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रमजान में बाजार को 100 करोड़ की संजीवनी
Updated Wed, 16 May 2018 01:44 AM IST
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रमजान में बाजार को 100 करोड़ की संजीवनी
मेरठ। रमजान माह में शहर के बाजारों को करीब सौ करोड़ की संजीवनी मिलने वाली है। जिसके लिए होल सेल विक्रेताओं ने खाद्य सामग्री का स्टॉक भरना शुरू कर दिया है। वहीं, सहरी में इस्तेमाल होने वाले खजला, ब्रेड और सिवईं बनाने का काम बड़े स्तर पर चल रहा है।
रमजान माह में खाद्य सामग्री के साथ कपड़े और ज्वैलरी पर मुस्लिम वर्ग सबसे ज्यादा खर्च करता है। इसको देखते हुए शहर के कई बाजारों में इसकी तैयारियां भी जोरशोर से चल रही हैं। रमजान माह की शुरुआत चांद दिखाई देने पर निर्भर है। 17 या 18 मई को चांद दिखते ही यह पवित्र माह शुरू हो जाएगा। लेकिन इससे पहले ही शहर के मुख्य बाजार सजने लगे हैं। जिले में मुस्लिम वर्ग की आबादी करीब 13 लाख है। जो रमजान महीने में बाजारों को रफ्तार देने को तैयार हैं।
खाद्य सामग्री
पिछले आंकड़ों की बात करे तो बाजार को करीब सौ करोड़ की डोज मिलने वाली है। रमजान महीने में खाद्य सामग्री की डिमांड बढ़ जाती है। शहर का मुख्य थोक का बाजार गुदड़ी बाजार है, जहां सिवईं, खजले और ब्रेड बनाने का काम शुरू हो गया है। इसके लिए दुकानदारों ने स्टाक लगाना शुरू कर दिया है। बाजार के दुकानदार शहजाद ने बताया कि पूरे जिले से सहरी के लिए खाद्य सामग्री गुदड़ी बाजार से ही जाता है। जिसमेें हर दुकानदार की सेल प्रतिदिन 50 हजार से 1 लाख रुपये हो जाती है। यही कारण है रमजान महीने मेें शहर की गली-गली में खाद्य सामग्री बेचने को पांच हजार से ज्यादा स्टॉल लगाए जाते हैं।
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रेडीमेड गारमेंट्स
वहीं इसी माह में मुस्लिम परिवारों में नये कपड़ों की मांग भी बढ़ जाती है। जिसको लेकर भगत सिंह मार्केट, लिसाड़ी गेट चौराहा, लिसाड़ी रोड, हापुड़ रोड़, सुभाष बाजार, श्यामनगर रोड़, फतेउल्लापुर रोड पर कपड़ों की दुकानों पर अभी से भीड़ लगने लगी है। ईद आते-आते कपड़ों की दुकानों पर भीड़ बढ़ती जाएगी।
ज्वैलरी/कास्मेटिक
ईद की तैयारियों के साथ ही ज्वैलरी और कास्मेटिक का बाजार भी सजने लगता है। असली और आर्टिफिशियल दोनों ही तरह की ज्वैलरी की डिमांड रहती है तो कास्मेटिक और चूड़ियों आदि के लिए भगत सिंह मार्केट और मीना बाजार (घंटाघर) प्रमुख बाजार हैं।
कोल्ड ड्रिंक
गर्मी के चलते कोल्ड ड्रिंक्स और रियल जूस की डिमांड भी बढ़ती है। हर साल रमजान माह में करीब 1 करोड़ की कोल्ड ड्रिंक्स बेचने का औसत रहता है। कुल मिलाकर रमजान के पवित्र माह मेें बाजार को रफ्तार मिलने वाली है। जिसके लिए व्यापारियों ने पूरी तैयारी कर ली है।
खास बातें:
17 या 18 मई को चांद दिखते ही शुरू हो जाएगा रमजान माह
खाद्य सामग्री, कपड़ों और ज्वैलरी पर होता है सबसे ज्यादा खर्च
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मेरठ। रमजान माह में शहर के बाजारों को करीब सौ करोड़ की संजीवनी मिलने वाली है। जिसके लिए होल सेल विक्रेताओं ने खाद्य सामग्री का स्टॉक भरना शुरू कर दिया है। वहीं, सहरी में इस्तेमाल होने वाले खजला, ब्रेड और सिवईं बनाने का काम बड़े स्तर पर चल रहा है।
रमजान माह में खाद्य सामग्री के साथ कपड़े और ज्वैलरी पर मुस्लिम वर्ग सबसे ज्यादा खर्च करता है। इसको देखते हुए शहर के कई बाजारों में इसकी तैयारियां भी जोरशोर से चल रही हैं। रमजान माह की शुरुआत चांद दिखाई देने पर निर्भर है। 17 या 18 मई को चांद दिखते ही यह पवित्र माह शुरू हो जाएगा। लेकिन इससे पहले ही शहर के मुख्य बाजार सजने लगे हैं। जिले में मुस्लिम वर्ग की आबादी करीब 13 लाख है। जो रमजान महीने में बाजारों को रफ्तार देने को तैयार हैं।
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खाद्य सामग्री
पिछले आंकड़ों की बात करे तो बाजार को करीब सौ करोड़ की डोज मिलने वाली है। रमजान महीने में खाद्य सामग्री की डिमांड बढ़ जाती है। शहर का मुख्य थोक का बाजार गुदड़ी बाजार है, जहां सिवईं, खजले और ब्रेड बनाने का काम शुरू हो गया है। इसके लिए दुकानदारों ने स्टाक लगाना शुरू कर दिया है। बाजार के दुकानदार शहजाद ने बताया कि पूरे जिले से सहरी के लिए खाद्य सामग्री गुदड़ी बाजार से ही जाता है। जिसमेें हर दुकानदार की सेल प्रतिदिन 50 हजार से 1 लाख रुपये हो जाती है। यही कारण है रमजान महीने मेें शहर की गली-गली में खाद्य सामग्री बेचने को पांच हजार से ज्यादा स्टॉल लगाए जाते हैं।
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वहीं इसी माह में मुस्लिम परिवारों में नये कपड़ों की मांग भी बढ़ जाती है। जिसको लेकर भगत सिंह मार्केट, लिसाड़ी गेट चौराहा, लिसाड़ी रोड, हापुड़ रोड़, सुभाष बाजार, श्यामनगर रोड़, फतेउल्लापुर रोड पर कपड़ों की दुकानों पर अभी से भीड़ लगने लगी है। ईद आते-आते कपड़ों की दुकानों पर भीड़ बढ़ती जाएगी।
ज्वैलरी/कास्मेटिक
ईद की तैयारियों के साथ ही ज्वैलरी और कास्मेटिक का बाजार भी सजने लगता है। असली और आर्टिफिशियल दोनों ही तरह की ज्वैलरी की डिमांड रहती है तो कास्मेटिक और चूड़ियों आदि के लिए भगत सिंह मार्केट और मीना बाजार (घंटाघर) प्रमुख बाजार हैं।
कोल्ड ड्रिंक
गर्मी के चलते कोल्ड ड्रिंक्स और रियल जूस की डिमांड भी बढ़ती है। हर साल रमजान माह में करीब 1 करोड़ की कोल्ड ड्रिंक्स बेचने का औसत रहता है। कुल मिलाकर रमजान के पवित्र माह मेें बाजार को रफ्तार मिलने वाली है। जिसके लिए व्यापारियों ने पूरी तैयारी कर ली है।
खास बातें:
17 या 18 मई को चांद दिखते ही शुरू हो जाएगा रमजान माह
खाद्य सामग्री, कपड़ों और ज्वैलरी पर होता है सबसे ज्यादा खर्च