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जंगल में मिला बीमार मोर, तीन के मरने की चर्चा
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जंगल में मिला बीमार मोर, तीन के मरने की चर्चा
- संजय वन में कराया उपचार, बीमारी का कारण नहीं हुआ उजागर
मेरठ।
रोहटा रोड स्थित अरावली गांव के जंगल में एक मोर बीमार अवस्था में मिला। तीन अन्य के मरने की भी चर्चा है, लेकिन पुष्टि नहीं हो पाई है। बीमार मोर का संजय वन में उपचार चल रहा है।
डीएफओ अदिति शर्मा ने बताया कि एनिमल केयर सोसायटी के सचिव अंशु माली वशिष्ठ ने वन विभाग की टीम को बीमार मोर के मिलने की सूचना दी थी। सूचना पर एनिमल केयर सोसायटी केविनय नौटियाल ने मोर का इलाज किया। उसे संजय वन लाया गया। वहां ओआरएस दिया जा रहा है। उसकी हालत में सुधार है। डीएफओ ने बताया कि टीम को तीन मोरों के मरने की भी सूचना दी गई थी। लेकिन मौके पर कुछ भी नहीं मिला। मोर की बीमारी का कारण कुछ लोग कीटनाशक दवा को बता रहे थे। डीएफओ का कहना है कि ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि आजकल गर्मी की वजह से पक्षियों में डी-हाईड्रेशन हो रहा है। ऐसे में लोग जंगल में जहां मोर दिखें, उसके आसपास हल्का चौड़ा गड्ढा खोदकर उसमें पानी भर दें। ताकि मोरों को पानी वजह से परेशानी न हो।
सेंक्चुरी में भरे गए 11 वाटर हॉल
सेंक्चुरी में वन विभाग की तरफ से 11 वाटर हॉल बनाए गए थे। गर्मी में वन्य जीव जंतुओं को पानी की कमी न हो, इसके चलते इन वॉटर हॉल भरवा दिए गए हैं। डीएफओ ने कहा कि लोेग भी जंगल में जहां गड्ढे हैं, उनमें पानी भर दें। ताकि जीवों को पानी की कमी न हो।
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- संजय वन में कराया उपचार, बीमारी का कारण नहीं हुआ उजागर
मेरठ।
रोहटा रोड स्थित अरावली गांव के जंगल में एक मोर बीमार अवस्था में मिला। तीन अन्य के मरने की भी चर्चा है, लेकिन पुष्टि नहीं हो पाई है। बीमार मोर का संजय वन में उपचार चल रहा है।
डीएफओ अदिति शर्मा ने बताया कि एनिमल केयर सोसायटी के सचिव अंशु माली वशिष्ठ ने वन विभाग की टीम को बीमार मोर के मिलने की सूचना दी थी। सूचना पर एनिमल केयर सोसायटी केविनय नौटियाल ने मोर का इलाज किया। उसे संजय वन लाया गया। वहां ओआरएस दिया जा रहा है। उसकी हालत में सुधार है। डीएफओ ने बताया कि टीम को तीन मोरों के मरने की भी सूचना दी गई थी। लेकिन मौके पर कुछ भी नहीं मिला। मोर की बीमारी का कारण कुछ लोग कीटनाशक दवा को बता रहे थे। डीएफओ का कहना है कि ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि आजकल गर्मी की वजह से पक्षियों में डी-हाईड्रेशन हो रहा है। ऐसे में लोग जंगल में जहां मोर दिखें, उसके आसपास हल्का चौड़ा गड्ढा खोदकर उसमें पानी भर दें। ताकि मोरों को पानी वजह से परेशानी न हो।
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सेंक्चुरी में भरे गए 11 वाटर हॉल
सेंक्चुरी में वन विभाग की तरफ से 11 वाटर हॉल बनाए गए थे। गर्मी में वन्य जीव जंतुओं को पानी की कमी न हो, इसके चलते इन वॉटर हॉल भरवा दिए गए हैं। डीएफओ ने कहा कि लोेग भी जंगल में जहां गड्ढे हैं, उनमें पानी भर दें। ताकि जीवों को पानी की कमी न हो।
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