{"_id":"59b84fea4f1c1bee7f8b65a8","slug":"150525133019-modipuram-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बासमती की गुणवता की सुधार के लिए प्रशिक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बासमती की गुणवता की सुधार के लिए प्रशिक्षण
Updated Wed, 13 Sep 2017 02:51 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मोदीपुरम। बासमती निर्यात विकास प्रतिष्ठान में मंगलवार को एक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें बासमती की गुणवत्ता बढ़ाने और उसके सुधार को लेकर सुझाव दिए गए।
केआरबीएल के 15 सदस्य देश के विभिन्न राज्यों में किसानों को जागरूक करने के लिए प्रशिक्षण दे रहे हैं। बिजेंद्र त्यागी के नेतृत्व में यह दल काम कर रहा है। मंगलवार को बीईडीएफ में पहुंचने पर इस दल ने प्रतिष्ठान के प्रभारी व प्रधान वैज्ञानिक डॉ. रितेश शर्मा के साथ में फार्म पर लगी बासमती की फसल को देखा। डॉ. रितेश शर्मा ने कहा कि बासमती की खेती में आ रही लागत को कम करके अच्छी गुणवत्ता वाली खेती की जा सकती है। बिजेंद्र त्यागी ने कहा कि किसानों को जागरूक करके ही पेस्टीसाइड से आने वाली बासमती की समस्या को दूर किया जा सकता है। इस दौरान प्रमोद कुमार ने धन्यवाद किया। मौके पर नेत्रपाल, प्रमोद तोमर, दिवाकर तोमर, संजीव पांडेय, अनिल कुमार, विनोद कुमार, धनंजय सिंह, कृपाल सिंह, मुकेश कुमार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
केआरबीएल के 15 सदस्य देश के विभिन्न राज्यों में किसानों को जागरूक करने के लिए प्रशिक्षण दे रहे हैं। बिजेंद्र त्यागी के नेतृत्व में यह दल काम कर रहा है। मंगलवार को बीईडीएफ में पहुंचने पर इस दल ने प्रतिष्ठान के प्रभारी व प्रधान वैज्ञानिक डॉ. रितेश शर्मा के साथ में फार्म पर लगी बासमती की फसल को देखा। डॉ. रितेश शर्मा ने कहा कि बासमती की खेती में आ रही लागत को कम करके अच्छी गुणवत्ता वाली खेती की जा सकती है। बिजेंद्र त्यागी ने कहा कि किसानों को जागरूक करके ही पेस्टीसाइड से आने वाली बासमती की समस्या को दूर किया जा सकता है। इस दौरान प्रमोद कुमार ने धन्यवाद किया। मौके पर नेत्रपाल, प्रमोद तोमर, दिवाकर तोमर, संजीव पांडेय, अनिल कुमार, विनोद कुमार, धनंजय सिंह, कृपाल सिंह, मुकेश कुमार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन