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रूपक हत्याकांड: जेसीबी मशीन से 150 फीट तक खुदाई, पर नहीं मिले लाश के टुकड़े

Sat, 22 Aug 2020 10:53 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Sat, 22 Aug 2020 10:53 AM IST
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Meerut News: 150 feet excavation ... no remains of metaphorical body found
बोलवेल में खुदाई करती टीबीएम मशीन - फोटो : अमर उजाला

मेरठ में बोरवेल से रूपक के शव के अवशेष बरामद करने के लिए रैपिड रेल की अत्याधुनिक मशीन ने करीब डेढ़ सौ फीट खुदाई की। दिनभर कड़ी मशक्कत करने के बावजूद एनडीआरएफ और रैपिड रेल की टीम को सफलता नहीं मिल सकी। बोरवेल से ईंट, बोरी व कपड़े मिले हैं।

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कंकरखेड़ा थाने के अनूपनगर फाजलपुर निवासी रूपक पुत्र जसवंत की 27 जून की शाम दोस्तों ने रोहटा थाना क्षेत्र के जिटोला गांव में गोली मारकर हत्या कर दी थी। उसके शव को रवि व उसके अन्य दोस्तों ने गांव जिटोला के ही जंगल में ढाई सौ फीट गहरे बोरवेल में डाल दिया था। पुलिस ने जांच के बाद पांच हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जबकि दो अभी भी फरार हैं। बोरवेल में शव डाले जाने के बाद से यहां 10 से 17 जुलाई तक पोकलेन व जेसीबी मशीन की मदद से 50 फीट गहरी खुदाई करके शव की तलाश की गई थी।
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वहीं सफलता न मिलने पर ऑपरेशन रोक दिया गया था। जिसके बाद सात दिन पहले रूपक की मां मिथलेश घर के बाहर धरने पर बैठ गई थी। पांच दिन लगातार धरना दिया था। मामले की गूंज शासन तक पहुंची तो कमिश्नर अनिता सी मेश्राम ने शासन को चिट्ठी लिखी थी। शासन ने उनके आग्रह पर केंद्र सरकार को रैपिड रेल पर काम करने वाली टीबीएम सनवर्ड मशीन को घटनास्थल पर भेजने की अनुमति दी थी। मशीन को मौके तक पहुंचाने के लिए जंगल में 50 मीटर लंबा और 12 फीट चौड़ा रास्ता बनाया गया था, लेकिन बुधवार को हुई तेज बारिश में बह गया था। दो दिनों तक रास्ते का निर्माण कार्य चला शुक्रवार को रास्ता तैयार हुआ तो मशीन घटनास्थल पर पहुंची। दोपहर दो बजे गाजियाबाद से आई एनडीआरएफ, पुलिस-प्रशासन और रैपिड रेल की मशीन के साथ आए कर्मचारियों ने काम करना शुरू किया। शाम सात बजे तक ऑपरेशन जारी था।
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तकनीशियन खुर्शीद आलम ने बताया कि मशीन लगभग सवा सौ फीट की गहराई तक बोरवेल की खुदाई करके नाल के टुकड़े करके बाहर निकाल चुकी थी। उसमें केवल कुछ कपड़े, ईट-पत्थर व बोरी ही बाहर निकल पाए हैं। जबकि रूपक के शव का कोई अंग या अवशेष मशीन बाहर नहीं निकाल पाई थी। डेढ़ सौ फीट तक मशीन से खुदाई के बाद ऑपरेशन खत्म कर दिया गया। मशीन समेटकर वह वापसी की तैयारी में कर रहे हैं।

मौके पर जमा हो गई भीड़
ऑपरेशन रूपक को देखने के लिए मौके पर पहुंची बड़ी-बड़ी मशीनों को देखने के लिए आसपास के गांवों के लोगों की भीड़ जमा हो गई। वहीं दूसरी ओर, अपने लाडले के शव के अवशेष पाने की आस में मौके पर पिता जसवंत सहित पूरा परिवार डटा हुआ था।

दिनभर मशीन चली है। करीब डेढ़ सौ फीट खुदाई की गई लेकिन, रूपक के शव के अवशेष नहीं मिले। मशीन इतना ही खुदाई कर सकती थी। बोरवेल से जो भी सामान निकला है। पुलिस उसकी जांच करेगी। - संजीव दीक्षित, सीओ, दौराला

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