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ऋण माफ नहीं करने के विरोध में किसानों का धरना-प्रदर्शन
Updated Fri, 13 Apr 2018 02:48 AM IST
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कमिश्नरी पर किसानों का धरना-प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
किसानों का ऋण माफ नहीं होने के विरोध में बृहस्पतिवार को कमिश्नरी पर किसानों ने धरना-प्रदर्शन किया। साथ ही सपा नेता गौरव चौधरी के नेतृत्व में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया है कि किसानों के कृषि ऋण (केसीसी) को सरकार ने माफ किया था, लेकिन अब उसे गलत तरीके से वसूल किया जा रहा है। इसकी शिकायत सक्षम अधिकारियों से की गई है, मगर कोई निस्तारण नहीं किया गया है। किसानों ने कहा कि लावड़ क्षेत्र के 35 किसानों का नियम के मुताबिक कर्ज माफ कर दिया गया था। उनके पास प्रमाण पत्र भी हैं। लेकिन इसके बाद भी बैंक द्वारा बिना नोटिस दिए रिकवरी कर ली है। इस दौरान ओमबीर, पप्पू सिंह, मदन पाल सिंह, अमरजीत सिंह, वीर सिंह, राजबीर सिंह, भगवाना, गजेंद्र सिंह आदि रहे। गौरतलब है कि हाल ही में इस मुद्दे को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी उठाया था।
धारा 144 सिर्फ किसानों के लिए
सपा नेता गौरव चौधरी का कहना है कि पुलिस ने किसानों को धारा 144 बताकर कमिश्नरी जाने से रोका, जबकि वहीं बीजेपी के सांसद, विधायक कार्यक्रम कर रहे थे। उनके लिए धारा 144 नहीं थी। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन द्वारा यह दोहरा व्यवहार किया जा रहा है।
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अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
किसानों का ऋण माफ नहीं होने के विरोध में बृहस्पतिवार को कमिश्नरी पर किसानों ने धरना-प्रदर्शन किया। साथ ही सपा नेता गौरव चौधरी के नेतृत्व में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया है कि किसानों के कृषि ऋण (केसीसी) को सरकार ने माफ किया था, लेकिन अब उसे गलत तरीके से वसूल किया जा रहा है। इसकी शिकायत सक्षम अधिकारियों से की गई है, मगर कोई निस्तारण नहीं किया गया है। किसानों ने कहा कि लावड़ क्षेत्र के 35 किसानों का नियम के मुताबिक कर्ज माफ कर दिया गया था। उनके पास प्रमाण पत्र भी हैं। लेकिन इसके बाद भी बैंक द्वारा बिना नोटिस दिए रिकवरी कर ली है। इस दौरान ओमबीर, पप्पू सिंह, मदन पाल सिंह, अमरजीत सिंह, वीर सिंह, राजबीर सिंह, भगवाना, गजेंद्र सिंह आदि रहे। गौरतलब है कि हाल ही में इस मुद्दे को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी उठाया था।
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धारा 144 सिर्फ किसानों के लिए
सपा नेता गौरव चौधरी का कहना है कि पुलिस ने किसानों को धारा 144 बताकर कमिश्नरी जाने से रोका, जबकि वहीं बीजेपी के सांसद, विधायक कार्यक्रम कर रहे थे। उनके लिए धारा 144 नहीं थी। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन द्वारा यह दोहरा व्यवहार किया जा रहा है।
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