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खुलकर उड रही है कमिश्नर के आदेश की धज्जियां
Updated Mon, 13 Nov 2017 10:10 PM IST
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खरखौदा।
एनजीटी की सख्ती हो या प्रशासन की, राष्ट्रीय राजमार्ग 235 का निर्माण कर रही कपंनी के लिए इसके कोई मायने नहीं हैं। मैन रोड पर तो निर्माण कपंनी ने काम बंद कर रखा है, लेकिन बाईपास पर धड़ल्ले से जारी है।
एनजीटी की सख्ती के बाद मेेरठ प्रशासन ने भी सख्त कदम उठाया था। जिसमें कमिश्नर के आदेश पर रातोंरात अधिकारियों की टीमों ने खुले में पड़ी निर्माण सामग्री को लेकर विक्रेताओं पर लाखों रुपये का जुर्माना एवं पुराने वाहनों को तुरंत सीज कर दिया था। मिट्टी के खनन से भी वायु प्रदूूषण होने के कारण उसे भी बंद कर दिया था। उसी आदेश में मेरठ-बुलंदशहर नेशनल हाईवे 235 पर निर्माण कर रही एपको कपंनी ने भी काम बंद कर दिया था। रोड किनारे पर डाली जा रही मिट्टी वाहनों के आने जाने से उड़ रही थी। इससे रोड किनारे पर धूल का गुबार बना गया था। निर्माण कपंनी ने एक दिन तो नियम का पालन किया, लेकिन दूसरे दिन कपंनी ने मिट्टी पर पानी डालकर काम किया था। सोमवार को निर्माण कपंनी ने मिट्टी का काम तो बंद रखा, लेकिन इस राष्ट्रीय राजमार्ग के बाईपास पर गांव फफूंडा, खरखौदा एवं गांव कैली में मशीने धड़ल्ले से चल रही हैं। इन बाईपास पर मिट्टी का काम तो नहीं चल रहा, लेकिन मिट्टी के बाद रोड़ी डाली जा रही है। जिसमें रोड़ी के साथ डस्ट और मिट्टी भी मिक्स होती है। निर्माण कपंनी को इस मिक्स पर पानी भी प्रयोग करना चाहिये। जिससे मिक्स को रोड पर फैलाने के दौरान धूल न उठे। खरखौदा बाईपास पर हजारों टन रोड़ी पड़ी हुई है। उसे फैलाया जा रहा है। जिससे धूल पूरे वातावरण में फैली हुई है।
मैन रोड पर कर रखा है काम बंद
हापुड़-मेरठ रोड पर जहां-जहां राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण होना है वहां कपंनी ने जगह-जगह मशीने रोक करके खड़ी कर काम बंद कर रखा है। जहां रोड से हटके बाईपास है। वहां पर मिट्टी फैलाने और रोड़ी फैलाने का काम जोरों पर चल रहा है। जिससे खुलकर प्रशासन के आदेश की अवेहलना की जा रही है।
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एनजीटी का उद्देश्य काम बंद कराना नहीं
एनजीटी और प्रशासन के आदेश पर निर्माण कपंनी ने पहलेेेे दिन मिट्टी खनन सहित सभी बंद कर दिया था। इसका अर्थ यह नहीं है कि प्रशासन कंपनी का काम बंद कराना चाहता है। प्रशासन केवल प्रदूषण को रोकने का प्रयास कर रहा है। इस निर्माण में मिट्टी का काम तो बंद है, लेकिन प्रदूषण बंद नहीं है। जबकि कपंनी यदि रोडी पर पानी का भी प्रयोग करे तो प्रदूषण से छुटकारा मिल सकता है।
कंपनी के लाइजनिंग आफिर सतीश चौरसिया ने बताया कि कपंनी एनजीटी एवं प्रशासन के आदेश की अवेहलना नहीं कर रही है, लेकिन जब मिट्टी का खनन ही नहीं होगा तो निर्माण कैसे होगा। प्रशासन को मिट्टी खनन तो कराना ही पडे़गा। इस हाईवे पर मिट्टी का अभी काफी काम बकाया है।
मुख्य बातें
