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सरधना में प्रत्यासियों के कुछ इस तरह बने ओर बिगडे समीकरण

Sat, 02 Dec 2017 07:53 PM IST
Updated Sat, 02 Dec 2017 07:53 PM IST
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सरधना में प्रत्यासियों के कुछ इस तरह बने ओर बिगडे समीकरण
अशोक सोम
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सरधना।
बेगम समरू की राजधानी में शुक्रवार को हुई मतगणना के बाद पालिका अध्यक्ष सीट पर सपा समर्थित प्रत्याशी सबीला बेगम काबिज हो गईं। पालिका में 25 वार्ड हैं। प्रत्येक वार्ड में करीब दो हजार वोट हैं। इस प्रकार कस्बे में 50 हजार से अधिक वोट हैं। यहां करीब तीस हजार मुस्लिम और बीस हजार हिंदू वोट हैं। इस अंतर के बावजूद दो या तीन बार हिंदू प्रत्याशी ने जीत का परचम लहरा चुके हैं। इसके चलते यहां का चुनाव विकास और आपसी सौहार्द के मुद्दों पर भारी पड़ता रहा है। यहां अध्यक्ष पद पर आठ मुस्लिम और दो हिंदू प्रत्याशी मैदान में होने के बावजूद केवल दो प्रत्याशियों पर वोटरों का फोकस रहा। जिनमें सपा से सबीला और भाजपा से रेखा रहीं। मतदाताओं ने नेताओं के चुनावी जुमलों पर ध्यान नहीं दिया और जनादेश सुना दिया।

नगर पालिका चुनाव इस बार पूर्व में हुए चुनावों से काफी हटकर दिखा। भले ही सपा से सबीला और भाजपा से रेखा आपसी सौहार्द और भाईचारे के आधार पर चुनाव लड़ी हों, लेकिन अंदर ही अंदर धार्मिकता को हवा दी जा रही थी। चुनाव परिणाम के बाद यह साफ हो गया। इस सीट पर चुनाव की पटकथा लखनऊ में बैठे भाजपा और सपा नेताओं द्वारा लिखी गई थी। जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खासमखास अतुल प्रधान के समर्थक निजाम अंसारी की पत्नी सबीला को चुनाव मैदान में उतारा गया। वहीं, भाजपा से आठ कार्यकर्ता टिकट मांग रहे थे। जिसमें लखनऊ से पूर्व चेयरमैन स्वर्गीय केशोराम के परिवार से संजीव की पत्नी रेखा जायसवाल का टिकट फाइनल हुआ। पार्टियों से सिंबल मिला तो भाजपा से केवल एक प्रत्याशी चुनाव मैदान में आया जबकि एक बतौर निर्दलीय रहा। वहीं, मुस्लिम समाज से पांच पार्टी समर्थित और तीन निर्दलीय चुनाव मैदान में रहे। हालांकि बसपा प्रत्याशी भी चुनाव मैदान में कहीं नहीं दिखाई दिया। चुनाव में भले ही दो हिंदू और आठ मुस्लिम प्रत्याशी रहे हों परंतु वोटरों का फोकस सपा प्रत्याशी सबीला और भाजपा की रेखा जायसवाल पर रहा। जिस रणनीति पर सपा ने काम किया वह कामयाब साबित हुई। वहीं, भाजपा अपने जाल में खुद फंस गई। जिसमें विधायक संगीत सोम और जिलाध्यक्ष शिवकुमार में सफल तालमेल नहीं होने से 25 वार्डों में पार्टी प्रत्याशी नहीं उतार सकी। भाजपा ने महज दस वार्ड में प्रत्याशी तय किए। इसमें भी केवल औपचारिकता निभाई गई। जिसमें पार्टी समर्थित प्रत्याशियों को हराने का काम पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने ही किया। इसके परिणामस्वरूप नगर महामंत्री संजीव पंवार की पत्नी सीमा ही चुनाव जीत सकीं। 25 वार्डों वाली पालिका में सिर्फ आठ हिंदू सभासद चुनकर आए हैं। इनमें एक भाजपा समर्थित और सात अपने बूते जीते हैं। वहीं, पालिका के सदन में 16 मुस्लिम सभासद पहुंचे हैं। निजि संबंधों के आधार पर रेखा ने मुस्लिम वोटों में सेंधमारी की। वहीं, सबीला बेगम भी कुछ हिंदू वोटों को अपने पक्ष में करने में कामयाब रहीं। आखिर बेगम समरू की राजधानी सरधना में सपा की साइकिल दौड़ी और सबीला ने जीत का परचम लहराया।
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मुख्य बातें
सरधना में पालिका चुनाव में कुछ इस तरह से बने और बिगडे़ समीकरण
नगर में करीब 50 हजार से अधिक वोटर हैं, 30 हजार मुस्लिम और 20 हजार हिंदू
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