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नो एंटीबायोटिक प्लीज

Mon, 11 Sep 2017 02:47 AM IST
Updated Mon, 11 Sep 2017 02:47 AM IST
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नो एंटीबायोटिक प्लीज
चिकित्सक बोले, एंटीबायोटिक से करें तौबा
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मेरठ। आनंद अस्पताल में एंटीबायोटिक्स विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें बताया गया कि एंटीबायोटिक्स के ज्यादा प्रयोग का परिणाम है कि मानव जाति अनेक रोगों से घिर चुकी है। इससे तात्कालिक परिणाम तो तुरंत मिल जाते हैं, मगर मानव को कमजोर कर देती है, जिससे वह जल्दी-जल्दी बीमार पड़ने लगते हैं।
वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. संजय जैन ने बताया कि स्वाइन फ्लू, डेंगू, हृदय रोग, मोटापा, कैंसर और डायबिटीज आदि रोग इसी वजह से ज्यादा फैल रहे हैं। दैनिक जीवन में एंटीबायोटिक के प्रयोग से बचें। अपनी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर भरोसा करें। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी एंटीबायोटिक्स के प्रयोग को कम से कम करने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि आज स्थिति यह है कि मनुष्यों को कमजोर करने के अलावा एंटीबायोटिक्स खुद भी प्रभावहीन हो गई है और साधारण कीटाणु सुपरबग बन गए हैं। 30 अप्रैल 2014 को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एंटीबायोटिक्स के पूरी तरह प्रभावहीन होने तथा पोस्ट एंटीबायोटिक युग के आने की घोषणा की।
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उन्होंने बताया कि मॉलिक्यूलर बायोलॉजी के महान वैज्ञानिक प्रोफेसर स्टुअर्ट बी लेवी कहते हैं कि एंटीबायोटिक्स के माध्यम से इंफेक्शन का इलाज आधुनिक चिकित्सा विज्ञान की एक बड़ी भूल थी। इस प्रकार कीटाणुओं पर विजय कभी नहीं पाई जा सकती है। हानिकारक कीटाणु आदि को मानव के शरीर में खरबों की संख्या में पाए जाने वाले लाभकारी कीटाणुओं का समूह ही परास्त कर सकता है। इस समूह को माइक्रोबियोम का नाम दिया गया है। यह मानव शरीर के विभिन्न तंत्रों के सुचारु रूप से कार्य करने के लिए अत्यंत ही आवश्यक माना गया है। लेकिन विडंबना यह हुई है कि एंटीबायोटिक्स ने इन लाभकारी कीटाणुओं के समूह को ही नष्ट कर दिया, जिसके परिणाम स्वरूप हानिकारक कीटाणु और अधिक शक्तिशाली हो गए।
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उन्होंने बताया कि सभी शरीरों में सभी प्रकार के रोगों से लड़ने के लिए रोग प्रतिरोधक तंत्र (इम्युनिटी) मौजूद है, जो रोगों से मनुष्य की रक्षा करता है। एंटीबायोटिक्स इस रक्षा तंत्र को अपरिहार्य क्षति पहुंचाती है, जिसके कारण ही मानव जाति पूरी तरह रोगों से घिर चुकी है, वहीं आयुर्वेद इस रक्षा तंत्र को मजबूत करता है। इस दौरान डॉ. शरद जैन ने सर्जरी के मामलों में संक्रमण से बचाव के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा जारी निर्देशों पर प्रकाश डाला। शहर के कई प्रमुख चिकित्सक इस गोष्ठी में शामिल हुए।
खास बात
एंटीबायोटिक्स विषय पर आनंद अस्पताल में हुई संगोष्ठी
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