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खैरनगर में दवा की 12 दुकानों पर छापेमारी, 25 के सैंपल लिए
Updated Fri, 22 Jun 2018 02:04 AM IST
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मेरठ। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की औषधि प्रशासन विंग ने बृहस्पतिवार को खैरनगर में दवा की 12 दुकानों में छापेमारी की। जांच के लिए दवाओं के 25 सैंपल लिए गए और करीब 42636 रुपये कीमत की दवाओं की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। कार्रवाई दोपहर 12 से शाम छह बजे तक चली।
खैरनगर दवाओं की थोक मार्केट है। यहां औषधि प्रशासन के सहायक आयुक्त राजेश श्रीवास्तव के निर्देशन में छह ड्रग्स इंस्पेक्टरों की टीम ने छापेमारी की। इनमें मेरठ के ड्रग्स इंस्पेक्टर पवन कुमार शाक्य, गाजियाबाद के ड्रग्स इंस्पेक्टर पूरण सिंह व जुनैब अली, बुलंदशहर की दीपा लाल, बागपत के वैभव और हापुड़ के लवकुश शामिल रहे। कार्रवाई के दौरान खैरनगर में खलबली मची रही। लंबे समय बाद औषधि प्रशासन विंग ने खैरनगर में इस तरह की कार्रवाई की है।
ड्रग्स इंस्पेक्टर पवन कुमार शाक्य ने बताया कि खांसी, जुकाम, बुखार की दवाइयां, शेविंग क्रीम, ब्लीच लोशन, साबुन, फेसवॉश और पशुओं की दवाइयों समेत 25 दवाओं के सैंपल लिए गए हैं। इन्हें जांच के लिए लखनऊ प्रयोगशाला भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि जिन दवाइयों की बिक्री पर रोक लगाई गई हैं, वह एंटीबायोटिक हैं। यह दवाइयां वह कहां से खरीदकर लाए थे, इसके प्रपत्र वह नहीं दिखा सके, लिहाजा प्रपत्र दिखाने तक उनकी बिक्री पर रोक रहेगी। उन्होंने बताया कि दवाओं के सैंपल मोहन मेडिकल, लागुन मेडिकल, बायोवेस्ट, त्यागी, बालाजी, कुंवर, प्राची मेडिकल आदि और दो जनरल स्टोर से लिए गए हैं।
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सात साल तक की सजा का प्रावधान
ड्रग्स इंस्पेक्टर ने बताया कि रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। रिपोर्ट आने में करीब दो माह का समय लग जाएगा। सैंपल फेल होने पर जुर्माने के साथ-साथ तीन से सात साल तक की सजा का प्रावधान है।
प्रदेश भर में अभियान चलाने के हैं निर्देश
औषधि प्रशासन के सहायक आयुक्त राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि दवाओं की खरीद-फरोख्त में गड़बड़ियों को रोकने के लिए शासन से प्रदेश भर में यह अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। दवाओं के थोक बाजारों में अभियान चलाने की खास हिदायत दी गई है।
खास बातें:
25 सैंपल लिए, कई दवाओं की बिक्री रोकी
- छह घंटे चली कार्रवाई, लखनऊ प्रयोगशाला में भेजे जाएंगे सैंपल
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खैरनगर दवाओं की थोक मार्केट है। यहां औषधि प्रशासन के सहायक आयुक्त राजेश श्रीवास्तव के निर्देशन में छह ड्रग्स इंस्पेक्टरों की टीम ने छापेमारी की। इनमें मेरठ के ड्रग्स इंस्पेक्टर पवन कुमार शाक्य, गाजियाबाद के ड्रग्स इंस्पेक्टर पूरण सिंह व जुनैब अली, बुलंदशहर की दीपा लाल, बागपत के वैभव और हापुड़ के लवकुश शामिल रहे। कार्रवाई के दौरान खैरनगर में खलबली मची रही। लंबे समय बाद औषधि प्रशासन विंग ने खैरनगर में इस तरह की कार्रवाई की है।
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ड्रग्स इंस्पेक्टर पवन कुमार शाक्य ने बताया कि खांसी, जुकाम, बुखार की दवाइयां, शेविंग क्रीम, ब्लीच लोशन, साबुन, फेसवॉश और पशुओं की दवाइयों समेत 25 दवाओं के सैंपल लिए गए हैं। इन्हें जांच के लिए लखनऊ प्रयोगशाला भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि जिन दवाइयों की बिक्री पर रोक लगाई गई हैं, वह एंटीबायोटिक हैं। यह दवाइयां वह कहां से खरीदकर लाए थे, इसके प्रपत्र वह नहीं दिखा सके, लिहाजा प्रपत्र दिखाने तक उनकी बिक्री पर रोक रहेगी। उन्होंने बताया कि दवाओं के सैंपल मोहन मेडिकल, लागुन मेडिकल, बायोवेस्ट, त्यागी, बालाजी, कुंवर, प्राची मेडिकल आदि और दो जनरल स्टोर से लिए गए हैं।
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सात साल तक की सजा का प्रावधान
ड्रग्स इंस्पेक्टर ने बताया कि रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। रिपोर्ट आने में करीब दो माह का समय लग जाएगा। सैंपल फेल होने पर जुर्माने के साथ-साथ तीन से सात साल तक की सजा का प्रावधान है।
प्रदेश भर में अभियान चलाने के हैं निर्देश
औषधि प्रशासन के सहायक आयुक्त राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि दवाओं की खरीद-फरोख्त में गड़बड़ियों को रोकने के लिए शासन से प्रदेश भर में यह अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। दवाओं के थोक बाजारों में अभियान चलाने की खास हिदायत दी गई है।
खास बातें:
25 सैंपल लिए, कई दवाओं की बिक्री रोकी
- छह घंटे चली कार्रवाई, लखनऊ प्रयोगशाला में भेजे जाएंगे सैंपल