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सावन में टूटा बारिश का 15 साल का रिकॉर्ड
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रेहड़ गांव छजमलवाला में बारिश में गिरा मकान। संवाद
-इस साल सावन माह में हुई 686.8 एमएम बारिश
-जिले में पूरे साल से ज्यादा सावन में बरसे बदरा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिले में इस साल सावन में बारिश का 15 साल का रिकॉर्ड टूट गया। सावन में झमाझम बारिश हुई, जिससे गंगा और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ गया। जिले में सावन माह में अब तक 686.8 एमएम बारिश दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार जिले में पूरे साल 778 एमएम बारिश हुई है। वहीं सावन में ही 686.8 एमएम बारिश दर्ज की गई है, जिससे साफ पता चलता है कि सावन को छोड़कर जनपद से अब तक 91.2 एमएम ही बारिश हुई। बारिश होने से तापमान में भी गिरावट हुई। साथ ही लोगों को गर्मी से राहत मिली है। साल 2010 में सावन में 842.6 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। इसके बाद अब साल 2025 में झमाझम बारिश हुई है।
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जिले में सावन में हुई बारिश
साल- बारिश
2010- 842.6
2011- 273.3
2012- 394.1
2013- 365.9
2014- 484
2015- 435.2
2016- 632.6
2017- 197.6
2018- 379
2019- 494.6
2020- 292.4
2021- 457.2
2022- 127
2023- 522.6
2024- 508
2025- 491.2
नोट: बारिश एमएम है और आंकड़े मौसम वेधशाला नगीना से लिए गए हैं।
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बाढ़ के दृष्टिगत जारी किए गए कंट्रोम रूम के नंबर
एडीएम वित्त एवं राजस्व वान्या सिंह ने बताया कि पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा अधिक बारिश होने को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। बाढ़ के दृष्टिगत बचाव, अन्य सुझाव के लिए जिला स्तरीय कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर जारी किए गए हैं। जरूरत होने पर 01342-262031, 01342-262295, 01342-262296, 01342- 262297 पर कॉल कर सकते हैं। मेघगर्जन, वज्रपात व वर्षा से बचाव के लिए निचले इलाको, बाढ़ की संभावना वाले क्षेत्रों से दूर रहने, पेड़ों का आश्रय लेने से बचने की सलाह दी जा रही है।
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आपदा के बारे में जानने के लिए डाउनलोड करें सचेत ऐप
आपदा संबंधी पूर्व चेतावनी के लिए मोबाइल एप्लीकेशन सचेत ऐप डाउनलोड कराया जा रहा है। फीडबैक और ऐप डाउनलोड एवं सचेत मोबाइल एप के माध्यम से जिले के स्थानीय मौसम, तापमान, वर्षा, वज्रपात का अर्लट, विभिन्न प्रकार की आपदाओं में पता कर सकते हैं।
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डीएम ने किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण
शहर और आसपास के बाढ़ प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर डीएम जसजीत कौर ने अधिकारियों को बाढ़ से प्रभावित लोगों को राहत सामग्री पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने आवास विकास कॉलोनी, बुखारा स्थित सरकारी कॉलोनी का निरीक्षण किया। इस दौरान चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कॉलोनी, दयानंद इंटर कॉलेज के समीप तृतीय श्रेणी कर्मचारी कॉलोनी में जलभराव मिला, जिसके समाधान के निर्देश दिए। सेंट मेरी से शहर के बाहर गांव पेदी तक साफ-सफाई कराने के लिए कहा। इसके अलावा खो बैराज, मंडावली, रावली एवं कण्व ऋषि आश्रम पर बाढ़ को लेकर व्यवस्था का जायजा लिया। इस मौके पर एडीएम प्रशासन विलय कुमार सिंह, ईओ विकास कुमार आदि मौजूद रहे। उधर, भारी बारिश के चलते बहादरपुर की गोशाला में जलभराव हो गया। इस गोशाला के 184 गोवंश के लिए अस्थाई गोशाला बनाई गई। अमानतपुर की गोशाला को याकूबपुर, अफजलगढ़ के गोवंशों को नजदीक के बारातघर में संरक्षित किया गया।
