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चिरौडी के जंगल में रजवाह टूटने से ग्रामीणों की लाखों की फसल बर्बाद
Updated Wed, 15 Nov 2017 06:50 PM IST
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क्षेत्र के चिरौड़ी गांव में चार दिन के अंतराल में दो बार रजवाहा टूटने से किसानों की लाखों रुपये की सरसों और सब्जी की फसल बर्बाद हो गई है। वहीं, गन्ने की फसल भी प्रभावित हो गई है। इतना ही नहीं करीब तीस किसानों के सामने गेहूं की फसल बुआई कर पाने का संकट उत्पन्न हो गया है।
चिरौड़ी गांव निवासी जितेंद्र, महीपाल, नरेश, कंवरपाल एवं जीत आदि ने बताया कि एक सप्ताह से रजवाह में काफी पानी छोड़ा जा रहा है। इससे रजवाहा ओवरफ्लो हो गया है। इसकी वजह से चार दिन पूर्व कुलाबा नंबर 29 पर पटरी कट जाने से 30 किसानों की करीब 200 बीघा फसल जलमग्न हो गई थी। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत सिंचाई विभाग के अधिकारियों से की तो रजवाहे की पटरी को मिट्टी डालकर दुरुस्त करा दिया गया था। सिंचाई विभाग द्वारा मंगलवार रात रजवाहा में फिर से पानी छोड़ा गया। इससे रजवाहा ओवरफ्लो होने की वजह से पटरी फिर से टूट गई। जिससे किसान जीत सिंह, चरण सिंह, बाबू, जगदीश, सतेंद्र, राजेेंद्र आदि की सरसों, सब्जी आदि लाखों की फसल बर्बाद हो गई। हालांकि खेतों में पांच फीट तक पानी खड़ा हो जाने से गन्ने की फसल भी प्रभावित हो गई। अब पीड़ित किसानों के खेतों में गेहूं की फसल की बुआई भी समय से नहीं हो सकेगी। ग्रामीणों ने मामले की शिकायत जिलाधिकारी से करके फसल का मुआवजा दिलाने की मांग की है।
मुख्य बातें
पीड़ित किसानों ने डीएम और एसडीएम से शिकायत की
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क्षेत्र के चिरौड़ी गांव में चार दिन के अंतराल में दो बार रजवाहा टूटने से किसानों की लाखों रुपये की सरसों और सब्जी की फसल बर्बाद हो गई है। वहीं, गन्ने की फसल भी प्रभावित हो गई है। इतना ही नहीं करीब तीस किसानों के सामने गेहूं की फसल बुआई कर पाने का संकट उत्पन्न हो गया है।
चिरौड़ी गांव निवासी जितेंद्र, महीपाल, नरेश, कंवरपाल एवं जीत आदि ने बताया कि एक सप्ताह से रजवाह में काफी पानी छोड़ा जा रहा है। इससे रजवाहा ओवरफ्लो हो गया है। इसकी वजह से चार दिन पूर्व कुलाबा नंबर 29 पर पटरी कट जाने से 30 किसानों की करीब 200 बीघा फसल जलमग्न हो गई थी। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत सिंचाई विभाग के अधिकारियों से की तो रजवाहे की पटरी को मिट्टी डालकर दुरुस्त करा दिया गया था। सिंचाई विभाग द्वारा मंगलवार रात रजवाहा में फिर से पानी छोड़ा गया। इससे रजवाहा ओवरफ्लो होने की वजह से पटरी फिर से टूट गई। जिससे किसान जीत सिंह, चरण सिंह, बाबू, जगदीश, सतेंद्र, राजेेंद्र आदि की सरसों, सब्जी आदि लाखों की फसल बर्बाद हो गई। हालांकि खेतों में पांच फीट तक पानी खड़ा हो जाने से गन्ने की फसल भी प्रभावित हो गई। अब पीड़ित किसानों के खेतों में गेहूं की फसल की बुआई भी समय से नहीं हो सकेगी। ग्रामीणों ने मामले की शिकायत जिलाधिकारी से करके फसल का मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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मुख्य बातें
पीड़ित किसानों ने डीएम और एसडीएम से शिकायत की