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किसान सभा ने पीएम के नाम दिया ज्ञापन।
Updated Thu, 17 Aug 2017 07:47 PM IST
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- गोरखपुर हादसे के पीड़ितों 10 लाख मुआवजा दिलाने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
मवाना।
किसान सभा ने प्रधानमंत्री के नाम तहसीलदार को दिए ज्ञापन में लागत के आधार पर फसलों का वाजिब दाम दिए जाने, कर्ज माफी का लाभ किसानों को दिए जाने की मांग की। सभा ने प्रधानमंत्री के नाम तहसीलदार अमित कुमार भारती को दिए ज्ञापन में कहा है कि मजदूर और किसानों का जीवन दिन प्रतिदिन गंभीर आर्थिक संकट से ग्रसित होता जा रहा है।
उन्होंने सरकारी नीतियों और प्राकृतिक आपदाओं के कारण खेती घाटे में जा रही है। प्रतिदिन किसान पर कर्ज का बोझ बढ़ रहा है। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं ठप हैं। जीवन रक्षक दवाओं का अभाव है। गोरखपुर में बच्चों की मौत इसक उदाहरण है। ज्ञापन में मांग की है कि लागत के आधार पर फसलों का वाजिब दाम, कर्ज माफी का लाभ दिए जाने की मांग की गई। वहीं गोरखपुर की घटना के दोषियों को दंडित करने और पीड़ित परिवारों को 10-10 लाख रुपये आर्थिक सहायता देने की मांग की है। साथ ही आरोप लगाया है कि कर्ज माफी के कागजात तस्दीक करने के लिए लेखपाल पैसों की मांग कर रहे हैं। मंडलायुक्त द्वारा भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का समर्थन किया गया। का. जितेंद्रपाल सिंह, संग्राम सिंह, राजपाल शर्मा, मनोज धामा, आनंद प्रकाश शर्मा बिल्लू रामपुर आदि थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
मवाना।
किसान सभा ने प्रधानमंत्री के नाम तहसीलदार को दिए ज्ञापन में लागत के आधार पर फसलों का वाजिब दाम दिए जाने, कर्ज माफी का लाभ किसानों को दिए जाने की मांग की। सभा ने प्रधानमंत्री के नाम तहसीलदार अमित कुमार भारती को दिए ज्ञापन में कहा है कि मजदूर और किसानों का जीवन दिन प्रतिदिन गंभीर आर्थिक संकट से ग्रसित होता जा रहा है।
उन्होंने सरकारी नीतियों और प्राकृतिक आपदाओं के कारण खेती घाटे में जा रही है। प्रतिदिन किसान पर कर्ज का बोझ बढ़ रहा है। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं ठप हैं। जीवन रक्षक दवाओं का अभाव है। गोरखपुर में बच्चों की मौत इसक उदाहरण है। ज्ञापन में मांग की है कि लागत के आधार पर फसलों का वाजिब दाम, कर्ज माफी का लाभ दिए जाने की मांग की गई। वहीं गोरखपुर की घटना के दोषियों को दंडित करने और पीड़ित परिवारों को 10-10 लाख रुपये आर्थिक सहायता देने की मांग की है। साथ ही आरोप लगाया है कि कर्ज माफी के कागजात तस्दीक करने के लिए लेखपाल पैसों की मांग कर रहे हैं। मंडलायुक्त द्वारा भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का समर्थन किया गया। का. जितेंद्रपाल सिंह, संग्राम सिंह, राजपाल शर्मा, मनोज धामा, आनंद प्रकाश शर्मा बिल्लू रामपुर आदि थे।
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