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ध्वस्तीकरण की तैयारी पूरी थी, बस पुलिस नहीं मिली

Tue, 12 Sep 2017 03:24 AM IST
Updated Tue, 12 Sep 2017 03:24 AM IST
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ध्वस्तीकरण की तैयारी पूरी थी, बस पुलिस नहीं मिली
मेरठ। कैंट में अवैध निर्माण पर कार्रवाई की कथनी और करनी में फर्क है। बात सख्त कार्रवाई की हो तो समन्वय भी नहीं है। छावनी क्षेत्र में अवैध निर्माण के खिलाफ सोमवार से बड़ा अभियान शुरू होना था। डीएम की अध्यक्षता में एक्शन प्लान पर मुहर लगी थी। लेकिन कार्रवाई के दिन की सुबह सन्नाटा रहा। पुलिस नहीं मिलने की वजह से ध्वस्तीकरण का अभियान शुरू ही नहीं हुआ। कैंट बोर्ड की टीम हथौडे़े और अन्य औजार लेकर बैठी रही।
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छावनी क्षेत्र में कैंट बोर्ड ने 139 अवैध निर्माण चिह्नित कर रखे हैं। नोटिस देने के बाद भी असर नहीं हुआ। इन पर कार्रवाई के लिए लंबे समय से कैंट बोर्ड, जिला प्रशासन और पुलिस के बीच समन्वय बनाने की कवायद चल रही थी। पिछले दिनों डीएम समीर वर्मा की अध्यक्षता और कैंट बोर्ड सीईओ राजीव श्रीवास्तव की मौजूदगी में हुई बैठक में अवैध निर्माण पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की योजना तैयार की गई। कार्रवाई की शुरुआत बंगला नंबर 210 बी से होनी थी। सोमवार सुबह सात बजे कैंट ऑफिस पर कैंट बोर्ड की टीम जमा हो गई। हथौड़े, दो बुलडोजर और अन्य हथियारों के साथ टीम पूरी तरह तैयार थी। सेना की ओर से दो क्विक रेस्पांस टीम भी मिली थीं। डीएम की ओर से दो मजिस्ट्रेट कार्रवाई के लिए दिए गए थे। ऐन मौके पर पुलिस नहीं मिली। आलम यह था कि कई घंटों तक तो यह ही नहीं पता चला कि कार्रवाई होगी भी या नहीं। मौके पर एहतियात के लिए एंबुलेंस भी आनी थी। एंबुलेंस वाला लोकेशन पूछता रहा। उसे बाद में पता चला कि कार्रवाई नहीं हो रही।
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काम आया दबाव, नहीं शुरू हो सकी कार्रवाई
अवैध निर्माण पर कार्रवाई को लेकर अपने तर्क के साथ नेता और लोगों ने दबाव बनाया था। रविवार को कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल सीईओ से उनके आवास पर मिले थे। जिला प्रशासन और पुलिस पर भी कार्रवाई को लेकर दबाव बनाया जा रहा था। पहले दिन दबाव का असर दिखा।
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कार्रवाई न हुई तो बढे़गा अवैध निर्माण
अवैध निर्माण पर कार्रवाई की सूचना मिलने के बाद कुछ लोगों ने खुद निर्माण हटाना शुरू कर दिया था। सोमवार को उन्होंने कार्रवाई रोक दी। अवैध निर्माण पर अगर कार्रवाई नहीं हुई तो अवैध निर्माण करने वालों का हौसला बढ़ेगा। कैंट बोर्ड का कहना है वह कार्रवाई के लिए तैयार हैं, लेकिन पुलिस नहीं मिल रही।
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