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भाजपा के लिए आसान नहीं होगा महागठबंधन से पार पाना
Updated Sun, 11 Mar 2018 02:12 AM IST
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भाजपा के लिए आसान नहीं होगा महा गठबंधन से पार पाना
मेरठ। भाजपा के विजयी रथ को रोकने के लिए महा गठबंधन की कवायद चल रही है। राज्यसभा चुनाव में हो रहे महा गठबंधन को ट्रायल के तौर पर देखा जा रहा है। लेकिन 2019 के चुनाव में यदि उत्तर प्रदेश के भीतर भाजपा के सामने प्रमुख विपक्षी दल बसपा, सपा, कांग्रेस और रालोद एक हो जाए तो हैरत नहीं होगी। यदि ऐसा हुआ तो भाजपा के लिए 2014 के इतिहास को दोहराना आसान नहीं होगा।
उत्तर प्रदेश में पश्चिमी क्षेत्र में जातिगत और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के आधार पर चुनाव होता रहा है। 2009 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने रालोद से गठबंधन किया था। इसमें मेरठ सहित मुजफ्फरनगर, बागपत, बिजनौर और गाजियाबाद की सीटों पर भाजपा को लाभ मिला। यहां चार सीटों पर भाजपा और रालोद गठबंधन ने कब्जा किया तो एक सीट बसपा के हाथ लगी थी। वहीं 2014 में मोदी लहर में सभी विपक्षी दल धराशायी हो गए थे। इस चुनाव में भाजपा ने सभी पांचों सीटों पर बड़े अंतर से जीत हासिल की थी।
इस बार बदली है हवा
लोकसभा चुनाव 2014 पूरी तरह मुजफ्फरनगर दंगे की सोच में डूबा हुआ था। इसके साथ ही तब मोदी लहर पूरे चरम पर थी। तब से अब तक इस सोच में बदलाव आया है। जाट बहुल इस बेल्ट में रालोद मुख्य फैक्टर रहा है। यह बात अलग है कि 2014 में मुजफ्फरनगर दंगे की आग में रालोद को भी क्षति हुई थी। लेकिन इन चार सालों में इस तरफ से भरपाई का पूरा प्रयास हुआ है। वहीं 2014 में मुस्लिम मतों का भी बिखराव लगभग हर जगह नजर आया था। लेकिन महा गठबंधन में ऐसा नहीं होगा, जो भाजपा के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।
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लोकसभा चुनाव में दलित वोट पर नजर
लोकसभा चुनाव 2019 में महा गठबंधन सहित भाजपा की भी दलित वोट पर नजर होगी। हालांकि पिछले तमाम आंकड़े देखें तो विधानसभा चुनाव में जहां दलित वोट बसपा की तरफ होता है तो लोकसभा चुनाव में उसका कुछ वोट बैंक छिटक जाता है। लेकिन पिछले दिनों हुए आरएसएस के राष्ट्रोदय के मिशन और भाजपा की रणनीति इसी दलित वोट बैंक को साधने की रही।
2009 लोकसभा चुनाव के आंकड़े (भाजपा+रालोद)
मुजफ्फरनगर
पार्टी प्राप्त वोट
बसपा (विजयी) 275318
रालोद 254720
सपा 106667
कांग्रेस 73848
-----------
बिजनौर
पार्टी प्राप्त वोट
रालोद (विजयी) 244587
बसपा 216157
कांग्रेस 85158
सपा 51079
--------------------
मेरठ
पार्टी प्राप्त वोट
भाजपा (विजयी) 232137
बसपा 184991
सपा 183527
कांग्रेस 61003
------------------
बागपत
पार्टी प्राप्त वोट
रालोद (विजयी) 238638
बसपा 175611
कांग्रेस 136964
सपा 45674
------------------
गाजियाबाद
भाजपा (विजयी) 359637
कांग्रेस 268956
बसपा 180285
नोट.... सपा ने गाजियाबाद में प्रत्याशी नहीं उतारा।
2014 लोकसभा चुनाव के आंकड़े (कांग्रेस+रालोद)
मुजफ्फरनगर
पार्टी प्राप्त मत
भाजपा (विजयी) 653391
सपा 160810
बसपा 252241
कांग्रेस 12937
भाजपा को तीनों विपक्षी दलों को मिले कुल मतों से 227403 मत ज्यादा मिले।
-------------
बिजनौर
पार्टी प्राप्त मत
भाजपा (विजयी) 486913
सपा 281139
बसपा 230124
रालोद 24348
भाजपा को तीनों विपक्षी दलों को मिले कुल मतों से 48698 मत कम मिले।
---------------
मेरठ
पार्टी प्राप्त मत
भाजपा (विजयी) 532981
सपा 211759
बसपा 300655
कांग्रेस 42911
भाजपा को तीनों विपक्षी दलों को मिले कुल मतों से 22344 मत कम मिले।
-------------
बागपत
पार्टी प्राप्त मत
भाजपा (विजयी) 423475
सपा 213609
बसपा 141743
रालोद 199516
भाजपा को तीनों विपक्षी दलों को मिले कुल मतों से 131393 मत ज्यादा मिले।
----------------
गाजियाबाद
पार्टी प्राप्त मत
भाजपा (विजयी) 758482
सपा 106984
बसपा 173085
कांग्रेस 191222
भाजपा को तीनों विपक्षी दलों को मिले कुल मतों से 287181 मत ज्यादा मिले।
खास बातें:
पिछले दो लोकसभा चुनाव में सपा और बसपा के वोट के आंकड़े कर रहे चुनौती पेश
