{"_id":"5a2afb644f1c1bce408bbe1e","slug":"151276644317-city-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्मार्ट सिटी और अमृत येजना की कार्यशाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्मार्ट सिटी और अमृत येजना की कार्यशाला
Updated Sat, 09 Dec 2017 02:21 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरठ। स्मार्ट सिटी और अमृत योजना को विधिवत रूप से धरातल पर उतारने के लिए भारत सरकार गंभीर है। स्मार्ट शहरों की सूची में आने वाले सभी नगर निगम और नगर महा पालिकाओं के अधिकारियों को शुक्रवार को दिल्ली में प्रशिक्षण दिया गया। अमृत योजना के तहत होने वाले कार्य की गुणवत्ता और समय से निपटाने के गुर सिखाए गए।
कार्यशाला शुक्रवार को केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित की, जिसमें सचिव दुुुर्गा प्रसाद मिश्रा ने सभी नगरायुक्तों को स्मार्ट सिटी के प्रत्येक पहलु से अवगत कराया। साथ ही कहा कि स्मार्ट सिटी और अमृत योजना केंद्र सरकार की प्राथमिकता वाली योजना हैं। इसलिए इनको गाइड लाइन के अनुसार पूरा किया जाए। उन्होंने स्मार्ट सिटी के लिए प्रथम चरण में चयनित हुए शहरों का भी हवाला दिया। बताया गया कि आने वाले समय में शहरों की सूरत बदल जाएगी। स्मार्ट शहरों में बाजार, उद्योग और आवासीय क्षेत्र अलग-अलग विकसित होंगे। यातायात व्यवस्था में सुधार होगा। उन्होंने अमृत योजना के एक-एक पहलु पर चर्चा की। सचिव ने कहा कि अमृत योजना की प्रगति अभी धीमी है। इसलिए गति को तेज करके अमृत योजना को समय से पूरा किया जाए। योजना में पानी के कनेक्शन और पार्कों का सौंदर्यीकरण रखा गया है। शुक्रवार को दिल्ली में हुई कार्यशाला से यह स्पष्ट हो गया है कि इस बार मेरठ का नाम स्मार्ट शहरों की सूची में शामिल अवश्य होगा। क्योंकि नाम घोषित होने से पहले ही मेरठ के अधिकारियों को स्मार्ट सिटी के संबंध में पूरी जानकारी दी गई। मेरठ से नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान, अधिशासी अभियंता मोइनुद्दीन, लेखा अधिकारी मनोज त्रिपाठी प्रशिक्षण में मौजूद रहे।
विज्ञापन
कार्यशाला शुक्रवार को केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित की, जिसमें सचिव दुुुर्गा प्रसाद मिश्रा ने सभी नगरायुक्तों को स्मार्ट सिटी के प्रत्येक पहलु से अवगत कराया। साथ ही कहा कि स्मार्ट सिटी और अमृत योजना केंद्र सरकार की प्राथमिकता वाली योजना हैं। इसलिए इनको गाइड लाइन के अनुसार पूरा किया जाए। उन्होंने स्मार्ट सिटी के लिए प्रथम चरण में चयनित हुए शहरों का भी हवाला दिया। बताया गया कि आने वाले समय में शहरों की सूरत बदल जाएगी। स्मार्ट शहरों में बाजार, उद्योग और आवासीय क्षेत्र अलग-अलग विकसित होंगे। यातायात व्यवस्था में सुधार होगा। उन्होंने अमृत योजना के एक-एक पहलु पर चर्चा की। सचिव ने कहा कि अमृत योजना की प्रगति अभी धीमी है। इसलिए गति को तेज करके अमृत योजना को समय से पूरा किया जाए। योजना में पानी के कनेक्शन और पार्कों का सौंदर्यीकरण रखा गया है। शुक्रवार को दिल्ली में हुई कार्यशाला से यह स्पष्ट हो गया है कि इस बार मेरठ का नाम स्मार्ट शहरों की सूची में शामिल अवश्य होगा। क्योंकि नाम घोषित होने से पहले ही मेरठ के अधिकारियों को स्मार्ट सिटी के संबंध में पूरी जानकारी दी गई। मेरठ से नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान, अधिशासी अभियंता मोइनुद्दीन, लेखा अधिकारी मनोज त्रिपाठी प्रशिक्षण में मौजूद रहे।
विज्ञापन