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पांच साल में जिले में लगाए 8 लाख पौधे
Updated Mon, 05 Jun 2017 01:25 AM IST
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- वन विभाग ने अभियान के तहत जिले में किया पौधरोपण
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
पौधरोपण अभियान के तहत वन विभाग ने पांच साल में 8 लाख 26 हजार 655 पौधे लगाए हैं। वन विभाग की माने तो करीब 70 प्रतिशत पौधे जीवत हैं। सबसे ज्यादा पौधे 2016-17 में 285750 लगाए गए। पौधरोपण मेरठ, रिठानी, हस्तिनापुर, परीक्षितगढ़, सरधना रेंज में किया गया। अधिक पौधे हस्तिनापुर और परीक्षितगढ़ रेंज में लगाए गए हैं।
वर्ष क्षेत्रफल पौधा लगाए
2012-13 152.22 82342
2013-14 161.02 116303
2014-15 186.61 120050
2015-16 220.64 222210
2016-17 280.20 285750
(नोट: क्षेत्रफल हेक्टेयर में है और आंकड़े वन विभाग से लिए गए हैं।)
40 हजार वाहन हर साल उतरते है जनपद की सड़कों पर
जनपद की सड़कों पर हर साल छोटे-बड़े करीब 40 हजार वाहन उतरते हैं। आरटीओ से मिली जानकारी के अनुसार जिले में करीब साढ़े छह लाख वाहन पंजीकृत है। वाहनों की इतनी भारी संख्या वायु और ध्वनि प्रदूषण को न केवल बढ़ा रही है बल्कि लोगों की सेहत भी बिगाड़ रही है। इसके अलावा शहर में करीब दो हजार वाहन अनाधिकृत रूप से डग्गामारी में चल रहे हैं जिनका कहीं कोई पंजीकरण नहीं है। कुछ वाहन डीजल पंप सेटों के जरिये भी चलाए जा रहे हैं जिन्हें जुगाड़ कहा जाता है।
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अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
पौधरोपण अभियान के तहत वन विभाग ने पांच साल में 8 लाख 26 हजार 655 पौधे लगाए हैं। वन विभाग की माने तो करीब 70 प्रतिशत पौधे जीवत हैं। सबसे ज्यादा पौधे 2016-17 में 285750 लगाए गए। पौधरोपण मेरठ, रिठानी, हस्तिनापुर, परीक्षितगढ़, सरधना रेंज में किया गया। अधिक पौधे हस्तिनापुर और परीक्षितगढ़ रेंज में लगाए गए हैं।
वर्ष क्षेत्रफल पौधा लगाए
2012-13 152.22 82342
2013-14 161.02 116303
2014-15 186.61 120050
2015-16 220.64 222210
2016-17 280.20 285750
(नोट: क्षेत्रफल हेक्टेयर में है और आंकड़े वन विभाग से लिए गए हैं।)
40 हजार वाहन हर साल उतरते है जनपद की सड़कों पर
जनपद की सड़कों पर हर साल छोटे-बड़े करीब 40 हजार वाहन उतरते हैं। आरटीओ से मिली जानकारी के अनुसार जिले में करीब साढ़े छह लाख वाहन पंजीकृत है। वाहनों की इतनी भारी संख्या वायु और ध्वनि प्रदूषण को न केवल बढ़ा रही है बल्कि लोगों की सेहत भी बिगाड़ रही है। इसके अलावा शहर में करीब दो हजार वाहन अनाधिकृत रूप से डग्गामारी में चल रहे हैं जिनका कहीं कोई पंजीकरण नहीं है। कुछ वाहन डीजल पंप सेटों के जरिये भी चलाए जा रहे हैं जिन्हें जुगाड़ कहा जाता है।
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