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खामियां दूर किये बगैर जीएसटी लागू हुई तो होगा विरोध: कंछल
Updated Sun, 04 Jun 2017 10:07 PM IST
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खामियां दूर किये बगैर जीएसटी लागू हुई तो होगा विरोध : बनवारी लाल कंछल
मेरठ। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश अध्यक्ष बनवारी लाल कंछल ने कहा कि केंद्र सरकार जीएसटी लागू करने में जल्दबाजी कर रही है। जबकि इसमें अभी भी तमाम खामियां मौजूद हैं। वर्तमान प्रारूप से आम लोग और व्यापारी दोनों के लिए परेशानी बढे़गी। उन्होंने कहा कि जिन भी देशों में जीएसटी लागू हैं, वहां पर उसकी अधिकतम दर 20 प्रतिशत है। भारत में 28 प्रतिशत तक टैक्स तय किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि जीएसटी की खामियों को दूर कर उनकी मांग नहीं मानी गयी तो व्यापारी सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
बनवारी लाल कंछल रविवार को मेरठ आये थे। इस दौरान पीडब्लूडी गेस्ट हाउस में मीडिया से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने वाहवाही लूटने के लिए गल्ला को टैक्स फ्री कर दिया। लेकिन इसमें ब्रांडेड की शर्त लगाते हुए उस पर 5 प्रतिशत टैक्स लगा दिया। या तो गल्ले को पूरी तरह टैक्स फ्री किया जाये या फिर 5 प्रतिशत टैक्स के दायरे में लाया जाये।
बंदूक और बस्ता एक श्रेणी में
उन्होंने कहा कि बंदूक और बस्ता एक ही कर के दायरे में कैसे आ सकते हैं। बच्चों के स्कूली बैग और बंदूक दोनों पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगाया गया है। जबकि स्कूल बैग को जीएसटी से बाहर करना चाहिए था। कंछल ने कहा कि मंडी शुल्क भी जीएसटी में शामिल होना चाहिए। क्योंकि यह भी टैक्स है, जिसे बाहर रखना गलत है।
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एक ट्रेड एक टैक्स का हो नियम
बनवारी लाल कंछल ने कहा कि उन्होंने वित्त मंत्री को भेजे पत्र में एक ट्रेड एक टैक्स की बात कही है। यदि किराना व्यापारी है तो उसके सभी सामान पर एक जैसा टैक्स हो, स्टेशनरी दुकान है तो एक जैसा टैक्स हो। ताकि व्यापारी कर निर्धारण में सुविधा महसूस कर सके। उन्होंने कहा कि इससे राजस्व भी बढ़ेगा और व्यापारी परेशानी से भी बचेगा। इसके अलावा अलग-अलग टैक्स से इंस्पेक्टर राज और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा। कंछल ने कहा कि भवन निर्माण में उपयोग होने वाली सटरिंग पर 5 प्रतिशत वैट था और कोई भी टैक्स नहीं था, लेकिन जीएसटी में इस पर भी 18 प्रतिशत लगा दिया गया, जो गलत है।
मांगे नहीं मानी तो होगा आंदोलन
व्यापारी ने बनवारी लाल कंछल ने कहा कि वित्त मंत्री को कई पत्र भेजे जा चुके हैं और अब अंतिम पत्र सभी जिला मुख्यालयों से 8 जून को जाएंगे। इसके बाद भी यदि जीएसटी की खामियों को दूर नहीं किया गया तो पूरे देश के व्यापारियों को इकट्ठा कर आंदोलन किया जायेगा। वार्ता में प्रदेश महामंत्री लोकेश अग्रवाल ने कहा कि जीएसटी मल्टीनेशनल कंपनियों और बडे मॉल संचालकों को लाभ पहुंचाने के लिए लागू हुआ है। इससे छोटा व्यापारी और छोटा उद्यमी बर्बाद हो जायेगा। वहीं कोषाध्यक्ष नरेश कुच्छल ने कहा कि सरकार ने बगैर तैयारी के जीएसटी लागू कर दिया।
खास बातें
- व्यापारी नेता ने जीएसटी में गिनायी तमाम खामियां