मेरठ। भाजपा के विजयी रथ को रोकने के लिए महा गठबंधन की कवायद चल रही है। राज्यसभा चुनाव में हो रहे महा गठबंधन को ट्रायल के तौर पर देखा जा रहा है। लेकिन 2019 के चुनाव में यदि उत्तर प्रदेश के भीतर भाजपा के सामने प्रमुख विपक्षी दल बसपा, सपा, कांग्रेस और रालोद एक हो जाए तो हैरत नहीं होगी। यदि ऐसा हुआ तो भाजपा के लिए 2014 के इतिहास को दोहराना आसान नहीं होगा।
उत्तर प्रदेश में पश्चिमी क्षेत्र में जातिगत और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के आधार पर चुनाव होता रहा है। 2009 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने रालोद से गठबंधन किया था। इसमें मेरठ सहित मुजफ्फरनगर, बागपत, बिजनौर और गाजियाबाद की सीटों पर भाजपा को लाभ मिला। यहां चार सीटों पर भाजपा और रालोद गठबंधन ने कब्जा किया तो एक सीट बसपा के हाथ लगी थी। वहीं 2014 में मोदी लहर में सभी विपक्षी दल धराशायी हो गए थे। इस चुनाव में भाजपा ने सभी पांचों सीटों पर बड़े अंतर से जीत हासिल की थी।
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इस बार बदली है हवा
लोकसभा चुनाव 2014 पूरी तरह मुजफ्फरनगर दंगे की सोच में डूबा हुआ था। इसके साथ ही तब मोदी लहर पूरे चरम पर थी। तब से अब तक इस सोच में बदलाव आया है। जाट बहुल इस बेल्ट में रालोद मुख्य फैक्टर रहा है। यह बात अलग है कि 2014 में मुजफ्फरनगर दंगे की आग में रालोद को भी क्षति हुई थी। लेकिन इन चार सालों में इस तरफ से भरपाई का पूरा प्रयास हुआ है। वहीं 2014 में मुस्लिम मतों का भी बिखराव लगभग हर जगह नजर आया था। लेकिन महा गठबंधन में ऐसा नहीं होगा, जो भाजपा के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।
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लोकसभा चुनाव में दलित वोट पर नजर
लोकसभा चुनाव 2019 में महा गठबंधन सहित भाजपा की भी दलित वोट पर नजर होगी। हालांकि पिछले तमाम आंकड़े देखें तो विधानसभा चुनाव में जहां दलित वोट बसपा की तरफ होता है तो लोकसभा चुनाव में उसका कुछ वोट बैंक छिटक जाता है। लेकिन पिछले दिनों हुए आरएसएस के राष्ट्रोदय के मिशन और भाजपा की रणनीति इसी दलित वोट बैंक को साधने की रही।
2009 लोकसभा चुनाव के आंकड़े (भाजपा+रालोद)
मुजफ्फरनगर
पार्टी प्राप्त वोट
बसपा (विजयी) 275318
रालोद 254720
सपा 106667
कांग्रेस 73848
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बिजनौर
पार्टी प्राप्त वोट
रालोद (विजयी) 244587
बसपा 216157
कांग्रेस 85158
सपा 51079
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मेरठ
पार्टी प्राप्त वोट
भाजपा (विजयी) 232137
बसपा 184991
सपा 183527
कांग्रेस 61003
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बागपत
पार्टी प्राप्त वोट
रालोद (विजयी) 238638
बसपा 175611
कांग्रेस 136964
सपा 45674
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गाजियाबाद
भाजपा (विजयी) 359637
कांग्रेस 268956
बसपा 180285
नोट.... सपा ने गाजियाबाद में प्रत्याशी नहीं उतारा।
2014 लोकसभा चुनाव के आंकड़े (कांग्रेस+रालोद)
मुजफ्फरनगर
पार्टी प्राप्त मत
भाजपा (विजयी) 653391
सपा 160810
बसपा 252241
कांग्रेस 12937
भाजपा को तीनों विपक्षी दलों को मिले कुल मतों से 227403 मत ज्यादा मिले।
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बिजनौर
पार्टी प्राप्त मत
भाजपा (विजयी) 486913
सपा 281139
बसपा 230124
रालोद 24348
भाजपा को तीनों विपक्षी दलों को मिले कुल मतों से 48698 मत कम मिले।
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मेरठ
पार्टी प्राप्त मत
भाजपा (विजयी) 532981
सपा 211759
बसपा 300655
कांग्रेस 42911
भाजपा को तीनों विपक्षी दलों को मिले कुल मतों से 22344 मत कम मिले।
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बागपत
पार्टी प्राप्त मत
भाजपा (विजयी) 423475
सपा 213609
बसपा 141743
रालोद 199516
भाजपा को तीनों विपक्षी दलों को मिले कुल मतों से 131393 मत ज्यादा मिले।
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गाजियाबाद
पार्टी प्राप्त मत
भाजपा (विजयी) 758482
सपा 106984
बसपा 173085
कांग्रेस 191222
भाजपा को तीनों विपक्षी दलों को मिले कुल मतों से 287181 मत ज्यादा मिले।
खास बातें:
पिछले दो लोकसभा चुनाव में सपा और बसपा के वोट के आंकड़े कर रहे चुनौती पेश