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कार्बेट पार्क की सिंचाई कालोनी को लेकर मंथन-BIJNOR
Updated Mon, 28 Aug 2017 10:56 PM IST
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एनजीटी ने कालोनी को खाली कराने का दिया है आदेश
देहरादून। कार्बेट पार्क के कालागढ़ स्थित यूपी के सिंचाई विभाग की कालोनी वन महकमे के गले की फांस बन गई है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के कालोनी को खाली कराने के आदेश के बाद वन मंत्री की अध्यक्षता में वन मुख्यालय में अहम मीटिंग हुई। इसमें वन विभाग के उच्चाधिकारी से लेकर डीएम पौड़ी भी शामिल हुए हैं। हालांकि अधिकारी अभियान को लेकर अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
कार्बेट पार्क के कोर जोन में यूपी की सिंचाई विभाग की कालोनी है। इस कालोनी को हटाने को लेकर वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट आफ इंडिया ने सुप्रीम कोर्ट में केस दायर किया था। सुप्रीम कोर्ट ने एनजीटी को केस सौंप दिया। एनजीटी ने सिंचाई कालोनी को खाली कराने का आदेश दिया है। कालोनी में अभी भी बड़ी संख्या में लोग रह रहे हैं। इसमें कई बाहरी लोगों के होने की भी आशंका है। यह क्षेत्र वन मंत्री हरक सिंह रावत के विधानसभा क्षेत्र से भी जुड़ा हुआ है। अब एनजीटी के आर्डर को लेकर वन महकमे की नींद उड़ी हुई है। इसी मामले को लेकर वन मंत्री की अध्यक्षता में मैराथन मीटिंग हुई। इसमें सिंचाई विभाग की कालोनी में रहने वाले परिवार, पुनर्वास जैसे वैकल्पिक व्यवस्था आदि पर विस्तार से वार्ता हुई है। इसमें सबसे अहम रोल प्रशासन के अलावा वन्यजीव से जुड़े अफसरों का भी है। हालांकि मीटिंग में क्या तय हुआ? कब से अभियान चलेगा? आदि विषयों को लेकर अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। मीटिंग में प्रमुख वन संरक्षक राजेंद्र महाजन, डीवीएस खाती, कार्बेट पार्क निदेशक सुरेंद्र मेहरा आदि अधिकारी शामिल थे।
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देहरादून। कार्बेट पार्क के कालागढ़ स्थित यूपी के सिंचाई विभाग की कालोनी वन महकमे के गले की फांस बन गई है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के कालोनी को खाली कराने के आदेश के बाद वन मंत्री की अध्यक्षता में वन मुख्यालय में अहम मीटिंग हुई। इसमें वन विभाग के उच्चाधिकारी से लेकर डीएम पौड़ी भी शामिल हुए हैं। हालांकि अधिकारी अभियान को लेकर अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
कार्बेट पार्क के कोर जोन में यूपी की सिंचाई विभाग की कालोनी है। इस कालोनी को हटाने को लेकर वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट आफ इंडिया ने सुप्रीम कोर्ट में केस दायर किया था। सुप्रीम कोर्ट ने एनजीटी को केस सौंप दिया। एनजीटी ने सिंचाई कालोनी को खाली कराने का आदेश दिया है। कालोनी में अभी भी बड़ी संख्या में लोग रह रहे हैं। इसमें कई बाहरी लोगों के होने की भी आशंका है। यह क्षेत्र वन मंत्री हरक सिंह रावत के विधानसभा क्षेत्र से भी जुड़ा हुआ है। अब एनजीटी के आर्डर को लेकर वन महकमे की नींद उड़ी हुई है। इसी मामले को लेकर वन मंत्री की अध्यक्षता में मैराथन मीटिंग हुई। इसमें सिंचाई विभाग की कालोनी में रहने वाले परिवार, पुनर्वास जैसे वैकल्पिक व्यवस्था आदि पर विस्तार से वार्ता हुई है। इसमें सबसे अहम रोल प्रशासन के अलावा वन्यजीव से जुड़े अफसरों का भी है। हालांकि मीटिंग में क्या तय हुआ? कब से अभियान चलेगा? आदि विषयों को लेकर अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। मीटिंग में प्रमुख वन संरक्षक राजेंद्र महाजन, डीवीएस खाती, कार्बेट पार्क निदेशक सुरेंद्र मेहरा आदि अधिकारी शामिल थे।
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