फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   डीसीओ का आश्ससन हुआ समाप्त समस्या जस की तस।

डीसीओ का आश्ससन हुआ समाप्त समस्या जस की तस।

Sun, 03 Dec 2017 09:37 PM IST
Updated Sun, 03 Dec 2017 09:37 PM IST
विज्ञापन
डीसीओ का आश्ससन हुआ समाप्त समस्या जस की तस।
बहसूमा।
विज्ञापन

रामराज गन्ना समिति में इंडेंट बढ़ाने एवं इसमें गड़बड़ी का आरोप लगाकर दस दिन पूर्व तीन दिन तक धरना-प्रदर्शन चला था। इसके बाद डीएम की फटकार के पश्चात किसानों के बीच पहुंचे डीसीओ के दस दिन में सभी अव्यवस्था दूर करने के आश्वासन पर किसानों ने धरना समाप्त किया था। डीसीओ द्वारा रविवार को दी गई समयावधि समाप्त हो गई है। किसान व्यवस्था दुरुस्त नहीं होने पर सोमवार को गन्ना समिति में आंदोलन का बिगुल फूंक सकते हैं।
रामराज गन्ना समिति से 84 गांवों के 14 हजार किसान जुडे़ हैं। किसानों का आरोप है कि गन्ना समिति पदाधिकारी एवं मिल प्रबंधन की मिलीभगत से वैंडर ने रामराज गन्ना समिति के किसानों का इंडेंट घटाकर रामराज क्षेत्र के गन्ना माफिया से गन्ना खरीद करा रहे हैं। जिससे समिति से जुडे़ किसानों का इंडेंट कम दिया है। इसी वजह से रामराज गन्ना समिति इंडेंट में 86 हजार कुंतल पिछड़ रही है। वहीं, वैंडर ने सेटिंग करके फर्जी बांड एवं फर्जी पर्ची जारी कर दी थी। इस खेल का किसानों को पता चला तो उन्होंने दस दिन पूर्व समिति में वैंडर को हटाने आदि मांगों को लेकर लगातार तीन दिन तक धरना-प्रदर्शन किया था। इस पर डीएम मुजफ्फरनगर की फटकार लगने के बाद पहुंचे जिला गन्ना अधिकारी ओमप्रकाश यादव ने सभी समस्याओं को दस दिन दूर करने का आश्वासन दिया था। हालांकि किसानों को तय हुआ इंडेट प्रतिदिन 35 हजार कुंतल के मुताबिक पर्ची नहीं मिल सकीं। वहीं, किसानों से सुधार के आश्वासन की समय सीमा रविवार को समाप्त हो गई है। किसानों की समस्या जस की तस बनी हुई है। किसान राजेंद्र सिंह एवं राजेश्वर दयाल का कहना है कि डीसीओ द्वारा दिया गया आश्वासन रविवार को समाप्त हो गया है। सोमवार को किसान गन्ना समिति में आंदोलन का बिगुल फूंक सकते हैं।
विज्ञापन

समस्याओं का शीघ्र समाधान कराएंगे
क्षेत्र के किसानों के लिए मवाना एवं टिकौला चीनी मिल ने गन्ना आपूर्ति के लिए दो-दो क्रय केंद्र हैं। किसानों का आरोप है कि टिकौला चीनी मिल से जुडे़ क्रय केंद्र तीसरे दिन कांटों को इलेक्ट्रोनिक करने तो कभी मिल की सफाई होने तथा कभी महीना के अंत का बहाना बनाकर तौल बंद कर दी जाती है। किसानों को गेहूं की बुआई के चलते खेत खाली करने की जल्दी है। तौल बंद होने से किसानों को परेशानी हो रही है। वहीं, मिल के डीजीएम लेखपाल सिंह का कहना है कि किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed