{"_id":"59c3d8064f1c1bdd148b4b60","slug":"150600708114-mawana-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सामान्य के स्थान पर पिछडा वर्ग में शामिल करने के लिए रिट दायर की।","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सामान्य के स्थान पर पिछडा वर्ग में शामिल करने के लिए रिट दायर की।
Updated Thu, 21 Sep 2017 08:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
परीक्षितगढ़।
नगर पंचायत परीक्षितगढ़ अध्यक्ष पद अति पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित करने के लिए गुलवीर उर्फ गुल्लू प्रधान ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। जिस पर हाईकोर्ट ने उसे स्वीकार करते हुए मुख्य सचिव को दो सप्ताह में याचिकाकर्ता का पक्ष सुनने का आदेश दिया है।
मोहल्ला खजूरी दरवाजा निवासी गुलवीर उर्फ गुल्लू प्रधान ने हाईकोर्ट मेें याचिका दायर करके कहा कि नगर पंचायत परीक्षितगढ़ जब से अस्तित्व में आई है तभी से अध्यक्ष पद समान्य वर्ग के लिए आरक्षित रहा है। हालांकि नगर पंचायत क्षेत्र में पिछड़ी जातियों की आबादी 47.67 प्रतिशत है। इसलिए पिछड़ी जातियों के दृष्टिगत अध्यक्ष पद पर सामान्य जाति के बताय अति पिछड़ी जाति में लिए आरक्षित किया जाना न्यायोचित एवं जनहित में होगा। वहीं, 18 सितम्बर को याचिका पर अधिवक्ता एस पांडेय द्वारा हाईकोर्ट में बहस करते हुए कहा कि नगर पंचायत परीक्षितगढ़ अध्यक्ष पद 1987 से अब तक सामान्य जाति के लिए आरक्षित रहा है। हालांकि 2011 की जनगणना के मुताबिक नगर पंचायत परीक्षितगढ़ में 47.67 फीसदी पिछडे़ वर्ग की आबादी है। हाईकोर्ट में सरकारी अधिवक्ता एके गोपाल एवं याचिकाकर्ता के अधिवक्ता एस पांडेय की बहस सुनकर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने याचिका स्वीकार की। उन्होंने प्रदेश के मुख्य सचिव से दो सप्ताह में याचिकाकर्ता का पक्ष सुनने के आदेश जारी किए हैं। वहीं, मामला हाईकोर्ट में पहुंचने पर नगर पंचायत परीक्षितगढ़ अध्यक्ष पद अति पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित होने की उम्मीद लगाई जा रही है।
मुख्य बातें
हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को दो सप्ताह में याचिकाकर्ता का पक्ष सुनने का दिया आदेश
नगर पंचायत क्षेत्र अंतर्गत 47.67 फीसदी है पिछड़ों की आबादी
विज्ञापन
नगर पंचायत परीक्षितगढ़ अध्यक्ष पद अति पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित करने के लिए गुलवीर उर्फ गुल्लू प्रधान ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। जिस पर हाईकोर्ट ने उसे स्वीकार करते हुए मुख्य सचिव को दो सप्ताह में याचिकाकर्ता का पक्ष सुनने का आदेश दिया है।
मोहल्ला खजूरी दरवाजा निवासी गुलवीर उर्फ गुल्लू प्रधान ने हाईकोर्ट मेें याचिका दायर करके कहा कि नगर पंचायत परीक्षितगढ़ जब से अस्तित्व में आई है तभी से अध्यक्ष पद समान्य वर्ग के लिए आरक्षित रहा है। हालांकि नगर पंचायत क्षेत्र में पिछड़ी जातियों की आबादी 47.67 प्रतिशत है। इसलिए पिछड़ी जातियों के दृष्टिगत अध्यक्ष पद पर सामान्य जाति के बताय अति पिछड़ी जाति में लिए आरक्षित किया जाना न्यायोचित एवं जनहित में होगा। वहीं, 18 सितम्बर को याचिका पर अधिवक्ता एस पांडेय द्वारा हाईकोर्ट में बहस करते हुए कहा कि नगर पंचायत परीक्षितगढ़ अध्यक्ष पद 1987 से अब तक सामान्य जाति के लिए आरक्षित रहा है। हालांकि 2011 की जनगणना के मुताबिक नगर पंचायत परीक्षितगढ़ में 47.67 फीसदी पिछडे़ वर्ग की आबादी है। हाईकोर्ट में सरकारी अधिवक्ता एके गोपाल एवं याचिकाकर्ता के अधिवक्ता एस पांडेय की बहस सुनकर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने याचिका स्वीकार की। उन्होंने प्रदेश के मुख्य सचिव से दो सप्ताह में याचिकाकर्ता का पक्ष सुनने के आदेश जारी किए हैं। वहीं, मामला हाईकोर्ट में पहुंचने पर नगर पंचायत परीक्षितगढ़ अध्यक्ष पद अति पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित होने की उम्मीद लगाई जा रही है।
विज्ञापन
मुख्य बातें
हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को दो सप्ताह में याचिकाकर्ता का पक्ष सुनने का दिया आदेश
नगर पंचायत क्षेत्र अंतर्गत 47.67 फीसदी है पिछड़ों की आबादी