फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   15 thousand e-rickshaws putting dacoity on electricity of 2.5 million

ढाई करोड़ की बिजली पर डाका डाल रहे 15 हजार ई-रिक्शा

Mon, 18 Mar 2019 03:21 AM IST
Gaurav sharma न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Gaurav sharma Updated Mon, 18 Mar 2019 03:21 AM IST
विज्ञापन
15 thousand e-rickshaws putting dacoity on electricity of 2.5 million
ई-रिक्शा - फोटो : अमर उजाला
शहर में दौड़ रहे वैध और 15 हजार से ज्यादा अवैध ई-रिक्शा न केवल जाम का पर्याय बन चुके हैं, बल्कि हर महीने ढाई करोड़ रुपये की बिजली चोरी कर रहे हैं। शहर में एक भी चार्जिंग स्टेशन नहीं है और हर रोज ई-रिक्शा सड़क पर उतर रहे हैं। रजिस्ट्रेेशन के लिए पांच हजार की लिमिट है, लेकिन संचालन 15 हजार का हो रहा है।
विज्ञापन

शहर की यातायात जरूरतों और प्रदूषण से ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने पांच हजार ई-रिक्शाओं के रजिस्ट्रेशन की अनुमति दी थी। इनमें 4935 ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन हुआ है। शहर में ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन बनाए जाने थे। पीवीवीएनएल ने पहल करते हुए यूनिवर्सिटी रोड स्थित 33 केवी बिजलीघर में चार्जिंग स्टेशन बनवाया था। तत्कालीन एमडी अभिषेक प्रकाश ने शुभारंभ किया था। यहां 50 रुपये प्रति ई-रिक्शा चार्जिंग शुल्क रखा गया। लेकिन उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने इस पर आपत्ति करते बंद करा दिया। इसके बाद से बिजली विभाग लगातार ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन बनाने के इच्छुक लोगों को कनेक्शन लेने के लिए आमंत्रित कर रहा है, लेकिन कोई आगे नहीं आया है।
विज्ञापन

चोरी की बिजली से हो रहे चार्ज
ई-रिक्शा सर्विस कामर्शियल गतिविधि के अंतर्गत आती है। इन्हें कामर्शियल कनेक्शन के जरिये ही चार्ज किया जा सकता है। लेकिन ई-रिक्शा मालिक अपने घरेलू कनेक्शन के जरिये ही इन्हें चार्ज कर रहे हैं या अवैध चार्जिंग स्टेशनों पर चोरी-छिपे चार्ज कराते हैं। यह धंधा लिसाड़ीगेट और नौचंदी थाना क्षेत्र में सर्वाधिक चल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

हर महीने ढाई करोड़ रुपये की बिजली पर डाका
ई-रिक्शा में 12-12 वोल्ट की 4 बैटरी (48 वोल्ट) होती हैं। इन्हें चार्ज करने के लिए कम से कम 10 से 12 घंटे का समय लगता है। इसमें करीब 8 यूनिट बिजली खर्च होती है। शहर में दौड़ रहे 15 हजार ई-रिक्शा प्रतिदिन करीब 1 लाख 20 हजार यूनिट बिजली खपत करते हैं, जो 7 रुपये प्रति यूनिट की दर से 8 लाख 40 हजार रुपये बैठती है। यानी हर महीने करीब ढाई करोड़ रुपये की बिजली चोरी हो रही है। यहां सवाल ये भी है कि जब ई रिक्शा चार्जिंग स्टेशन ही नहीं हैं, तो वैध वाले भी कहां चार्ज कराएं।

क्या बोले अधिकारी
ई-रिक्शा को घरेलू कनेक्शन से चार्ज नहीं किया जा सकता। जो ऐसा करता पकड़ा जाता है, उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाती है। नियम-शर्त पूरी कर कोई भी चार्जिंग स्टेशन का कनेक्शन ले सकता है।- संजीव राणा, अधीक्षण अभियंता मेरठ शहर

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed