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फाल्ट रोकने के लिए काट दिए हरे भरे पेड़
Updated Mon, 20 Aug 2018 02:16 AM IST
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फाल्ट रोकने को काट दिए हरे पेड़
मेरठ। फाल्ट से बिजली लाइनों को बचाने के लिए पीवीवीएनएल शहर के हरे भरे पेड़ों को छटाई के बहाने काट रहा है। इससे हरियाली खत्म हो रही है।
सड़क किनारे से निकल रही एचटी व एलटी लाइनों को उनके नीचे खडे़ पेड़ हर साल घेर लेते हैं। पेड़ों की वजह से बरसात के दिनों में लाइनों में फाल्ट बढ़ जाते हैं। इसके चलते ब्रेकडाउन होने से बिजलीघरों की आपूर्ति ठप हो जाती है। इससे निजात पाने के लिए पीवीवीएनएल हर साल ऐसे पेड़ों की छटाईं कराता है जो लाइन को घेरे रहते हैं। रविवार को सुपरटेक पामग्रीन अपार्टमेंट के पीछे से जा रही लाइनों के नीचे खड़े पेड़ों की छटाई कराई जा रही थी। लेकिन ठेकेदार की लेबर ने पेड़ों की छटाई की जहमत ना उठाकर पेड़ों को बीच तने से ही काटना शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर पहुंची अमर उजाला की टीम को देखकर पेड़ काटने वाले भाग खड़े हुए। इस बारे में अधीक्षण अभियंता शहर संजीव राणा ने बताया कि पेड़ों की कटाई नहीं केवल छटाईं कराई जाती है। अगर ठेकेदार की लेबर ने छटाईं के नाम पर पेड़ों को बीच से काटा है तो इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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मेरठ। फाल्ट से बिजली लाइनों को बचाने के लिए पीवीवीएनएल शहर के हरे भरे पेड़ों को छटाई के बहाने काट रहा है। इससे हरियाली खत्म हो रही है।
सड़क किनारे से निकल रही एचटी व एलटी लाइनों को उनके नीचे खडे़ पेड़ हर साल घेर लेते हैं। पेड़ों की वजह से बरसात के दिनों में लाइनों में फाल्ट बढ़ जाते हैं। इसके चलते ब्रेकडाउन होने से बिजलीघरों की आपूर्ति ठप हो जाती है। इससे निजात पाने के लिए पीवीवीएनएल हर साल ऐसे पेड़ों की छटाईं कराता है जो लाइन को घेरे रहते हैं। रविवार को सुपरटेक पामग्रीन अपार्टमेंट के पीछे से जा रही लाइनों के नीचे खड़े पेड़ों की छटाई कराई जा रही थी। लेकिन ठेकेदार की लेबर ने पेड़ों की छटाई की जहमत ना उठाकर पेड़ों को बीच तने से ही काटना शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर पहुंची अमर उजाला की टीम को देखकर पेड़ काटने वाले भाग खड़े हुए। इस बारे में अधीक्षण अभियंता शहर संजीव राणा ने बताया कि पेड़ों की कटाई नहीं केवल छटाईं कराई जाती है। अगर ठेकेदार की लेबर ने छटाईं के नाम पर पेड़ों को बीच से काटा है तो इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।