राजमार्ग 235 के बाईपास पर निर्माण कार्य जारी, इससे धूल के उठ रहे गुबार
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एनजीटी की सख्ती हो या प्रशासन की, राष्ट्रीय राजमार्ग 235 का निर्माण कर रही कपंनी के लिए इसके कोई मायने नहीं हैं। मैन रोड पर तो निर्माण कपंनी ने काम बंद कर रखा है, लेकिन बाईपास पर धड़ल्ले से जारी है।
एनजीटी की सख्ती के बाद मेेरठ प्रशासन ने भी सख्त कदम उठाया था। जिसमें कमिश्नर के आदेश पर रातोंरात अधिकारियों की टीमों ने खुले में पड़ी निर्माण सामग्री को लेकर विक्रेताओं पर लाखों रुपये का जुर्माना एवं पुराने वाहनों को तुरंत सीज कर दिया था। मिट्टी के खनन से भी वायु प्रदूूषण होने के कारण उसे भी बंद कर दिया था। उसी आदेश में मेरठ-बुलंदशहर नेशनल हाईवे 235 पर निर्माण कर रही एपको कपंनी ने भी काम बंद कर दिया था। रोड किनारे पर डाली जा रही मिट्टी वाहनों के आने जाने से उड़ रही थी। इससे रोड किनारे पर धूल का गुबार बना गया था। निर्माण कपंनी ने एक दिन तो नियम का पालन किया, लेकिन दूसरे दिन कपंनी ने मिट्टी पर पानी डालकर काम किया था। सोमवार को निर्माण कपंनी ने मिट्टी का काम तो बंद रखा, लेकिन इस राष्ट्रीय राजमार्ग के बाईपास पर गांव फफूंडा, खरखौदा एवं गांव कैली में मशीने धड़ल्ले से चल रही हैं। इन बाईपास पर मिट्टी का काम तो नहीं चल रहा, लेकिन मिट्टी के बाद रोड़ी डाली जा रही है। जिसमें रोड़ी के साथ डस्ट और मिट्टी भी मिक्स होती है। निर्माण कपंनी को इस मिक्स पर पानी भी प्रयोग करना चाहिये। जिससे मिक्स को रोड पर फैलाने के दौरान धूल न उठे। खरखौदा बाईपास पर हजारों टन रोड़ी पड़ी हुई है। उसे फैलाया जा रहा है। जिससे धूल पूरे वातावरण में फैली हुई है।
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मैन रोड पर कर रखा है काम बंद
हापुड़-मेरठ रोड पर जहां-जहां राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण होना है वहां कपंनी ने जगह-जगह मशीने रोक करके खड़ी कर काम बंद कर रखा है। जहां रोड से हटके बाईपास है। वहां पर मिट्टी फैलाने और रोड़ी फैलाने का काम जोरों पर चल रहा है। जिससे खुलकर प्रशासन के आदेश की अवेहलना की जा रही है।
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एनजीटी का उद्देश्य काम बंद कराना नहीं
एनजीटी और प्रशासन के आदेश पर निर्माण कपंनी ने पहलेेेे दिन मिट्टी खनन सहित सभी बंद कर दिया था। इसका अर्थ यह नहीं है कि प्रशासन कंपनी का काम बंद कराना चाहता है। प्रशासन केवल प्रदूषण को रोकने का प्रयास कर रहा है। इस निर्माण में मिट्टी का काम तो बंद है, लेकिन प्रदूषण बंद नहीं है। जबकि कपंनी यदि रोडी पर पानी का भी प्रयोग करे तो प्रदूषण से छुटकारा मिल सकता है।
कंपनी के लाइजनिंग आफिर सतीश चौरसिया ने बताया कि कपंनी एनजीटी एवं प्रशासन के आदेश की अवेहलना नहीं कर रही है, लेकिन जब मिट्टी का खनन ही नहीं होगा तो निर्माण कैसे होगा। प्रशासन को मिट्टी खनन तो कराना ही पडे़गा। इस हाईवे पर मिट्टी का अभी काफी काम बकाया है।
मुख्य बातें
राजमार्ग 235 के बाईपास पर निर्माण कार्य जारी, इससे धूल के उठ रहे गुबार