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जो पुराणों को नही जानता वो विद्वान नही हो सकता
Updated Wed, 22 Aug 2018 01:52 AM IST
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जो पुराणों को नहीं जानता वो विद्वान नहीं हो सकता
मेरठ। श्री रामा संकीर्तन मंदिर में चल रही 41 दिवसीय शिव महापुराण कथा के 38वें दिन कथा व्यास पं हरिश उनियाल ने कहा कि पुराण के ज्ञान का सामंजस्य वेदों से है जो विद्वान छह अंगों और उपनिषदों को जानता है और पुराणों को नहीं जानता वो कभी श्रेष्ठ विद्वान नहीं बन सकता। प्रभुदत्त शर्मा ने विधि पूर्वक यजमान वीनू उमा व पूनम से पूजन संपन्न कराया। ट्रस्ट के महामंत्री सुरेश छाबड़ा ने सभी यजमानों को धन्यवाद दिया। कथा में विजय महरोल, शालू, सीमा कपूर, निर्मल, कविता आदि मौजूद रहे।
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मेरठ। श्री रामा संकीर्तन मंदिर में चल रही 41 दिवसीय शिव महापुराण कथा के 38वें दिन कथा व्यास पं हरिश उनियाल ने कहा कि पुराण के ज्ञान का सामंजस्य वेदों से है जो विद्वान छह अंगों और उपनिषदों को जानता है और पुराणों को नहीं जानता वो कभी श्रेष्ठ विद्वान नहीं बन सकता। प्रभुदत्त शर्मा ने विधि पूर्वक यजमान वीनू उमा व पूनम से पूजन संपन्न कराया। ट्रस्ट के महामंत्री सुरेश छाबड़ा ने सभी यजमानों को धन्यवाद दिया। कथा में विजय महरोल, शालू, सीमा कपूर, निर्मल, कविता आदि मौजूद रहे।