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-जिले में पूरे साल से ज्यादा सावन में बरसे बदरा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिले में इस साल सावन में बारिश का 15 साल का रिकॉर्ड टूट गया। सावन में झमाझम बारिश हुई, जिससे गंगा और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ गया। जिले में सावन माह में अब तक 686.8 एमएम बारिश दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार जिले में पूरे साल 778 एमएम बारिश हुई है। वहीं सावन में ही 686.8 एमएम बारिश दर्ज की गई है, जिससे साफ पता चलता है कि सावन को छोड़कर जनपद से अब तक 91.2 एमएम ही बारिश हुई। बारिश होने से तापमान में भी गिरावट हुई। साथ ही लोगों को गर्मी से राहत मिली है। साल 2010 में सावन में 842.6 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। इसके बाद अब साल 2025 में झमाझम बारिश हुई है।
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जिले में सावन में हुई बारिश
साल- बारिश
2010- 842.6
2011- 273.3
2012- 394.1
2013- 365.9
2014- 484
2015- 435.2
2016- 632.6
2017- 197.6
2018- 379
2019- 494.6
2020- 292.4
2021- 457.2
2022- 127
2023- 522.6
2024- 508
2025- 491.2
नोट: बारिश एमएम है और आंकड़े मौसम वेधशाला नगीना से लिए गए हैं।
बाढ़ के दृष्टिगत जारी किए गए कंट्रोम रूम के नंबर
एडीएम वित्त एवं राजस्व वान्या सिंह ने बताया कि पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा अधिक बारिश होने को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। बाढ़ के दृष्टिगत बचाव, अन्य सुझाव के लिए जिला स्तरीय कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर जारी किए गए हैं। जरूरत होने पर 01342-262031, 01342-262295, 01342-262296, 01342- 262297 पर कॉल कर सकते हैं। मेघगर्जन, वज्रपात व वर्षा से बचाव के लिए निचले इलाको, बाढ़ की संभावना वाले क्षेत्रों से दूर रहने, पेड़ों का आश्रय लेने से बचने की सलाह दी जा रही है।
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आपदा के बारे में जानने के लिए डाउनलोड करें सचेत ऐप
आपदा संबंधी पूर्व चेतावनी के लिए मोबाइल एप्लीकेशन सचेत ऐप डाउनलोड कराया जा रहा है। फीडबैक और ऐप डाउनलोड एवं सचेत मोबाइल एप के माध्यम से जिले के स्थानीय मौसम, तापमान, वर्षा, वज्रपात का अर्लट, विभिन्न प्रकार की आपदाओं में पता कर सकते हैं।
डीएम ने किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण
शहर और आसपास के बाढ़ प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर डीएम जसजीत कौर ने अधिकारियों को बाढ़ से प्रभावित लोगों को राहत सामग्री पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने आवास विकास कॉलोनी, बुखारा स्थित सरकारी कॉलोनी का निरीक्षण किया। इस दौरान चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कॉलोनी, दयानंद इंटर कॉलेज के समीप तृतीय श्रेणी कर्मचारी कॉलोनी में जलभराव मिला, जिसके समाधान के निर्देश दिए। सेंट मेरी से शहर के बाहर गांव पेदी तक साफ-सफाई कराने के लिए कहा। इसके अलावा खो बैराज, मंडावली, रावली एवं कण्व ऋषि आश्रम पर बाढ़ को लेकर व्यवस्था का जायजा लिया। इस मौके पर एडीएम प्रशासन विलय कुमार सिंह, ईओ विकास कुमार आदि मौजूद रहे। उधर, भारी बारिश के चलते बहादरपुर की गोशाला में जलभराव हो गया। इस गोशाला के 184 गोवंश के लिए अस्थाई गोशाला बनाई गई। अमानतपुर की गोशाला को याकूबपुर, अफजलगढ़ के गोवंशों को नजदीक के बारातघर में संरक्षित किया गया।

रेहड़ गांव छजमलवाला में बारिश में गिरा मकान। संवाद