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मिल का लोन निरस्त होन से टूटी किसानों के भुगतान की उम्मीद
Updated Tue, 11 Dec 2018 01:03 AM IST
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मिल का लोन निरस्त, टूटी किसानों की उम्मीद
मोदीनगर। प्रदेश सरकार द्वारा मोदी शुगर की लोन की अर्जी निरस्त होने की सूचना मिलने पर क्षेत्र के किसानों के बकाया भुगतान की आस टूट गई है। इसके चलते क्षेत्र के किसानों का प्रतिनिधि मंडल सोमवार को एसडीएम से जाकर मिला। किसानों की मांग है एसडीएम भुगतान हेतु त्रिपक्षीय वार्ता कराएं।
सोमवार को किसानों का प्रतिनिधिमंडल तहसील मुख्यालय पहुंचा और एसडीएम पवन कुमार अग्रवाल से जाकर मिला। रालोद नेता अरुण दहिया के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम से वार्ता की। किसानों का कहना है कि इस मोदी शुगर पर किसानों की करीब 140 करोड़ की रकम बकाया है, जिसके ब्याज की रकम भी करोड़ों में है। ज्ञात सूचना के अनुसार प्रदेश सरकार द्वारा मोदी शुगर का लोन निरस्त कर दिया गया है। इसके चलते किसानों के भुगतान पर संकट पैदा हो गया है। इसलिए किसानों ने एसडएम पवन कुमार अग्रवाल से मोदीशुगर के अधिकारी, तहसीरल के अधिकारी व किसानों के प्रतिनिधियों की एक त्रिपक्षीय वार्ता कराने की मांग की। एसडीएम ने सभी पक्षों से बात करके आगे की कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। वार्ता में सतपाल सिंह मनौटा, ब्रजभूषण नेहरा, अजीत सिंह, नरेंद्र सिंह, संजीत नेहरा, पुष्पेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे। वहीं इस विषय में मिल प्रबंधन का कहना है कि सांसद व केबिनेट मंत्री सतपाल सिंह द्वारा गन्ना मंत्री को पत्र लिखे जाने के बाद मिल के लोन के संबंध कुछ गतिरोध पैदा हो गया है। मिल के अधिकारी सरकार के साथ वार्ता करके गतिरोध को दूर करने का प्रयास कर रहे हैं। आशा है कि जल्द सकारात्मक समाचार मिलेगा।
इसके अलावा सोमवार को ही रालोद व भाकियू नेताओं की संयुक्त टीम ने क्षेत्र के गांवों का दौरा करके किसानों से वार्ता की और उनको भुगतान के संबंध में मिल की वर्तमान हालत के बारे में जानकारी दी। भाकियू नेता हरेंद्र नेता के अनुसार मोदी शुगर का लोन निरस्त होने के बाद किसानों के पास आंदोलन करने के अलावा कोई चारा नहीं रह गया है। इसलिए आने वाले दिनों में किसानों को बड़े आंदोलन के लिए तैयार रहना होगा। संपर्क के दौरान बिट्टू खंजरपुर, सुशील त्यागी, किरण त्यागी, प्रवीण खंजरपुर कृष्णपाल व अन्य मौजूद रहे।
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मोदीनगर। प्रदेश सरकार द्वारा मोदी शुगर की लोन की अर्जी निरस्त होने की सूचना मिलने पर क्षेत्र के किसानों के बकाया भुगतान की आस टूट गई है। इसके चलते क्षेत्र के किसानों का प्रतिनिधि मंडल सोमवार को एसडीएम से जाकर मिला। किसानों की मांग है एसडीएम भुगतान हेतु त्रिपक्षीय वार्ता कराएं।
सोमवार को किसानों का प्रतिनिधिमंडल तहसील मुख्यालय पहुंचा और एसडीएम पवन कुमार अग्रवाल से जाकर मिला। रालोद नेता अरुण दहिया के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम से वार्ता की। किसानों का कहना है कि इस मोदी शुगर पर किसानों की करीब 140 करोड़ की रकम बकाया है, जिसके ब्याज की रकम भी करोड़ों में है। ज्ञात सूचना के अनुसार प्रदेश सरकार द्वारा मोदी शुगर का लोन निरस्त कर दिया गया है। इसके चलते किसानों के भुगतान पर संकट पैदा हो गया है। इसलिए किसानों ने एसडएम पवन कुमार अग्रवाल से मोदीशुगर के अधिकारी, तहसीरल के अधिकारी व किसानों के प्रतिनिधियों की एक त्रिपक्षीय वार्ता कराने की मांग की। एसडीएम ने सभी पक्षों से बात करके आगे की कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। वार्ता में सतपाल सिंह मनौटा, ब्रजभूषण नेहरा, अजीत सिंह, नरेंद्र सिंह, संजीत नेहरा, पुष्पेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे। वहीं इस विषय में मिल प्रबंधन का कहना है कि सांसद व केबिनेट मंत्री सतपाल सिंह द्वारा गन्ना मंत्री को पत्र लिखे जाने के बाद मिल के लोन के संबंध कुछ गतिरोध पैदा हो गया है। मिल के अधिकारी सरकार के साथ वार्ता करके गतिरोध को दूर करने का प्रयास कर रहे हैं। आशा है कि जल्द सकारात्मक समाचार मिलेगा।
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इसके अलावा सोमवार को ही रालोद व भाकियू नेताओं की संयुक्त टीम ने क्षेत्र के गांवों का दौरा करके किसानों से वार्ता की और उनको भुगतान के संबंध में मिल की वर्तमान हालत के बारे में जानकारी दी। भाकियू नेता हरेंद्र नेता के अनुसार मोदी शुगर का लोन निरस्त होने के बाद किसानों के पास आंदोलन करने के अलावा कोई चारा नहीं रह गया है। इसलिए आने वाले दिनों में किसानों को बड़े आंदोलन के लिए तैयार रहना होगा। संपर्क के दौरान बिट्टू खंजरपुर, सुशील त्यागी, किरण त्यागी, प्रवीण खंजरपुर कृष्णपाल व अन्य मौजूद रहे।
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