गोशाला में बंद दो दर्जन से भी ज्यादा पशु बीमार हैं। उनका स्थानीय सरकारी पशु अस्पताल के डाक्टर उपचार कर रहे हैं। जानी में बनी अस्थायी गोशाला में पशुओं की देखरेख के लिये गांवों में लगे सफाई कर्मियों को लगाया है। उनकी सहायता जानी खुर्द के ग्रामीण लगे हुए हैं।
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