- कंछल ने कहा कि वर्तमान प्रारूप से व्यापारी और जनता दोनों होंगे परेशान
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मेरठ। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश अध्यक्ष बनवारी लाल कंछल ने कहा कि केंद्र सरकार जीएसटी लागू करने में जल्दबाजी कर रही है। जबकि इसमें अभी भी तमाम खामियां मौजूद हैं। वर्तमान प्रारूप से आम लोग और व्यापारी दोनों के लिए परेशानी बढे़गी। उन्होंने कहा कि जिन भी देशों में जीएसटी लागू हैं, वहां पर उसकी अधिकतम दर 20 प्रतिशत है। भारत में 28 प्रतिशत तक टैक्स तय किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि जीएसटी की खामियों को दूर कर उनकी मांग नहीं मानी गयी तो व्यापारी सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
बनवारी लाल कंछल रविवार को मेरठ आये थे। इस दौरान पीडब्लूडी गेस्ट हाउस में मीडिया से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने वाहवाही लूटने के लिए गल्ला को टैक्स फ्री कर दिया। लेकिन इसमें ब्रांडेड की शर्त लगाते हुए उस पर 5 प्रतिशत टैक्स लगा दिया। या तो गल्ले को पूरी तरह टैक्स फ्री किया जाये या फिर 5 प्रतिशत टैक्स के दायरे में लाया जाये।
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बंदूक और बस्ता एक श्रेणी में
उन्होंने कहा कि बंदूक और बस्ता एक ही कर के दायरे में कैसे आ सकते हैं। बच्चों के स्कूली बैग और बंदूक दोनों पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगाया गया है। जबकि स्कूल बैग को जीएसटी से बाहर करना चाहिए था। कंछल ने कहा कि मंडी शुल्क भी जीएसटी में शामिल होना चाहिए। क्योंकि यह भी टैक्स है, जिसे बाहर रखना गलत है।
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एक ट्रेड एक टैक्स का हो नियम
बनवारी लाल कंछल ने कहा कि उन्होंने वित्त मंत्री को भेजे पत्र में एक ट्रेड एक टैक्स की बात कही है। यदि किराना व्यापारी है तो उसके सभी सामान पर एक जैसा टैक्स हो, स्टेशनरी दुकान है तो एक जैसा टैक्स हो। ताकि व्यापारी कर निर्धारण में सुविधा महसूस कर सके। उन्होंने कहा कि इससे राजस्व भी बढ़ेगा और व्यापारी परेशानी से भी बचेगा। इसके अलावा अलग-अलग टैक्स से इंस्पेक्टर राज और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा। कंछल ने कहा कि भवन निर्माण में उपयोग होने वाली सटरिंग पर 5 प्रतिशत वैट था और कोई भी टैक्स नहीं था, लेकिन जीएसटी में इस पर भी 18 प्रतिशत लगा दिया गया, जो गलत है।
मांगे नहीं मानी तो होगा आंदोलन
व्यापारी ने बनवारी लाल कंछल ने कहा कि वित्त मंत्री को कई पत्र भेजे जा चुके हैं और अब अंतिम पत्र सभी जिला मुख्यालयों से 8 जून को जाएंगे। इसके बाद भी यदि जीएसटी की खामियों को दूर नहीं किया गया तो पूरे देश के व्यापारियों को इकट्ठा कर आंदोलन किया जायेगा। वार्ता में प्रदेश महामंत्री लोकेश अग्रवाल ने कहा कि जीएसटी मल्टीनेशनल कंपनियों और बडे मॉल संचालकों को लाभ पहुंचाने के लिए लागू हुआ है। इससे छोटा व्यापारी और छोटा उद्यमी बर्बाद हो जायेगा। वहीं कोषाध्यक्ष नरेश कुच्छल ने कहा कि सरकार ने बगैर तैयारी के जीएसटी लागू कर दिया।
खास बातें
- व्यापारी नेता ने जीएसटी में गिनायी तमाम खामियां
- कंछल ने कहा कि वर्तमान प्रारूप से व्यापारी और जनता दोनों होंगे परेशान