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जिला सहकारी बैंक चुनाव
Updated Sun, 06 May 2018 02:20 AM IST
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प्रत्याशी का धरना खत्म, नहीं हुई सुनवाई
मेरठ। जिला सहकारी बैंक के डायरेक्टरों के लिए सिर्फ 13 भाजपाइयों के नामांकन वैध पाए जाने और बाकी के निरस्त का विरोध किया जा रहा है। जिनका नामांकन निरस्त किया गया है उनमें से एक महिला प्रत्याशी संतोष कुमारी ने पति के साथ शुक्रवार रातभर धरना देकर विरोध जताया। हालांकि सुबह आठ बजे वह धरने से उठ गईं। वहीं, कई अन्य प्रत्याशी भी वहां शिकायत करने पहुंचे, लेकिन कोई सुनवाई करने वाला नहीं मिला।
सपाइयों ने इसे भाजपा की साजिश बताया है। सपाइयों ने पार्टी की बैठक में भी यह मुद्दा उठाया। सपा जिलाध्यक्ष ने सहकारी बैंक चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव को सत्ताधारी पार्टी द्वारा हाईजेक किया गया है। गैरकानूनी तरीके से नामांकन खारिज करके एकाधिकार पर जबरदस्ती चुनाव को अपने पक्ष में करने की कोशिश की गई है। नामांकन निरस्त होने से नाराज डॉ. संदीप पहल ने भी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मनिंदर पाल का नामांकन निरस्त करने की मांग की है। संतोष कुमारी का कहना है कि उनके प्रपत्र सही हैं, वह साजिश का शिकार हुई हैं। उनकी कोई सुनवाई भी नहीं हुई है। गौरतलब है कि 14 डायरेक्टरों के लिए 35 लोगों ने नामांकन किए थे, जिनमें से सिर्फ 13 सपाइयों के नामांकन वैध पाए गए, बाकी को निरस्त कर दिया गया है। सपाई और कई प्रत्याशी इसे षड़यंत्र बता रहे हैं।
खास बातें:
जिला सहकारी बैंक चुनाव
- भाजपाइयों पर चुनाव को हाईजेक करने का आरोप
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मेरठ। जिला सहकारी बैंक के डायरेक्टरों के लिए सिर्फ 13 भाजपाइयों के नामांकन वैध पाए जाने और बाकी के निरस्त का विरोध किया जा रहा है। जिनका नामांकन निरस्त किया गया है उनमें से एक महिला प्रत्याशी संतोष कुमारी ने पति के साथ शुक्रवार रातभर धरना देकर विरोध जताया। हालांकि सुबह आठ बजे वह धरने से उठ गईं। वहीं, कई अन्य प्रत्याशी भी वहां शिकायत करने पहुंचे, लेकिन कोई सुनवाई करने वाला नहीं मिला।
सपाइयों ने इसे भाजपा की साजिश बताया है। सपाइयों ने पार्टी की बैठक में भी यह मुद्दा उठाया। सपा जिलाध्यक्ष ने सहकारी बैंक चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव को सत्ताधारी पार्टी द्वारा हाईजेक किया गया है। गैरकानूनी तरीके से नामांकन खारिज करके एकाधिकार पर जबरदस्ती चुनाव को अपने पक्ष में करने की कोशिश की गई है। नामांकन निरस्त होने से नाराज डॉ. संदीप पहल ने भी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मनिंदर पाल का नामांकन निरस्त करने की मांग की है। संतोष कुमारी का कहना है कि उनके प्रपत्र सही हैं, वह साजिश का शिकार हुई हैं। उनकी कोई सुनवाई भी नहीं हुई है। गौरतलब है कि 14 डायरेक्टरों के लिए 35 लोगों ने नामांकन किए थे, जिनमें से सिर्फ 13 सपाइयों के नामांकन वैध पाए गए, बाकी को निरस्त कर दिया गया है। सपाई और कई प्रत्याशी इसे षड़यंत्र बता रहे हैं।
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खास बातें:
जिला सहकारी बैंक चुनाव
- भाजपाइयों पर चुनाव को हाईजेक करने का आरोप